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लक्ष्मण के मुर्छित होते ही श्रद्धालुओं की आंखें हुईं नम
Updated Sun, 21 Oct 2018 12:12 AM IST
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सतहरिया। मुंगराबादशाहपुर के गुड़ाही रामलीला मंच पर शुक्रवार की रात अंतिम दिन लक्ष्मण शक्ति, मेघनाद वध, चारों फाटक की लड़ाई का मंचन किया गया। लक्ष्मण को शक्ति लगने की सूचना मिलते ही रामदल में कोहराम मच गया। छोटे भाई लक्ष्मण को अचेत देखा तो प्रभु श्रीराम की आंखें छलक पड़ीं। प्रभु श्री राम को विलाप करते देख श्रद्धालुओं की आंखें भीग गईं।
संजीवनी बूटी से उपचार के बाद लक्ष्मण ठीक हो जाते हैं और युद्ध के मैदान में मेघनाद का बध कर दिया। राम की भूमिका आलोक कुमार गुप्त, लक्ष्मण की भूमिका धर्मेंद्र कुमार गुप्त, रावण व हनुमान की भूमिका दीन सल्लू, मेघनाद की भूमिका सुभाष ने निभाई। डायरेक्टर लालबहादुर सिंह के कुशल निर्देशन में लीला चल रही है। समिति के अध्यक्ष पशुपति नाथ मुन्ना, महंत संगमलाल गुप्त, व्यवस्थापक शैलेन्द्र साहू, क्रान्ति कुमार, आकाश गोलू सहित पदाधिकारियों ने भगवान की आरती उतारी। संचालन नगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजीव गुप्त ने किया।
संजीवनी बूटी से उपचार के बाद लक्ष्मण ठीक हो जाते हैं और युद्ध के मैदान में मेघनाद का बध कर दिया। राम की भूमिका आलोक कुमार गुप्त, लक्ष्मण की भूमिका धर्मेंद्र कुमार गुप्त, रावण व हनुमान की भूमिका दीन सल्लू, मेघनाद की भूमिका सुभाष ने निभाई। डायरेक्टर लालबहादुर सिंह के कुशल निर्देशन में लीला चल रही है। समिति के अध्यक्ष पशुपति नाथ मुन्ना, महंत संगमलाल गुप्त, व्यवस्थापक शैलेन्द्र साहू, क्रान्ति कुमार, आकाश गोलू सहित पदाधिकारियों ने भगवान की आरती उतारी। संचालन नगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजीव गुप्त ने किया।
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