{"_id":"5c9532d4bdec22142c5caf03","slug":"201553281748-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"झोकवन बहई बयार अटरिया लंबी छवाई द बालम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झोकवन बहई बयार अटरिया लंबी छवाई द बालम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बक्शा। क्षेत्र के सुजियामऊ गांव में गुरुवार को पारंपरिक होली गीत का आयोजन किया गया। इस दौरान फगुआ गीतों व वाद्य यंत्रों की धुन पर श्रोता देर शाम तक झूमते रहे। कलाकारों ने अवधी, फगुआ, उलारा, चैता, बेलवइया, चहका, धमार आदि गीत की शानदार प्रस्तुति दी।
पूर्व ब्लाक प्रमुख श्रीपति उपाध्याय उर्फ भैवा के आवास पर आयोजित होली मिलन गीत में प्रज्ञा चक्षु प्रख्यात गायक बाबू बजरंगी सिंह ने धमार गीत ‘मन बसा मोर वृंदावन’ में एवं वैसवारा ‘करिहौ का यार करिहौ का यार मैं तरुणी हरि छोट जतन करिहौ का यार’ सुना श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। इसके अलावा बड़कऊ उपाध्याय द्वारा चहका झोकवन बहई बयार अटरिया लम्बी छवाई द बालम प्रस्तुत कर मंत्रमुग्ध कर दिया। त्रिवेणी पाठक द्वारा बेलवइया गीत जब पाय अंतरदेशी चला आय बलम परदेशी सुनाया तो श्रोता वाह-वाह कर बैठे। प्रख्यात गायक लालसाहब पाठक, कैलाश शुक्ल, रामनवल शुक्ल, रामसकल दूबे, आशीष पाठक, कृष्णानन्द उपाध्याय, शिवानंद उपाध्याय आदि ने लुप्त हो रही लोकगीतों की बेहतरीन प्रस्तुति दी। सभाजीत द्विवेदी प्रखर ने हास्य कविता सुना मन मोह लिया। अंत में आयोजक एवं गीतों के संरक्षण में प्रमुख योगदान करने वाले श्री पति उपाध्याय ने आए हुए लोगों के प्रति आभार जताया। इस दौरान टीडी कालेज प्रबंधक अशोक सिंह, पंडित रामकृष्ण त्रिपाठी, विद्यापति त्रिपाठी, अभिमन्यु राय, डॉ. अरुण कुमार मिश्र, डॉ. मनोज मिश्र, संत प्रसाद राय, डॉ. रामेश्वर प्रसाद त्रिपाठी, नागेश पाठक, भुलेश्वर पांडेय, दयाशंकर पांडेय, राजेश मिश्र, डॉ. अशोक सिंह, राना सिंह, आरपी सिंह, लाल साहब सिंह, सत्यनारायण मिश्र, विद्यानंद उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
पूर्व ब्लाक प्रमुख श्रीपति उपाध्याय उर्फ भैवा के आवास पर आयोजित होली मिलन गीत में प्रज्ञा चक्षु प्रख्यात गायक बाबू बजरंगी सिंह ने धमार गीत ‘मन बसा मोर वृंदावन’ में एवं वैसवारा ‘करिहौ का यार करिहौ का यार मैं तरुणी हरि छोट जतन करिहौ का यार’ सुना श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। इसके अलावा बड़कऊ उपाध्याय द्वारा चहका झोकवन बहई बयार अटरिया लम्बी छवाई द बालम प्रस्तुत कर मंत्रमुग्ध कर दिया। त्रिवेणी पाठक द्वारा बेलवइया गीत जब पाय अंतरदेशी चला आय बलम परदेशी सुनाया तो श्रोता वाह-वाह कर बैठे। प्रख्यात गायक लालसाहब पाठक, कैलाश शुक्ल, रामनवल शुक्ल, रामसकल दूबे, आशीष पाठक, कृष्णानन्द उपाध्याय, शिवानंद उपाध्याय आदि ने लुप्त हो रही लोकगीतों की बेहतरीन प्रस्तुति दी। सभाजीत द्विवेदी प्रखर ने हास्य कविता सुना मन मोह लिया। अंत में आयोजक एवं गीतों के संरक्षण में प्रमुख योगदान करने वाले श्री पति उपाध्याय ने आए हुए लोगों के प्रति आभार जताया। इस दौरान टीडी कालेज प्रबंधक अशोक सिंह, पंडित रामकृष्ण त्रिपाठी, विद्यापति त्रिपाठी, अभिमन्यु राय, डॉ. अरुण कुमार मिश्र, डॉ. मनोज मिश्र, संत प्रसाद राय, डॉ. रामेश्वर प्रसाद त्रिपाठी, नागेश पाठक, भुलेश्वर पांडेय, दयाशंकर पांडेय, राजेश मिश्र, डॉ. अशोक सिंह, राना सिंह, आरपी सिंह, लाल साहब सिंह, सत्यनारायण मिश्र, विद्यानंद उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन