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भगवान भी भक्तों को देते है परमात्मा का दर्जा: अंशुमान
Updated Sun, 28 Oct 2018 12:16 AM IST
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नेवढ़िया। कथावाचक अंशुमान महाराज ने कहा कि भगवान का सच्चा भक्त भी ईश्वर होता है। प्रभु सच्चे भक्त को परमात्मा का दर्जा देते हैं। पुरोहित घर-घर जाकर पूजा व अनुष्ठान कराते हैं लेकिन भगवान उन्हें अपना भक्त नही मानते हैं। वह एक व्यवसाय है। वह नेवढियां बाजार में चल रहे सात दिवशीय राम कथा के छठवें दिन कथा के दौरान भक्तों को बताया कि भगवान का सच्चा भक्त भी ईश्वर के समान होता है।
उन्होंने बताया की लाभ के लिए बस ईश्वर को याद करने से कोई भगवान रामचंद्र का भक्त नही हो सकता जो बिना किसी स्वार्थ के उनको याद करता है उसी को भगवान अपना सच्चा भक्त मानते है और उसी को इस्वर भी अपना परमात्मा मानते है। भगवान उसी भक्त को अपने हृदय में रखते है जो सच्चे मन से उनको याद करता है इस संसार रूपी मोह माया को त्याग कर अधर्म पथ को छोड़कर धर्म के रास्ते पर चलता है और अपने घाटे मुनाफे को भूलकर दिन दुखियों का सहयोग और मदद करता है उसी को प्रभु अपना सच्चा भक्त मानते है।
उन्होंने बताया की लाभ के लिए बस ईश्वर को याद करने से कोई भगवान रामचंद्र का भक्त नही हो सकता जो बिना किसी स्वार्थ के उनको याद करता है उसी को भगवान अपना सच्चा भक्त मानते है और उसी को इस्वर भी अपना परमात्मा मानते है। भगवान उसी भक्त को अपने हृदय में रखते है जो सच्चे मन से उनको याद करता है इस संसार रूपी मोह माया को त्याग कर अधर्म पथ को छोड़कर धर्म के रास्ते पर चलता है और अपने घाटे मुनाफे को भूलकर दिन दुखियों का सहयोग और मदद करता है उसी को प्रभु अपना सच्चा भक्त मानते है।
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