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पीएम किसान सम्मान निधि की धनराशि बढ़ाने की मांग
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जौनपुर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की मिलने वाली धनराशि को छह हजार से बढ़ाकर 12 हजार करने को लेकर भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक द्वारा शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में किसान पंचायत किया। इस दौरान मांगों को पूरा करने की आवाज बुलंद की। साथ ही नौ सूत्रीय मांग पत्र जिलाधिकारी को सौपा।
जिलाध्यक्ष राजनाथ यादव ने कहा कि किसानों को अन्नदाता तो कहा जाता है। लेकिन उनकी समस्याओं का निदान नहीं हो पाता है। जिससे किसानों को दिक्कत होती है। अगर किसानों की सभी समस्याएं दूर हो जाए तो वे भी खुशहाल रहें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ किसानों को दिया जा रहा है। जिसमें एक साल में तीन किश्तों में छह हजार रुपया दिया जा रहा है। किसानों को प्रतिमाह मात्र 500 रुपये मिल रहा है, जो खेती करने के लिए इस महंगाई में काफी कम हैं। इस लिए धनराशि को बढ़ा कर 12 हजार किया जाए, जो किसानों के हित में होगा। इसके अलावां बिजली का बढ़ा हुआ दर वापस लेने, धान का समर्थन मूल्य कम से कम तीन हजार रुपया प्रति कुंतल करने, केसीसी पर व्याज मुफ्त ऋण उपलब्ध कराने, न्यायपंचायत स्तर पर एक राजकीय पशु अस्पताल खुलवानेक, भूमिहीन परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने आदि की मांग की गई है। पंचायत का संचालन शैलेश वर्मूा ने किया। पंचायत में सीताराम, बाबूराम, शोभनाथ, अमरनाथ, राजेश, रमेश,शारदा, सरोजा, शीला, चिंता,शकुंतला, लीलावती सविता, कुसुम, कलावती, पूनम,सूरजन, श्रीराम, मुन्ना, गोपाल आदि उपस्थित रहे।
जिलाध्यक्ष राजनाथ यादव ने कहा कि किसानों को अन्नदाता तो कहा जाता है। लेकिन उनकी समस्याओं का निदान नहीं हो पाता है। जिससे किसानों को दिक्कत होती है। अगर किसानों की सभी समस्याएं दूर हो जाए तो वे भी खुशहाल रहें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ किसानों को दिया जा रहा है। जिसमें एक साल में तीन किश्तों में छह हजार रुपया दिया जा रहा है। किसानों को प्रतिमाह मात्र 500 रुपये मिल रहा है, जो खेती करने के लिए इस महंगाई में काफी कम हैं। इस लिए धनराशि को बढ़ा कर 12 हजार किया जाए, जो किसानों के हित में होगा। इसके अलावां बिजली का बढ़ा हुआ दर वापस लेने, धान का समर्थन मूल्य कम से कम तीन हजार रुपया प्रति कुंतल करने, केसीसी पर व्याज मुफ्त ऋण उपलब्ध कराने, न्यायपंचायत स्तर पर एक राजकीय पशु अस्पताल खुलवानेक, भूमिहीन परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने आदि की मांग की गई है। पंचायत का संचालन शैलेश वर्मूा ने किया। पंचायत में सीताराम, बाबूराम, शोभनाथ, अमरनाथ, राजेश, रमेश,शारदा, सरोजा, शीला, चिंता,शकुंतला, लीलावती सविता, कुसुम, कलावती, पूनम,सूरजन, श्रीराम, मुन्ना, गोपाल आदि उपस्थित रहे।
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