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मनरेगा मजदूरों को फंसा मजदूरी का करोडों रूपये
Updated Fri, 30 Nov 2018 12:28 AM IST
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बदलापुर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मनरेगा के अंतर्गत बदलापुर ब्लाक क्षेत्र की 95 ग्राम पंचायतों के पांच हजार से अधिक मजदूरों के सामने रोटी का संकट पैदा हो गया है। पिछले दो महीने से मजदूरी का भुगतान लटका हुआ है, जिससे मजदूर परेशान हैं। बदलापुर ब्लॉक की 95 ग्राम पंचायतों में 21795 जाब कार्डधारक मनरेगा मजदूर हैं लेकिन सक्रिय मजदूरों की संख्या आधे से भी कम है। इनमें पांच हजार से ज्यादा मजदूरों को पिछले दो महीने से मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ है। बजट के अभाव में 1.72 करोड़ रुपये मजदूरी लटकी हुई है। इससे आक्रोशित मजदूरों के कोपभाजन का शिकार ग्राम प्रधान हो रहे हैं। मजदूरों का कहना है कि पिछले दो माह में दशहरा, दीपावली, विजयदशमी जैसे त्योहारों पर भी उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया। वहीं, कछौरा के ग्राम प्रधान अरविंद तिवारी, इनामीपुर के चंदन तिवारी, घनश्यामपुर की मीना सेठ, कुशहां के चंचल सिंह, मरगूपुर के राजेश सिंह, रैभानीपुर के बंशराज और हिम्मतपुर के प्रधान कमलेश यादव ने बताया कि बजट के अभाव में मजदूरी का भुगतान नहीं हो पा रहा है। ऐसे में मजदूर काम के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं। नियम के मुताबिक किसी भी दशा में मनरेगा मजदूरों को 15 दिन में उनकी मजदूरी का भुगतान कर दिया जाना चाहिए किंतु दो माह के बाद भी मजदूरी लटकी हुई है। इस बारे में मनरेगा उपायुक्त कमलेश सोनी ने बताया कि 671.94 करोड़ रुपये मनरेगा के खाते में आया है। जल्द ही मजदूरों के खाते में उनकी मजदूरी का भुगतान कर दिया जाएगा।
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