{"_id":"5ca25b3cbdec2214216cd409","slug":"181554144060-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कवि सम्मेलन एवं मुशायरे में श्रोता हुए मंत्रमुग्ध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कवि सम्मेलन एवं मुशायरे में श्रोता हुए मंत्रमुग्ध
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शाहगंज (जौनपुर)। जेसीआई शाहगंज संस्कार द्वारा रविवार की रात नगर के एराकियाना मोहल्ला स्थित ग्रैंड लान में दिव्यांग सहायतार्थ अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कवियों ने देशभक्ति, हास्य एवं शृंगार रस की रचनाओं से लोगों को मंत्रमुग्ध किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के मंडल अध्यक्ष अश्वनी कुमार, विशिष्ट अतिथि डा. वीरेन्द्र विक्रम यादव, गुलाम साबिर, सुजीत जायसवाल ने दीप प्रज्वलित कर कवि सम्मेलन की शुरुआत की। पूरी रात चले कार्यक्रम में कानपुर से आये हास्य-व्यंग्य के कवि केके अग्निहोत्री ने सूखा सूखा सावन देखा, ऐसा भी मन भावन देखा, ऊपर से रघुनंदन देखे, अंदर उनके रावण देखा। सुनाकर दल बदले की सियासत पर प्रहार किया तो लोग झूम उठे। जौनपुर की कवयित्री विभा तिवारी ने सुनाया वक्त गुजरा जिन्हें हंसाने में, वो लगे हैं हमें रुलाने में सुनाकर खूब वाहवाही बटोरी। गीतकार राहुल राज मिश्रा ने संस्था पर गीत प्रस्तुत किया। देश बनाने को निकला है जेसीआई भारत, गौरव लाने को निकला है जेसीआई भारत सुनाकर वाहवाही लूटी। हास्य कवि विकास बौखल ने हिन्द वाले शेर पाक जा के जो दहाड़ देंगे, गीदड़ तुम्हारे ये बेचारे मर जाएंगे सुनाया तो लोग झूमने को मजबूर हो गए। वहीं उदय नारायण सिंह निर्झर ने अपनी रचना जमाने के थपेड़ो को कभी जो सह नहीं सकता। समय सागर की धारा में निरंतर बह नही सकता सुनाकर खूब तालियां बटोरी। कार्यक्रम में देवरिया से आई सुश्री शिवा त्रिपाठी, मुम्बई से आये टीवी फेम दुर्गेश दुबे, लखनऊ से आये ओज कवि ललित दीपक, अमन सुल्तानपुरी ने अपनी कविता, गीत, गजलों से लोगों को पूरी रात जगाए रखा। संस्था के अध्यक्ष पंकज सिंह व कार्यक्रम संयोजक एखलाक खान ने आभार प्रकट किया। इस मौके पर राजेश सिंह, डा. एमएस खान, राजेश चौबे, मो. शाहिद नईम, डा. तबरेज आलम, डा. आलोक सिंह पालीवाल, रविशंकर वर्मा, मो. आसिफ, हसन मेंहदी, तारिक एराकी, तलहा जोहर, साकिब खान, डा. अतुल यादव, डा. जीशान जफर, मिन्हाज एराकी, शोएब, नौशाद, विनायक आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के मंडल अध्यक्ष अश्वनी कुमार, विशिष्ट अतिथि डा. वीरेन्द्र विक्रम यादव, गुलाम साबिर, सुजीत जायसवाल ने दीप प्रज्वलित कर कवि सम्मेलन की शुरुआत की। पूरी रात चले कार्यक्रम में कानपुर से आये हास्य-व्यंग्य के कवि केके अग्निहोत्री ने सूखा सूखा सावन देखा, ऐसा भी मन भावन देखा, ऊपर से रघुनंदन देखे, अंदर उनके रावण देखा। सुनाकर दल बदले की सियासत पर प्रहार किया तो लोग झूम उठे। जौनपुर की कवयित्री विभा तिवारी ने सुनाया वक्त गुजरा जिन्हें हंसाने में, वो लगे हैं हमें रुलाने में सुनाकर खूब वाहवाही बटोरी। गीतकार राहुल राज मिश्रा ने संस्था पर गीत प्रस्तुत किया। देश बनाने को निकला है जेसीआई भारत, गौरव लाने को निकला है जेसीआई भारत सुनाकर वाहवाही लूटी। हास्य कवि विकास बौखल ने हिन्द वाले शेर पाक जा के जो दहाड़ देंगे, गीदड़ तुम्हारे ये बेचारे मर जाएंगे सुनाया तो लोग झूमने को मजबूर हो गए। वहीं उदय नारायण सिंह निर्झर ने अपनी रचना जमाने के थपेड़ो को कभी जो सह नहीं सकता। समय सागर की धारा में निरंतर बह नही सकता सुनाकर खूब तालियां बटोरी। कार्यक्रम में देवरिया से आई सुश्री शिवा त्रिपाठी, मुम्बई से आये टीवी फेम दुर्गेश दुबे, लखनऊ से आये ओज कवि ललित दीपक, अमन सुल्तानपुरी ने अपनी कविता, गीत, गजलों से लोगों को पूरी रात जगाए रखा। संस्था के अध्यक्ष पंकज सिंह व कार्यक्रम संयोजक एखलाक खान ने आभार प्रकट किया। इस मौके पर राजेश सिंह, डा. एमएस खान, राजेश चौबे, मो. शाहिद नईम, डा. तबरेज आलम, डा. आलोक सिंह पालीवाल, रविशंकर वर्मा, मो. आसिफ, हसन मेंहदी, तारिक एराकी, तलहा जोहर, साकिब खान, डा. अतुल यादव, डा. जीशान जफर, मिन्हाज एराकी, शोएब, नौशाद, विनायक आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन