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रीक्षा छूटते ही जाम हो गया पूरा शहर, जूझते रहे लोग
Updated Mon, 19 Nov 2018 01:07 AM IST
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जौनपुर। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) छूटने के बाद रविवार को शहर का यातायात ठहर गया। राहगीर और परीक्षार्थी घंटों जाम में फंसे रहे। पुलिस और होमगार्ड के जवान भी जाम के आगे असहाय दिखे। सुबह परीक्षा शुरू होने से पहले भी शहर में जाम लगा लेकिन दोपहर और शाम को परीक्षा छूटने पर लोग घंटों फंसे रहे।
टीईटी के 52 परीक्षा केंद्रों 35420 परीक्षार्थियों को शामिल होना था। अधिकतर परीक्षार्थियों के साथ उनके अभिभावक भी आए थे। इससे शहर में भीड़ का दबाव अचानक बढ़ गया। भीड़ को देखते हुए यातायात पुलिस ने तैयारी की थी लेने ऐन मौके पर व्यवस्था ध्वस्त हो गई। सुबह की पाली में प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक भर्ती के लिए पात्रता परीक्षा थी जबकि दूसरी पाली में जूनियर हाईस्कूल में शिक्षक भर्ती के लिए पात्रता परीक्षा आयोजित थी। अधिकतर छात्रों ने दोनों पाली की परीक्षा के लिए आवेदन किया। दोनों पालियों की परीक्षा के लिए उन्हें अलग अलग केंद्र पर परीक्षा देनी थी। इस नाते जब पहली पाली की परीक्षा साढ़े बारह बजे खत्म हुई तो दूसरे सेंटर पर समय से पहुंचने के लिए आपाधापी मच गई। दूसरी पालीस्त्रत्त् की परीक्षा के लिए छात्रों को 25 से तीस किलोमीटर या इससे भी अधिक दूर के सेंटर पर जाना था। दोपहर में पहली पाली की परीक्षा समाप्त होते ही आचानक हजारों लोगों का हूजूम जब सड़क पर पहुंचा तो भंडारी स्टेशन से लेकर सुतहट्टी, कोतवाली, चहारसू, शकरमंडी से लेकर ओालंदगंज, कचहरी रोड, सद्भावना पुल, शास्त्री पुल, सिपाह, जेसीज चौहारा, पालिटेक्निक, लाइन बाजार समेत शहर की गलियां भी जाम हो गई। भीड़ का दबाव बढने की जानकारी पहले से होने के बाद भी दोपहर में परीक्षा छूटने के समय शहर में चार पहिया वाहनों को घुसने पर कोई रोक टोक नहीं लगाई गई। ओलंदगंज, शाहीपुल, हरलालका रोड, कोतवाली जैसे भीड़ वाले इलाकों में लगे जाम में कई चार पहिया वाहन फंसे रहे। शाहगंज के अमर बहादुर और उनके साथी नरेंद्र गौतम की दूसरी पाली की परीक्षा मडिय़ाहूं में थी। जाम में फंसने के कारण उनकी परीक्षा छूट गई। बदलापुर के बृजेश यादव और नौपेड़वा के संतोष कुमार जायसवाल ने बताया कि जाम में फंसने के कारण वे दूसरे परीक्षा केंद्र पर बीस मिनट देरी से पहुंचे। एसपी सिटी डा. अनिल पांडेय का कहना है कि शहर में गाड़ियों का दवाब बढ़ने एवं ओवरटेक कर ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करने की वजह से ऐसी स्थिति पैदा हो गई।
टीईटी के 52 परीक्षा केंद्रों 35420 परीक्षार्थियों को शामिल होना था। अधिकतर परीक्षार्थियों के साथ उनके अभिभावक भी आए थे। इससे शहर में भीड़ का दबाव अचानक बढ़ गया। भीड़ को देखते हुए यातायात पुलिस ने तैयारी की थी लेने ऐन मौके पर व्यवस्था ध्वस्त हो गई। सुबह की पाली में प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक भर्ती के लिए पात्रता परीक्षा थी जबकि दूसरी पाली में जूनियर हाईस्कूल में शिक्षक भर्ती के लिए पात्रता परीक्षा आयोजित थी। अधिकतर छात्रों ने दोनों पाली की परीक्षा के लिए आवेदन किया। दोनों पालियों की परीक्षा के लिए उन्हें अलग अलग केंद्र पर परीक्षा देनी थी। इस नाते जब पहली पाली की परीक्षा साढ़े बारह बजे खत्म हुई तो दूसरे सेंटर पर समय से पहुंचने के लिए आपाधापी मच गई। दूसरी पालीस्त्रत्त् की परीक्षा के लिए छात्रों को 25 से तीस किलोमीटर या इससे भी अधिक दूर के सेंटर पर जाना था। दोपहर में पहली पाली की परीक्षा समाप्त होते ही आचानक हजारों लोगों का हूजूम जब सड़क पर पहुंचा तो भंडारी स्टेशन से लेकर सुतहट्टी, कोतवाली, चहारसू, शकरमंडी से लेकर ओालंदगंज, कचहरी रोड, सद्भावना पुल, शास्त्री पुल, सिपाह, जेसीज चौहारा, पालिटेक्निक, लाइन बाजार समेत शहर की गलियां भी जाम हो गई। भीड़ का दबाव बढने की जानकारी पहले से होने के बाद भी दोपहर में परीक्षा छूटने के समय शहर में चार पहिया वाहनों को घुसने पर कोई रोक टोक नहीं लगाई गई। ओलंदगंज, शाहीपुल, हरलालका रोड, कोतवाली जैसे भीड़ वाले इलाकों में लगे जाम में कई चार पहिया वाहन फंसे रहे। शाहगंज के अमर बहादुर और उनके साथी नरेंद्र गौतम की दूसरी पाली की परीक्षा मडिय़ाहूं में थी। जाम में फंसने के कारण उनकी परीक्षा छूट गई। बदलापुर के बृजेश यादव और नौपेड़वा के संतोष कुमार जायसवाल ने बताया कि जाम में फंसने के कारण वे दूसरे परीक्षा केंद्र पर बीस मिनट देरी से पहुंचे। एसपी सिटी डा. अनिल पांडेय का कहना है कि शहर में गाड़ियों का दवाब बढ़ने एवं ओवरटेक कर ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करने की वजह से ऐसी स्थिति पैदा हो गई।
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