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पशुपालन से किसानों की आर्थिक स्थिति में होगा सुधार - शिवहरे
Updated Mon, 24 Sep 2018 12:16 AM IST
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सिकरारा । क्षेत्र के खपरहा बाजार में रविवार को आयोजित किसान व पशुपालक संगोष्ठी में किसानों को प्रगतिशील खेती के गुण और पशुपालकों को पशुपालन के बेहतर तरीके बताए गए । इस दौरान अच्छी नस्ल की अधिक मात्रा में दूध देने वाली गाय और भैंस पशुपालकों को पुरस्कृत किया गया।
मुख्य अतिथि कपिला पशु आहार के प्रबंध निदेशक सुरेंद्र नाथ शिवहरे ने कहा कि कृषि के साथ-साथ पशु पालन और डेयरी उद्योग में सक्रियता से किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सकती है। कहा कि प्रतियोगिता में किसी पशु के ज्यादा दूध देने को प्रतियोगिता के दृष्टि न देख कर उसे समझना चाहिए। किसान बाजारों में बिक रहे नकली पशु आहारों से सावधान रहें। कृषि विशेषज्ञ रविंद्र सिंह ने कहा कि कुछ ऐसे भी पशुपालक हैं जो ज्यादा दूध के चक्कर मे बिना सोचे समझे अधिक आहार देते हैं। क्षमता से अधिक आहार पशुओं को न दे। पशुपालकों की समस्याओं को सुनकर उसका समाधान कैसे हो इस पर भी चर्चा की। आयोजक राज बहादुर सिंह ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किया तथा प्रगतिशील पशुपालकों को मुख्य अतिथि ने सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन सुनील कुमार वाजपेयी ने किया।इस अवसर पर राममूर्ति यादव, विजय बहादुर सिंह, कडे़दीन तिवारी, राम शिरोमणि, रमाशंकर सिंह, गुलाब तिवारी, विजय बहादुर,सन्दीप यादव, बाबा उपाध्याय, मिन्टू सिंह व दददू सिंह आदि रहे।
मुख्य अतिथि कपिला पशु आहार के प्रबंध निदेशक सुरेंद्र नाथ शिवहरे ने कहा कि कृषि के साथ-साथ पशु पालन और डेयरी उद्योग में सक्रियता से किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सकती है। कहा कि प्रतियोगिता में किसी पशु के ज्यादा दूध देने को प्रतियोगिता के दृष्टि न देख कर उसे समझना चाहिए। किसान बाजारों में बिक रहे नकली पशु आहारों से सावधान रहें। कृषि विशेषज्ञ रविंद्र सिंह ने कहा कि कुछ ऐसे भी पशुपालक हैं जो ज्यादा दूध के चक्कर मे बिना सोचे समझे अधिक आहार देते हैं। क्षमता से अधिक आहार पशुओं को न दे। पशुपालकों की समस्याओं को सुनकर उसका समाधान कैसे हो इस पर भी चर्चा की। आयोजक राज बहादुर सिंह ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किया तथा प्रगतिशील पशुपालकों को मुख्य अतिथि ने सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन सुनील कुमार वाजपेयी ने किया।इस अवसर पर राममूर्ति यादव, विजय बहादुर सिंह, कडे़दीन तिवारी, राम शिरोमणि, रमाशंकर सिंह, गुलाब तिवारी, विजय बहादुर,सन्दीप यादव, बाबा उपाध्याय, मिन्टू सिंह व दददू सिंह आदि रहे।
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