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यातायात माह पर सवाल, नहीं सुधरी वाहनों की चाल
Updated Sun, 18 Nov 2018 12:31 AM IST
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जौनपुर। यातायात माह 17 दिनों तक रस्मी ही रहा है। पुलिस लाइन से निकली एक रैली को छोड़ दिया जाए तो कोई कारगर पहल नहीं की गई है।जिले में यातायात को सुगम और सुव्यवस्थित बनाने की कोई कार्ययोजना ट्रैफिक पुलिस ने नहीं बनाई है। नतीजतन शहर में रोजाना जाम लग रहा है और यातायात नियमों की तो खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
शहर में हर रोज घंटों जाम लग रहा है। ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। बाइक पर चार-चार लोग बैठकर चल रहे हैं। ओवरलोड ट्रकें फर्राटा भर रही हैं। पुलिसकर्मी से लेकर आम लोग बिना हेलमेट के बाइक चला रहा है। हर रोज हादसे की घटनाएं हो रही है। नियम और कानून को ताख पर रखकर डग्गामार वाहन दौड़ रहे हैं। न तो चेकिंग अभियान चल रहा है और न ही कोई गतिविधि ही दिखाई दे रही है। जिससे जनता को यातायात माह के आगाज का अहसास हो। शहर की बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्रयास होना चाहिए। छ: माह पहले डीएम की पहल पर ओलन्दगंज को जाम से मुक्त कराने के लिए वन-वे योजना बनी जो कारगर भी हुई लेकिन हाइवे पर जाम से निजात दिलाने के लिए कोई पहल शुरू नहीं हुई। कागजों में ट्रैफिक का प्लान हर साल बनता बिगड़ता है लेकिन धरातल पर जाम से लोगों को निजात नहीं मिल पाता है। यातायात माह में यातायात पुलिस सिर्फ जुर्माना की ही वसूली में लगी है। शनिवार को शेषपुर, जेसीज, लाइन बाजार सहित कई थानों पर ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाते वाहन देखे गए।
नहीं लगाते हेलमेट
जौनपुर। शहर में करीब 10 हजार लोग बाइक से हर रोज गुजरते हैं लेकिन इसमें आठ हजार लोग ऐसे हैं जो हेलमेट नहीं पहनते। इसमें दो हजार वाहनों पर तीन सवारी होती है। इसमें 15 वर्ष से 22 वर्ष के युवाओं की संख्या अधिक है। यही कारण है कि सबसे अधिक हादसे के शिकार युवा हो रहे हैं। चेकिंग का यातायात माह में खास महत्व है लेकिन कोई चेकिंग नहीं हो रही है। जिसकी वजह से लड़के वाहनों को सड़क पर नचाते हैं।
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यातायात माह के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। जल्द ही प्रभावी होगी। हाल ही में पुलिस लाइन से रैली निकाली गई है। जागरूक अभियान चलाने का निर्देश यातायात पुलिस को दिया गया है। जल्द ही अभियान चलाकर कार्रवाई होगी।
दिनेश पाल सिंह
एसपी
शहर में हर रोज घंटों जाम लग रहा है। ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। बाइक पर चार-चार लोग बैठकर चल रहे हैं। ओवरलोड ट्रकें फर्राटा भर रही हैं। पुलिसकर्मी से लेकर आम लोग बिना हेलमेट के बाइक चला रहा है। हर रोज हादसे की घटनाएं हो रही है। नियम और कानून को ताख पर रखकर डग्गामार वाहन दौड़ रहे हैं। न तो चेकिंग अभियान चल रहा है और न ही कोई गतिविधि ही दिखाई दे रही है। जिससे जनता को यातायात माह के आगाज का अहसास हो। शहर की बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्रयास होना चाहिए। छ: माह पहले डीएम की पहल पर ओलन्दगंज को जाम से मुक्त कराने के लिए वन-वे योजना बनी जो कारगर भी हुई लेकिन हाइवे पर जाम से निजात दिलाने के लिए कोई पहल शुरू नहीं हुई। कागजों में ट्रैफिक का प्लान हर साल बनता बिगड़ता है लेकिन धरातल पर जाम से लोगों को निजात नहीं मिल पाता है। यातायात माह में यातायात पुलिस सिर्फ जुर्माना की ही वसूली में लगी है। शनिवार को शेषपुर, जेसीज, लाइन बाजार सहित कई थानों पर ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाते वाहन देखे गए।
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नहीं लगाते हेलमेट
जौनपुर। शहर में करीब 10 हजार लोग बाइक से हर रोज गुजरते हैं लेकिन इसमें आठ हजार लोग ऐसे हैं जो हेलमेट नहीं पहनते। इसमें दो हजार वाहनों पर तीन सवारी होती है। इसमें 15 वर्ष से 22 वर्ष के युवाओं की संख्या अधिक है। यही कारण है कि सबसे अधिक हादसे के शिकार युवा हो रहे हैं। चेकिंग का यातायात माह में खास महत्व है लेकिन कोई चेकिंग नहीं हो रही है। जिसकी वजह से लड़के वाहनों को सड़क पर नचाते हैं।
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यातायात माह के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। जल्द ही प्रभावी होगी। हाल ही में पुलिस लाइन से रैली निकाली गई है। जागरूक अभियान चलाने का निर्देश यातायात पुलिस को दिया गया है। जल्द ही अभियान चलाकर कार्रवाई होगी।
दिनेश पाल सिंह
एसपी