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दैवीय आपदा के तहत पांच और आपदा हुए शामिल
Updated Sun, 18 Nov 2018 01:03 AM IST
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जौनपुर। अब नाव दुर्घटना, सर्पदंश , सीवर सफाई, गैस रिसाव व बोरबेल से भी मरने वाले लोगों को दैविय आपदा का लाभ मिलेगा। इसके तहत मृतक परिजनों को चार लाख रुपए दिए जाते हैं। इसके पहले विद्युत, आंधी-तूफान, लू व बिजली से मरने वालों को सह सुविधा दी जाती थी। इसके तहत जिले में सर्प दंश से मरने वाले आठ लोगों को 32 लाख रुपया दिया जा चुका है।
सरकार राज्य और राष्ट्रीय आपदा मोचक निधि के तहत आपदा पीड़ित परिजनों को सहायता प्रदान की जाती है। इसके तहत मरने वाले व्यक्ति के परिजनों को चार लाख रुपये की सहायता दी जाती है। इसका लाभ अभी तक बेमौसम वर्षा, बिजली गिरने, आंधी तूफान, लू से मरने वाले व्यक्ति के परिजनों को दिया जाता था। सरकार ने अब पांच नई आपदाओं को भी इसमें शामिल किया है। अब नाव दुर्घटना, सर्पदंश , सीवर सफाई, गैस रिसाव व बोरबेल से मरने वालों को भी आपदा की श्रेणी में रखा गया है। इससे मरने वालों के परिजनों भी चार लाख रुपए की सहायता मुहैया कराएगी। जिले में सर्पदंश से मरने वाले आठ लोगों को 32 लाख रुपया देकर लाभान्वित किया गया है। इसमें खुटहन निवासिनी कलावती पत्नी रमाशंकर व निर्मला देवी पत्नी बजरंगी, सोंगर निवासी सभापति पत्नी हंसराज, हसनपुर निवासिनी गीता देवी पत्नी स्व.शिवपूजन, सैदपुर गड़उर निवासिनी प्रियंका पत्नी इंद्रसेन, अमरौना निवासिनी विमला देवी पत्नी स्व.लौटू, औरा निवासिनी सोना गुप्ता पुत्री जयशंकर आदि को लाभांवित कर दिया गया है।
वन्य जीव से मारे गए लोगों को मिलेंगे पांच लाख
जौनपुर। मानव वन्य -जीव द्वंद्व को भी सरकार द्वारा अब राज्य आपदा घोषित किया गया है। जिसमें वन्य जीव बाघ, शेर, तेंदुआ, भेड़िया, लकड़बग्घा, मगरमच्छ, हाथी, गैंडा व जंगली सुअर के आक्रमण से मरने वाले व्यक्ति को दैविय आपदा के तहत लाभांवित किया जाएगा। इस दौरान मरने वाले के परिजनों को पांच लाख रुपया दिया जाएगा। जिसमें एक लाख रुपया वन विभाग द्वारा अपने विभागीय बजट से देगा।
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सरकार द्वारा दैविय आपदा के तहत पांच नए आपदाओं को शामिल किया गया है। इन आपदाओं से मरने वाले लोगों के परिजनों को चार लाख रुपया मिलेगा। वहीं वन्य जीव से मरने वाले लोगों के परिजनों को पांच लाख रुपया मिलेगा। अभी तक सर्पदंश से मरने वाले आठ लोगों के परिजनों को 32 लाख रुपया दिए गए हैं।-आरपी मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (वित्त व राजस्व)
सरकार राज्य और राष्ट्रीय आपदा मोचक निधि के तहत आपदा पीड़ित परिजनों को सहायता प्रदान की जाती है। इसके तहत मरने वाले व्यक्ति के परिजनों को चार लाख रुपये की सहायता दी जाती है। इसका लाभ अभी तक बेमौसम वर्षा, बिजली गिरने, आंधी तूफान, लू से मरने वाले व्यक्ति के परिजनों को दिया जाता था। सरकार ने अब पांच नई आपदाओं को भी इसमें शामिल किया है। अब नाव दुर्घटना, सर्पदंश , सीवर सफाई, गैस रिसाव व बोरबेल से मरने वालों को भी आपदा की श्रेणी में रखा गया है। इससे मरने वालों के परिजनों भी चार लाख रुपए की सहायता मुहैया कराएगी। जिले में सर्पदंश से मरने वाले आठ लोगों को 32 लाख रुपया देकर लाभान्वित किया गया है। इसमें खुटहन निवासिनी कलावती पत्नी रमाशंकर व निर्मला देवी पत्नी बजरंगी, सोंगर निवासी सभापति पत्नी हंसराज, हसनपुर निवासिनी गीता देवी पत्नी स्व.शिवपूजन, सैदपुर गड़उर निवासिनी प्रियंका पत्नी इंद्रसेन, अमरौना निवासिनी विमला देवी पत्नी स्व.लौटू, औरा निवासिनी सोना गुप्ता पुत्री जयशंकर आदि को लाभांवित कर दिया गया है।
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वन्य जीव से मारे गए लोगों को मिलेंगे पांच लाख
जौनपुर। मानव वन्य -जीव द्वंद्व को भी सरकार द्वारा अब राज्य आपदा घोषित किया गया है। जिसमें वन्य जीव बाघ, शेर, तेंदुआ, भेड़िया, लकड़बग्घा, मगरमच्छ, हाथी, गैंडा व जंगली सुअर के आक्रमण से मरने वाले व्यक्ति को दैविय आपदा के तहत लाभांवित किया जाएगा। इस दौरान मरने वाले के परिजनों को पांच लाख रुपया दिया जाएगा। जिसमें एक लाख रुपया वन विभाग द्वारा अपने विभागीय बजट से देगा।
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सरकार द्वारा दैविय आपदा के तहत पांच नए आपदाओं को शामिल किया गया है। इन आपदाओं से मरने वाले लोगों के परिजनों को चार लाख रुपया मिलेगा। वहीं वन्य जीव से मरने वाले लोगों के परिजनों को पांच लाख रुपया मिलेगा। अभी तक सर्पदंश से मरने वाले आठ लोगों के परिजनों को 32 लाख रुपया दिए गए हैं।-आरपी मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (वित्त व राजस्व)