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ऐतिहासिक भेलाहिया दरगाह का मेला आज
Updated Wed, 07 Nov 2018 12:14 AM IST
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करंजाकला। दीपावली के दिन कई जगहों पर श्वांस के पीड़ितों को भेला (भिलावा) को भूनकर उसका रस पिलाया जाता है। सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के गिरधरपुर गांव का भेलहिया दरगाह का मेला बुधवार को लगेगा।
गिरधर पुर गांव में राउर बाबा और भुनगा माता के मंदिर में पूजा करके पोखरे में लोग रोग से मुक्ति की कामना से सनान करते हैं। उसके बाद सांस के पीड़ित भेला का रस पीते हैं। आयुर्वेद में भेला या भिलावा का इस्तेमाल दवा के रूप में होता है। यह मेला वर्षों से लग रहा है। परंपरा से यह मेला लक्ष्मी पूजा के दिन लगता रहा है। मेले में भेला के फल का रसपान रोगों से छुटकारा पाने के लिए हजारों लोग आते हैं तो वहां दूकानें भी लग जाती हैं। मेला एक सप्ताह तक चलता है और एक किलोमीटर के दायरे में लगता है। मेले में कई जिलों के दर्शनार्थी पहुंचते है।ें दुकानें, झूला , सर्कस तीन दिन पहले से लगने शुरू हो गए हैं। प्रशासन ने भी व्यवस्था को संभालने के लिए योजना बना ली है।
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गिरधर पुर गांव में राउर बाबा और भुनगा माता के मंदिर में पूजा करके पोखरे में लोग रोग से मुक्ति की कामना से सनान करते हैं। उसके बाद सांस के पीड़ित भेला का रस पीते हैं। आयुर्वेद में भेला या भिलावा का इस्तेमाल दवा के रूप में होता है। यह मेला वर्षों से लग रहा है। परंपरा से यह मेला लक्ष्मी पूजा के दिन लगता रहा है। मेले में भेला के फल का रसपान रोगों से छुटकारा पाने के लिए हजारों लोग आते हैं तो वहां दूकानें भी लग जाती हैं। मेला एक सप्ताह तक चलता है और एक किलोमीटर के दायरे में लगता है। मेले में कई जिलों के दर्शनार्थी पहुंचते है।ें दुकानें, झूला , सर्कस तीन दिन पहले से लगने शुरू हो गए हैं। प्रशासन ने भी व्यवस्था को संभालने के लिए योजना बना ली है।
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