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जाम में फंसकर घंटों बाद स्कूली बच्चे पहुंचे घर
Updated Tue, 13 Nov 2018 12:46 AM IST
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जौनपुर। यातायात माह सिर्फ कहने को रह गया है। इस माह में सबसे अधिक जाम लग रहा है। सोमवार को जाम में फंसकर घंटों बाद स्कूली छात्र अपने घर पहुंचे। उनके समय से न पहुंचने के कारण अभिभावक परेशान हो उठे। शहर में जिधर देखिए उधर ही जाम का नजारा रहा। खासकर कचहरी रोड, जेसीज, ओलन्दगंज, अटाला, सिपाह, शिया कालेज रोड जाम से पटे रहे।
पांच दिन बाद बैंक और सरकारी कार्यालय, स्कूल, कालेज खुले तो लोगों का लोगों का रेला सड़कों पर निकल पड़ा। वैसे भी शहर की सड़कें सिकुड़ गई है। जिधर देखिए उधर ही पटरी पर दुकानें लगी हुई है। इन्हें न तो पुलिस हटाती और न ही ट्रैफिक के सिपाही ही रोकते हैं। जिसकी वजह से जाम आए दिन लग जाता है। जाम लगने से सर्वाधिक परेशान छात्रों के अभिभावक होते हैं। स्कूलों के 400 से अधिक वाहन जब शहर में बच्चों को छोड़ने निकलते हैं तो सभी सड़कों पर जाम लग जाता है। कई सालों से लगने वाले जाम से प्रशासन निजात नहीं दिला पा रहा है। अधिकारी दावे तो लंबे लंबे करते हैं लेकिन कोई ट्रैफिक प्लान उनके दिमाग में नहीं है और न ही वह शहर की स्थितियों का जायजा लेकर ऐसा प्लान बनाने की सोचते हैं। जबकि उनके भी बच्चे सिपाह में हर रोज जाम में फंसते हैं। सेंट पैट्रिक स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावकों का कहना है कि वह बच्चों को छोड़ने और ले आने के चक्कर में सुबह शाम हर रोज घंटों जाम में फंसते हैं। बावजूद इसके कोई कारगर उपाय प्रशासन नहीं कर रहा है। यातायात निरीक्षक विजय प्रताप सिंह का कहना है कि सोमवार को कई बार दिन में जाम लगा। जिसे यातायात के सिपाहियों ने प्रयास कर समाप्त कराया।
पांच दिन बाद बैंक और सरकारी कार्यालय, स्कूल, कालेज खुले तो लोगों का लोगों का रेला सड़कों पर निकल पड़ा। वैसे भी शहर की सड़कें सिकुड़ गई है। जिधर देखिए उधर ही पटरी पर दुकानें लगी हुई है। इन्हें न तो पुलिस हटाती और न ही ट्रैफिक के सिपाही ही रोकते हैं। जिसकी वजह से जाम आए दिन लग जाता है। जाम लगने से सर्वाधिक परेशान छात्रों के अभिभावक होते हैं। स्कूलों के 400 से अधिक वाहन जब शहर में बच्चों को छोड़ने निकलते हैं तो सभी सड़कों पर जाम लग जाता है। कई सालों से लगने वाले जाम से प्रशासन निजात नहीं दिला पा रहा है। अधिकारी दावे तो लंबे लंबे करते हैं लेकिन कोई ट्रैफिक प्लान उनके दिमाग में नहीं है और न ही वह शहर की स्थितियों का जायजा लेकर ऐसा प्लान बनाने की सोचते हैं। जबकि उनके भी बच्चे सिपाह में हर रोज जाम में फंसते हैं। सेंट पैट्रिक स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावकों का कहना है कि वह बच्चों को छोड़ने और ले आने के चक्कर में सुबह शाम हर रोज घंटों जाम में फंसते हैं। बावजूद इसके कोई कारगर उपाय प्रशासन नहीं कर रहा है। यातायात निरीक्षक विजय प्रताप सिंह का कहना है कि सोमवार को कई बार दिन में जाम लगा। जिसे यातायात के सिपाहियों ने प्रयास कर समाप्त कराया।
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