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मोहब्बत के तराने जब लबो तक ही ना आएंगे ....

Fri, 01 Mar 2019 12:03 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 01 Mar 2019 12:03 AM IST
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मोहब्बत के तराने जब लबो तक ही ना आएंगे ....
जौनपुर। साहित्य जगत के सशक्त हस्ताक्षर कृष्णकांत एकलव्य की 79वीं जयंती के अवसर पर एकलव्य फाउंडेशन के तत्वाधान में गुरुवार को रुहट्टा स्थित यूरो किड्स स्कूलमें एक शाम शहीदों के नाम का आयोजन किया गया। इस दौरान कृष्णकांत एकलव्य के कृतित्व व व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला गया। इस दौरान तीन सोपान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रथम चरण में पत्रिका व्यंग तरंग व्यक्तित्व विशेषांक का लोकार्पण किया गया।
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मुख्य अतिथि समाजसेवी व उद्योगपति अशोक सिंह ने कहा कि कृष्णकांत एकलव्य की रचना धर्मिता अतुलनीय थी। वह अपनी कृतियों से अजर अमर हो गए। वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश सिंह, व्यापार मंडल के अध्यक्ष इंद्रभान सिंह इंदु, एकलव्य फाउंडेशन के अध्यक्ष व कर्मचारी नेता राकेश श्रीवास्तव, प्रोफेसर आरएन सिंह, डापीसी विश्वकर्मा आदि ने कृष्णकांत एकलव्य के व्यक्तित्व, कृतित्व एवं संस्मरण की चर्चा करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की । द्वितीय सोपान में डा. इंद्रसेन श्रीवास्तवमुन्ना, कवित्री गीता श्रीवास्तव, लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र नेता ऋतुराज श्रीवास्तव दीनू, जूरी जज दिलीप सिंह औरबार एसोसिएशन के पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्यामलकांत श्रीवास्तव को एकलव्य रत्नसम्मान प्रदान किया गया। अतिथियों का स्वागत पत्रिका के संपादक सरोज श्रीवास्तव ने किया। संचालन प्रोफेसर आरएन सिंह व सरोज श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से किया। तृतीय सोपान में आधी रात तक चले कवि सम्मेलन मुशायरा में मुनींद्र नाथश्रीवास्तव ने अनगढ़ पत्थर तराशा जा रहा है असत में सत को तलाशा जा रहा है सुनाया। अखिलेश द्विवेदी ने मोहब्बत के तराने जब लबो तक ही ना आएंगे... सुनाकर खूब वाहवाही बटोरी। जनार्दनप्रसाद अस्थाना पथिक ने कहानी वह लिखो सुने तो दिल में आन आ जाए जवानी जोश से भर जाए फिर तूफान आ जाए और अंसार जौनपुरी ने जिंदगी जिसकी है तेरे नाम ए वतन है वही काबिल एहतराजए वतन सुनाया। इसके अलावां डा. पीसी वर्मा, प्रेम जौनपुरी,अखिलानंद ,गिरीश कुमार गिरीश, गीतकार डा. सुरेश लखनऊ, रीता श्रीवास्तव सभाजीत दिवेदी प्रखर, विभा तिवारी व डॉ प्रमोद वाचस्पति आदि कवियों ने अपनी रचानएं सुनाकर खूब वाहवाही बटोरी। कार्यक्रमकी अध्यक्षता जनसंत योगी देवनाथ ने की। सरोज श्रीवास्तव ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार जताया। इस मौके पर रमाशंकर सिंह, आनंदमोहन श्रीवास्तव, विनोद कुमार सिंह, दीपक श्रीवास्तव, धीरज सिंह, बाबा विनय श्रीवास्तव, रविश्रीवास्तव, एडवोकेट संजय उपाध्याय, कृष्ण कुमार श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे ।
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