गौराबादशाहपुर। क्षेत्र के दर्जनों गावों के किसान छुट्टा पशुओं के आतंक से परेशान हैं। गेंहू और अन्य फसलों को पशुओं से बचाने के लिए किसान रातभर जाग कर खेतों की रखवाली कर रहे हैं। दर्जनों की संख्या में घूम रहे छुट्टा पशु रात में फसलों को चौपट कर रहे हैं। जिससे किसानाें की नींद हराम हो गई है। दिन भर खेतों की रखवाली करने के साथ किसान रात में भी चैन से नहीं सो पा रहे हैं। अभी तक किसान नीलगाय से फसलों को बचाने के लिए परेशान रहते थे। लेकिन अब छुट्टा पशु किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गए हैं। छुट्टा गाय और बछड़ों का झुंड एक साथ जिधर निकल रहा है उधर की फसल को चरने के साथ रौंदकर चौपट कर दे रहे हैं। क्षेत्र के कबीरुद्दीनपुर, केशवपुर, धर्मापुर, बिथार, गौरा, पिलखिनी, सरसौडा, मनिहांगोविंदपुर, भुईली, भदेवरा, बारी, देवाकलपुर, बसवत, अमरा, सुरैला, तारा पौनी आदि गांवों के किसान रात भर जागकर पहरा दे रहे हैं । इस समय बड़ी लागत लगाकर किसान मटर की खेती किए हुए हैं। जिसमें फूल फल लग रहे हैं। लेकिन छुट्टे पशुओं ने मटर के फसल को निशाना बनाकर चौपट करना शुरू कर दिया है। अधिकतर किसानों का फसल चौपट हो भी चुका है। वही क्षेत्र के किसान सुरैला निवासी अरुण सिंह, मनिहा निवासी जय प्रकाश दुबे, देवेन्द्र दुबे, बघन्द्ररा निवासी राजकेशर सिंह, तारा निवासी राजेश्वर सिंह, सरसौडा निवासी पहलवान सिंह, पौनी निवासी प्रदीप तिवारी आदि किसानों का कहना है कि अगर इसी तरह छुट्टा पशुओं की तादात बढ़ती रही और कोई रास्ता नहीं निकाला गया तो किसानों को भूखों मरना पड़ सकता है। ठंड के मौसम में जागकर हाथ में लाठी लेकर छुट्टे पशुओं के पीछे भागने पर मजबूर है। किसान शासन प्रशासन से गुहार लगाते है कि इस जटिल समस्या का कोई जल्द से जल्द उपाय निकाला जाए नही तो हम सभी किसान आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। किसानों ने जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करते हुए। छुट्टा पशुओं से फसल की सुरक्षा कराने के लिए पहल किए जाने की मांग की।