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लक्ष्मण के मूर्छित होने पर राम की सेना हुई गमगीन
Updated Tue, 23 Oct 2018 11:45 PM IST
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नेवढ़िया। आदर्श रामलीला समिति बासापुर में रावण वध के मंचन के दौरान भाई लक्ष्मण के मूर्छित होने के पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम को रोते विलखते देख और भाई के प्रति भाई का प्रेम को देखकर दर्शकों के आंखें नम हो गई हैं। सीता हरण के बाद श्रीराम और रावण दोनों में धर्म और अधर्म के युद्ध घोषणा की गई। मेघनाद ने युद्ध के दौरान लक्षमण को ब्रम्हास्त्र शक्ति से मूर्छित कर दिया। जिसकी सूचना जब भगवान श्री राम को लगा की मानों उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। भघवान राम ने लक्ष्मण को अपने गोदी में लेकर फूट-फूट कर रोने लगते हैं। भाई के प्रति उनके अगाध प्रेम को देख राम सेना के आंखों से अश्रुधारा निकल पड़ी। उपचार कर रहे ऋषि मुनि ने बताया कि संजीवनी बूटी से ही लक्षमण फिर से होश में आ सकते है। तभी भगवान श्री राम के कष्ट को और अपार पीड़ा को देखकर हनुमान जी श्री राम से आज्ञा लेकर संजीवनी लेने निकल पड़ते हैं। संजीवनी को पहचान नहीं पाने पर विशाल पर्वत को ही उठा लाते हैं। संजीवनी बूटी देते ही लक्ष्मण फिर से चेता अवस्था में आ गए। जिसे देख श्री राम की सेना में खुशी का ठिकाना नहीं रहा। पंडाल में बैठे दर्शकों का इस मार्मिक दृश्य को देखकर आंखे नम हो गई। पंडाल श्रीराम के जयकारे से गूंज उठा। आदर्श दुबे ने राम, आशीष दुबे ने लक्षमण, सीता की निहाल यादव, रावण की संतोष दुबे, हनुमान की श्यामलाल यादव, दीपक दुबे ने मेघनाद की भूमिका निभाई।
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