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गीतों में फूहडता के चलते सामाजिक मूल्यों में आई है गिरावट -तृप्ति शाक्या
Updated Mon, 05 Nov 2018 01:05 AM IST
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सतहरिया। फूहड़गीतों के कारण सामाजिक मूल्य में गिरावट आई है। युवा वर्ग सिनेमा और फूहड़ गीतों के चलते पाश्चात्य संस्कृति की ओर अग्रसर हुआ है। इससे हमारी सांस्कृतिक संरचना बिगड़ रही है। संस्कृति और सभ्यता को लोग भूलते जा रहे हैं। उक्त बात गायिका तृप्ति शाक्या ने रविवार को मुगराबादशाहपुरपुर नगर के गुड़हाई मोहल्ले में स्थित पीसीसी सदस्य विश्वनाथ गुप्ता के आवास पर प्रेसवार्ता में कही।
उन्होंने कहा कि उनका पहला एलबम कृष्ण भजन का था, जिसने प्रसिद्धि दिलाई। किसी भी गीत एवं संगीत का निर्माण करते समय इस बात अवश्य ध्यान देना चाहिए कि इससे हमारे देश के युवा वर्ग सहित हमारी संस्कृति एवं सभ्यता पर क्या असर पड़ेगा। हम सभी का यह नैतिक कर्तव्य बनता है कि गीतों एवं फिल्मों के माध्यम से हमेशा अपनी संस्कृति से युवा वर्ग को परिचित कराएं। कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज देश में महिलाएं एवं बच्चियां सुरक्षित नहीं है। हमारे देश की सरकारें भी बेटी बढ़ाओ बेटी पढ़ाओ का नारा तो जरूर देती हैं, लेकिन उन्हें आगे बढ़ाने के लिए सुरक्षित और निर्भीक नहीं बना पा रही हैं। जब तक हम पुरुष वर्ग के लोग स्वयं जागरूक नहीं होंगे और महिलाओं व बच्चियों के विषय में गंभीरता पूर्वक नहीं सोचेगें। तब तक महिला सुरक्षा की बात करना भी बेमानी होगी । इस अवसर में देवी प्रसाद गुप्त , टिंकू गुप्त , गणेश गुप्त , बॉर्बी गुप्त आदि उपस्थित रहे।
उन्होंने कहा कि उनका पहला एलबम कृष्ण भजन का था, जिसने प्रसिद्धि दिलाई। किसी भी गीत एवं संगीत का निर्माण करते समय इस बात अवश्य ध्यान देना चाहिए कि इससे हमारे देश के युवा वर्ग सहित हमारी संस्कृति एवं सभ्यता पर क्या असर पड़ेगा। हम सभी का यह नैतिक कर्तव्य बनता है कि गीतों एवं फिल्मों के माध्यम से हमेशा अपनी संस्कृति से युवा वर्ग को परिचित कराएं। कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज देश में महिलाएं एवं बच्चियां सुरक्षित नहीं है। हमारे देश की सरकारें भी बेटी बढ़ाओ बेटी पढ़ाओ का नारा तो जरूर देती हैं, लेकिन उन्हें आगे बढ़ाने के लिए सुरक्षित और निर्भीक नहीं बना पा रही हैं। जब तक हम पुरुष वर्ग के लोग स्वयं जागरूक नहीं होंगे और महिलाओं व बच्चियों के विषय में गंभीरता पूर्वक नहीं सोचेगें। तब तक महिला सुरक्षा की बात करना भी बेमानी होगी । इस अवसर में देवी प्रसाद गुप्त , टिंकू गुप्त , गणेश गुप्त , बॉर्बी गुप्त आदि उपस्थित रहे।
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