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मनमाने तरीके से भेज दी गई ग्राम पंचायतों को चतुर्थ राज्य वित की धनराशि
Updated Sat, 03 Nov 2018 12:13 AM IST
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जौनपुर। चतुर्थ राज्य वित्त के तहत प्रथम व द्वितीय किश्त की धनराशि को ग्राम पंचायतों को मनमाने तरीके से भेज दी गई है। यह धनराशि ग्राम निधि प्रथम के खाते में भेजी गई है। किसी ग्राम पंचायत में आंवटित धनराशि से अधिक तो किसी में कम धनराशि भेजी गई। जिसकी जानकारी होने पर जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय सहित प्रधानों में हड़कंप मच गया। अधिकारियों की मानें तो यह तकनीकी गड़बड़ी के कारण हुआ है।
मामले की जानकारी होते ही जिला पंचायत राज अधिकारी ने बैंकों को पत्र भेजकर ग्राम निधि प्रथम के खाते से पैसा निकालने पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। जिले में कुल 1749 ग्राम पंचायतें हैं। जिसमें चतुर्थ राज्य वित्त के तहत प्रथम व द्वितीय किश्त 22 करोड़ रुपये की धनराशि भेजी जानी थी। यह धनराशि ग्राम पंचायतों के ग्राम निधि प्रथम के खाते में चार दिन पहले जिला पंचायत राज कार्यालय से भेजी गई थी। लेकिन जिला पंचायत कार्यालय द्वारा किसी ग्राम पंचायत में आवंटित धनराशि से कम तो किसी ग्राम पंचायत में अधिक धनराशि भेज दी गई। सूत्रों की मानें तो जिला पंचायत राज कार्यालय द्वारा अपने चहेते प्रधानों के ग्राम पंचायतों में आवंटन से अधिक धनराशि भेजी गई है। जबकि अन्य ग्राम पंचायतों में आवंटन से कम धनराशि भेजी गई है। मामला चाहे जो हो लेकिन इसकी जानकारी होते ही जिला पंचायत राज कार्यालय में हड़कंप मच गया।
कोट:
कुबेर प्रणाली से नेफ्ट के माध्यम से धनराशि भेजने का कार्य किया गया था। लेकिन आनलाइन के समय तकनीकी त्रुटि के कारण यह गलती हुई है। जिसे सही कराया जाएगा। बैंको को पत्र भेजकर खाते से पैसा आहरित नहीं करने का निर्देश दिया गया है।
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सभाजीत पांडेय, जिला पंचायत राज अधिकारी
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मामले की जानकारी होते ही जिला पंचायत राज अधिकारी ने बैंकों को पत्र भेजकर ग्राम निधि प्रथम के खाते से पैसा निकालने पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। जिले में कुल 1749 ग्राम पंचायतें हैं। जिसमें चतुर्थ राज्य वित्त के तहत प्रथम व द्वितीय किश्त 22 करोड़ रुपये की धनराशि भेजी जानी थी। यह धनराशि ग्राम पंचायतों के ग्राम निधि प्रथम के खाते में चार दिन पहले जिला पंचायत राज कार्यालय से भेजी गई थी। लेकिन जिला पंचायत कार्यालय द्वारा किसी ग्राम पंचायत में आवंटित धनराशि से कम तो किसी ग्राम पंचायत में अधिक धनराशि भेज दी गई। सूत्रों की मानें तो जिला पंचायत राज कार्यालय द्वारा अपने चहेते प्रधानों के ग्राम पंचायतों में आवंटन से अधिक धनराशि भेजी गई है। जबकि अन्य ग्राम पंचायतों में आवंटन से कम धनराशि भेजी गई है। मामला चाहे जो हो लेकिन इसकी जानकारी होते ही जिला पंचायत राज कार्यालय में हड़कंप मच गया।
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कोट:
कुबेर प्रणाली से नेफ्ट के माध्यम से धनराशि भेजने का कार्य किया गया था। लेकिन आनलाइन के समय तकनीकी त्रुटि के कारण यह गलती हुई है। जिसे सही कराया जाएगा। बैंको को पत्र भेजकर खाते से पैसा आहरित नहीं करने का निर्देश दिया गया है।
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सभाजीत पांडेय, जिला पंचायत राज अधिकारी