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1.75 लाख किराया चुकाकर ट्रक से पहुंचे 50 मजदूर

Tue, 12 May 2020 10:09 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 12 May 2020 10:09 PM IST
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50 laborers arrived by truck after paying 1.75 lakh fare
13- केराकत सी एच सी पर चेकअप कराने के लिए कतार में खड़े दूसरे प्रदेशों से आये मजदूर। - फोटो : JAUNPUR
पौने दो लाख किराए पर ट्रक लेकर पहुंचे 50 मजदूर
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- कई मजदूरों के परिजनों ने कर्ज लेकर भेजा था पैसा
संवाद न्यूज एजेंसी
जौनपुर। लॉक डाउन में महानगरों में फंसे प्रवासी मजदूरों की मजबूरी का फायदा ट्रक मालिक भी खूब उठा रहे हैं। सामान्य दिनों में जो ट्रक माल लेकर 60 से 70 हजार किराए में पहुंचते थे, वही ट्रक अब मजदूरों को पहुंचाने के लिए मुंहमांगा किराया वसूल रहे हैं। मंगलवार को 50 मजदूरों को भिवंडी से लाने के लिए ट्रक चालक ने एक लाख 75 हजार रुपये वसूल किए। प्रत्येक मजदूरों ने 3500 रुपये चुकाना पड़ा।

भिवंडी से ट्रक से आए सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के करसावां गांव निवासी कमलेश निषाद ने बताया कि वह पावरलूम चलाता था। 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के बाद से लूम बंद हो गया। मालिक ने 21 मार्च तक की मजदूरी थी। लाक डाउन में सारी रकम खर्च हो गई। घर आने के लिए उसने मिर्जापुर, जौनपुर, आजमगढ़ के 50 लोगों के साथ मिलकर एक ट्रक तय किया। ट्रक चालक बड़ी मिन्नत के बाद 1.75 लाख रुपये में उन्हें घर छोड़ने को तैयार हुआ। इसके लिए प्रत्येक मजदूर को 3500 रुपये चुकाने थे। कई लोगों के पास जेब में उस वक्त हजार पांच सौ रुपये ही थे। घर से फोन कर के बैंक खाते में पैसा मंगाया। कमलेश ने बताया कि उनके पिता ने कर्ज लेकर पैसे भेजे। आठ अप्रैल की शाम को वे निकले। भुसावल में किसी सामाजिक संगठन की ओर से लंगर चल रहा था, जहां उन्होंने खाना खाया। रास्ते में एक जगह और किसी समाजसेवी संगठनों की ओर से खिचड़ी और पानी मिला। ट्रक से आए अशोक निषाद, राजा निषाद, राजेश, छोटेलाल यादव को गांव के प्राइमरी स्कूल में क्वारंटीन किया गया है। उनका कहना है कि लूम बंद होने के बाद मालिक ने भले ही उन्हें फूटी कौड़ी नहीं दी, लेकिन पास में रह रहे किराना दुकानदार ने एक सप्ताह तक उन्हें उधार में राशन दिया यह सोचकर कि जब हम लोग वापस जाएंगे तो पैसे चुकाएंगे। उस दुकानदार का एहसान नहीं भूल सकते।
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