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दस साल बाद एक फिर जगी शाहगंज को जिला बनाएं जाने की आस !
Updated Fri, 16 Nov 2018 11:35 PM IST
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शाहगंज/ जौनपुर। दस साल बाद एक बार फिर शाहगंज को जिला बनाएं जाने की आस जग गई है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने वाराणसी में जौनपुर में एक और जिला बनाने की संभावना जताई तो 25 साल से आंदोलन कर रहे लोगो में खुशी की लहर दौड़ गई। शाहगंज तहसील की आबादी 15 लाख से अधिक है। ऐसे में आजमगढ़, अंबेडकरनगर ,सुल्तानपुर जिलों का कुछ हिस्सा लेकर जिला बन सकता है।
तकरीबन 15 लाख की आबादी वाले शाहगंज तहसील क्षेत्र का पश्चिमी हिस्सा जिला मुख्यालय से 68 किलोमीटर की दूर है। स्थानीय नागरिकों के मुताबिक शाहगंज में जिला बनने लायक सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। चित्रकूट व महोबा को जब जिला बनाया गया तो उनकी आबादी आठ लाख के करीब थी। शाहगंज को जिला बनाने की मांग 25 वर्षों से की जा रही है। संजय विचार मंच के नेता डा. गयासुद्दीन हाशिमी व कांग्रेसी नेता इंद्रमणि दुबे ने इसके लिए आंदोलन चलाया था। तब तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने शाहगंज को जिला बनाने की प्रक्रिया शुरू की। राजस्व परिषद के तत्कालीन सचिव आनंद प्रकाश उपाध्याय ने वर्ष 2008 में अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी थीं। तबके उप जिलाधिकारी बाल मयंक मिश्रा ने खुटहन रोड स्थित कटिया के समीप तहसील मुख्यालय व चीनी मिल परिसर में जिला मुख्यालय के लिए जमीन चिह्नित करके शासन को रिपोर्ट भेजी थी। साथ ही राजकीय पुरुष चिकित्सालय, महिला चिकित्सालय, रोडवेज, रेलवे स्टेशन, डाकघर, गल्ला मंडी और बाजार का विवरण भेजा था। शाहगंज जिले में सुल्तानपुर के कादीपुर, आजमगढ़ की फूलपुर व घनश्यामपुर को मिलाने और खुटहन को तहसील मुख्यालय बनाने की रिपोर्ट दी थी। अपर जिलाधिकारी राजस्व देवेंद्र पाडेय, तत्कालीन जिलाधिकारी अनुराग यादव ने इसका अनुमोदन करके शासन को भेज दिया था। तभी चुनाव आचार संहिता लागू हो गई।
अखिलेश यादव ने भी दिया था भरोसा
शाहगंज। मुख्यमंत्री रहते समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव शाहगंज विधायक एवं पूर्व मंत्री शैलेंद्र यादव ललई के बेटे के बहुभोज में नवंबर 1016 में आए थे। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा था कि दोबारा प्रदेश में सरकार में आने पर हम शाहगंज को जिला का दर्जा देंगे। जबकि वह इसकी घोषणा कर सकते थे। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं कर जनता को अगली सरकार बनने तक इंतजार करने की बात कह गए।
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कोट:
100 दिन में बन जाएंगा जिला
भाजपा चुनाव नजदीक आते ही ऐसी घोषणाएं करने लगती है। वर्ष 1991 से भाजपा राममंदिर बनवा रहीं है। लोकसभा चुनाव नजदीक आते ही ऐसी घोषणा डिप्टी सीएम कर रहे है। ऐसा वह जनता को बहकाने के लिए कह रहें है। प्रदेश में सपा की सरकार बनने के 100 दिन के अंदर शाहगंज जिला बन जाएंगा। -शैलेंद्र यादव ललई, पूर्व मंत्री एवं शाहगंज के विधायक
कोट:
जिले की सबसे बड़ी तहसील शाहगंज है। व्यापारिक दृष्टि से भी इसका महत्व है। तीन जिले की सीमाएं सटी है। शाहगंज को जिला बनना चाहिए। इसमें बदलापुर तहसील भी शामिल हो ऐसा प्रयास किया जाएगा। बदलापुर महोत्सव में आए उप मुख्यमंत्री से भी लोगों ने मांग किया था। -रमेशचंद्र मिश्र, भाजपा विधायक बदलापुर
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तकरीबन 15 लाख की आबादी वाले शाहगंज तहसील क्षेत्र का पश्चिमी हिस्सा जिला मुख्यालय से 68 किलोमीटर की दूर है। स्थानीय नागरिकों के मुताबिक शाहगंज में जिला बनने लायक सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। चित्रकूट व महोबा को जब जिला बनाया गया तो उनकी आबादी आठ लाख के करीब थी। शाहगंज को जिला बनाने की मांग 25 वर्षों से की जा रही है। संजय विचार मंच के नेता डा. गयासुद्दीन हाशिमी व कांग्रेसी नेता इंद्रमणि दुबे ने इसके लिए आंदोलन चलाया था। तब तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने शाहगंज को जिला बनाने की प्रक्रिया शुरू की। राजस्व परिषद के तत्कालीन सचिव आनंद प्रकाश उपाध्याय ने वर्ष 2008 में अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी थीं। तबके उप जिलाधिकारी बाल मयंक मिश्रा ने खुटहन रोड स्थित कटिया के समीप तहसील मुख्यालय व चीनी मिल परिसर में जिला मुख्यालय के लिए जमीन चिह्नित करके शासन को रिपोर्ट भेजी थी। साथ ही राजकीय पुरुष चिकित्सालय, महिला चिकित्सालय, रोडवेज, रेलवे स्टेशन, डाकघर, गल्ला मंडी और बाजार का विवरण भेजा था। शाहगंज जिले में सुल्तानपुर के कादीपुर, आजमगढ़ की फूलपुर व घनश्यामपुर को मिलाने और खुटहन को तहसील मुख्यालय बनाने की रिपोर्ट दी थी। अपर जिलाधिकारी राजस्व देवेंद्र पाडेय, तत्कालीन जिलाधिकारी अनुराग यादव ने इसका अनुमोदन करके शासन को भेज दिया था। तभी चुनाव आचार संहिता लागू हो गई।
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अखिलेश यादव ने भी दिया था भरोसा
शाहगंज। मुख्यमंत्री रहते समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव शाहगंज विधायक एवं पूर्व मंत्री शैलेंद्र यादव ललई के बेटे के बहुभोज में नवंबर 1016 में आए थे। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा था कि दोबारा प्रदेश में सरकार में आने पर हम शाहगंज को जिला का दर्जा देंगे। जबकि वह इसकी घोषणा कर सकते थे। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं कर जनता को अगली सरकार बनने तक इंतजार करने की बात कह गए।
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कोट:
100 दिन में बन जाएंगा जिला
भाजपा चुनाव नजदीक आते ही ऐसी घोषणाएं करने लगती है। वर्ष 1991 से भाजपा राममंदिर बनवा रहीं है। लोकसभा चुनाव नजदीक आते ही ऐसी घोषणा डिप्टी सीएम कर रहे है। ऐसा वह जनता को बहकाने के लिए कह रहें है। प्रदेश में सपा की सरकार बनने के 100 दिन के अंदर शाहगंज जिला बन जाएंगा। -शैलेंद्र यादव ललई, पूर्व मंत्री एवं शाहगंज के विधायक
कोट:
जिले की सबसे बड़ी तहसील शाहगंज है। व्यापारिक दृष्टि से भी इसका महत्व है। तीन जिले की सीमाएं सटी है। शाहगंज को जिला बनना चाहिए। इसमें बदलापुर तहसील भी शामिल हो ऐसा प्रयास किया जाएगा। बदलापुर महोत्सव में आए उप मुख्यमंत्री से भी लोगों ने मांग किया था। -रमेशचंद्र मिश्र, भाजपा विधायक बदलापुर