फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   350 people died and 400 were injured on national highways in one year

Jaunpur News: राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक साल में 350 की मौत, 400 लोग घायल

Sun, 08 Jun 2025 11:54 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 08 Jun 2025 11:54 PM IST
विज्ञापन
350 people died and 400 were injured on national highways in one year
जौनपुर। वाराणसी से लखनऊ को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 731-बी और एनएच-56 पर सड़क दुर्घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। तेज रफ्तार, खराब सड़कें, अतिक्रमण और यातायात नियमों की अनदेखी आए दिन जानलेवा साबित हो रही है। बीते तीन सालों के आंकड़ों पर गौर करें तो एक वर्ष में औसतन 350 की मौत व 400 लोग घायल हो रहे हैं। बक्शा सड़क हादसे में पांच की मौत व 14 घायलों के बाद से इसकी सड़क डिजाइनिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
विज्ञापन


इन दुर्घटनाओं के पीछे सबसे बड़ा कारण है यातायात प्रबंधन की कमी और प्रशासनिक उदासीनता। जगह-जगह पर गड्ढे, बिना संकेतक वाले मोड़, अवैध कट और सड़क किनारे अतिक्रमण लोगों के लिए मौत का जाल बन चुके हैं। ट्रैफिक पुलिस की सक्रियता न के बराबर है और स्थानीय प्रशासन की आंखें भी इन हादसों पर बंद हैं।
विज्ञापन


बदलापुर के मछली गांव निवासी संजय यादव ने बताया कि उन्होंने कई बार प्रशासन को पत्र लिखा, जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बदलापुर हाईवे पर हर महीने किसी न किसी का एक्सीडेंट होता है। अब तो लोग डर के साये में सफर करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


बक्शा के बख्खोपुर निवासी रविंद्र मिश्रा ने बताया कि मृतकों के आंकड़े राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की रिपोर्ट भी यही दर्शाती है कि इस मार्ग पर 16 ब्लैक स्पॉट की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके बावजूद न तो सड़क चौड़ी करने का प्रयास हो रहा है, न ही ट्रैफिक नियंत्रण के लिए कोई ठोस योजना बनाई गई है।
बढ़ती दुर्घटनाओं से सड़क डिजाइनिंग पर भी सवाल-लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर डीएम डा. दिनेश चंद्र ने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में खुद सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि दुर्घटनाओं का कारण कहीं न कहीं सड़क की डिजाइनिंग भी है। अंधे मोड़, ज्यादा घुमावदार टर्न, संकेतकों का अभाव, सर्विस लेन का अभाव, ब्लिंकर, कैट आई आदि की कमी से दुर्घटनाएं बढ़ी हैं। डीएम ने इसकी जांच के लिए अलग से टीम गठित की है। जल्द ही टीम रिपोर्ट अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।


ट्रैफिक नियमों के पालन व सख्ती से रुकेंगे सड़क हादसे :-हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी संख्या में हो रही दुर्घटनाओं के बावजूद जिम्मेदार अफसरों और नेताओं की चुप्पी साफ दर्शाती है कि आम लोगों की जान उनके लिए प्राथमिकता नहीं है। जरूरत है कि शासन-प्रशासन गंभीरता दिखाए, सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें, ट्रैफिक नियमों का पालन सख्ती से करवाया जाए और तकनीकी दृष्टि से सड़क सुधार की पहल की जाए, तभी इन दुर्घटनाओं पर अंकुश लग सकता है।


पिछले तीन साल के आंकड़े :-

वर्ष-दुर्घटना-मृत्यु- घायल

2022-514-338-240

2023-586-341-312

2024-589-354-356

सड़क दुर्घटनाओं में लोग यातायात नियमों का पालन करें और स्पीड नियंत्रण पर ध्यान दे तो ऐसी घटनाओं को होने से बचाया जा सकता है। जिन जगहों पर सड़क हादसे होते हैं उनको ब्लैक स्पॉट चिह्नित करके वहां डिवाइडर व संकेतक लगवाते हैं।- सुशील मिश्रा, टीआई, यातायात जौनपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed