{"_id":"5babd242867a557f6917fd3d","slug":"15379871113-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विद्यार्थी के लिए गुरु ही सबसे बड़ा शिल्पकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विद्यार्थी के लिए गुरु ही सबसे बड़ा शिल्पकार
Updated Thu, 27 Sep 2018 12:13 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जलालपुर। क्षेत्र के जनहित महाविद्यालय में बुधवार को गुरु छात्र परिचय व अभिनंदन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर बिद्यालय के नव नियुक्त प्राचार्य डा. विजय कुमार मौर्य को बिद्यालय के प्रबंधक व पूर्व विधायक केराकत गुलाब चंद सरोज ने सम्मानित किया। प्राचार्य डा. विजय मौर्या ने कहा कि एक विद्यार्थी के लिए गुरु ही सबसे बड़ा शिल्पकार मूर्तिकार होता है। विद्यार्थी रूपी पत्थर को ठोक-ठोककर पूजनीय मूर्ति का जो रूप देता है वो गुरु ही होता है। अच्छा शिक्षक वह है जो जीवन पर्यंत विद्यार्थी बना रहे। इस प्रक्रिया में वह विद्यार्थियों से भी सीखता रहे। डा. बंसराज आनंद ने जीवन में शिक्षक की महत्ता को बताया। साथ ही एक शिक्षक के त्याग, मेहनत, समर्पण, का छात्र के सर्वांगीण विकास में योगदान के बारे में बताया। प्रबंधक ने कहाकि गुरु के मार्ग दर्शन पर छात्र अपनी जिंदगी की लड़ाई को तय करता है। उसको हासिल करने की बुलंदी तक प्रयास करने की यात्रा का मार्गदर्शन शिक्षक ही देता है। इंसान के जीवन का लक्ष्य और उस लक्ष्य के मार्ग पर चलना गुरू ही सिखाता है। एक इंसान में इंसानियत निहित करने का कार्य शिक्षक ही करता है। कार्यक्रम को मंगला सिंह ,डॉक्टर जया सिंह ,मुनेश यादव ,सुनीत कुमार ,श्याम धनी यादव, डॉ मिथिलेश मौर्य ,डॉक्टर सुमन सिंह, गुंजा मौर्य ने संबोधित किया। अध्यक्षता डॉ हंसराज आनंद तथा संचालन डा. छोटे लाल यादव ने किया।
विज्ञापन