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प्राणायाम से होता है लाभ
Updated Fri, 19 Oct 2018 12:12 AM IST
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जौनपुर। टीडी इंटर कालेज में युवा भारत के तत्वावधान में चल रहे पच्चीस दिवसीय सहयोग प्रशिक्षण शिविर के 17 वें दिन प्रात:कालीन योग सत्र की शुरुआत डा. हेमंत जिला प्रभारी युवा भारत और विकास योगी संवाद प्रभारी ने किया। उन्होंने साधकों को योगिंग जागिंग, सूर्य नमस्कार और आसनों का विस्तार पूर्वक अभ्यास कराया।
प्राणायाम के दौरान डा. हेमंत ने बताया कि मानव के शरीर में आठ ऐसे चक्र होते हैं। जिसमें अद्भुत शक्तियां छिपी रहती हैं। ये हैं मूलाधार, स्वाधिष्ठान चक्र, मणिपुर, हृदयचक्र, अनाहत चक्र, आज्ञा व सहस्त्रार चक्र इन चक्रों को प्राणायाम के द्वारा जागृत किया जा सकता है। वहीं चिकित्सा विज्ञान में इन आठों चक्रों को श्वसन तंत्र, पाचनतंत्र, प्रजनन तंत्र, उत्सर्जन तंत्र, कंकाल तंत्र परिसंचरण तंत्र आदि नामों से पुकारा जाता है। ये सिस्टम या चक्र सही से कार्य करते है तो मनुष्य स्वस्थ रहता है। योग सभी सिस्टम को सही रखता है। आठों प्राणायाम जो भी व्यक्ति इसे अपने जीवन में आत्मसात कर लेता है, तो वह सदा सुखी रहता है। इस मौके पर अचल हरिमूर्ति ( सह राज्यप्रभारी), राजयोगी , शिवपूजन, डा. ध्रुवराज, कमलेश, जयसिंह राममिलन आदि भद्रजन ,प्रभारी गण उपस्थित रहे। अंत में भारत स्वाभिमान के प्रभारी शशि भूषण ने शांति पाठ के साथ सत्र का समापन किया।
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प्राणायाम के दौरान डा. हेमंत ने बताया कि मानव के शरीर में आठ ऐसे चक्र होते हैं। जिसमें अद्भुत शक्तियां छिपी रहती हैं। ये हैं मूलाधार, स्वाधिष्ठान चक्र, मणिपुर, हृदयचक्र, अनाहत चक्र, आज्ञा व सहस्त्रार चक्र इन चक्रों को प्राणायाम के द्वारा जागृत किया जा सकता है। वहीं चिकित्सा विज्ञान में इन आठों चक्रों को श्वसन तंत्र, पाचनतंत्र, प्रजनन तंत्र, उत्सर्जन तंत्र, कंकाल तंत्र परिसंचरण तंत्र आदि नामों से पुकारा जाता है। ये सिस्टम या चक्र सही से कार्य करते है तो मनुष्य स्वस्थ रहता है। योग सभी सिस्टम को सही रखता है। आठों प्राणायाम जो भी व्यक्ति इसे अपने जीवन में आत्मसात कर लेता है, तो वह सदा सुखी रहता है। इस मौके पर अचल हरिमूर्ति ( सह राज्यप्रभारी), राजयोगी , शिवपूजन, डा. ध्रुवराज, कमलेश, जयसिंह राममिलन आदि भद्रजन ,प्रभारी गण उपस्थित रहे। अंत में भारत स्वाभिमान के प्रभारी शशि भूषण ने शांति पाठ के साथ सत्र का समापन किया।
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