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कदीमी आलम के जुलूस में हुआ नौहा-मातम
Updated Tue, 18 Sep 2018 12:25 AM IST
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जौनपुर। सोमवार को शिराजे हिंद जौनपुर में 6 मुहर्रम को जगह-जगह आलम दुलदुल का जुलूस निकाला गया। जिसमें शिया समुदाय के लोगों ने नौहा मातम किया। जुलूस में इमाम हुसैन को पुरसा पेश किया। शहर के कटघरा मोहल्ले से निकले कदीमी अलम के जुलूस में शहर के तमाम लोगों ने शिरकत की। जुलूस शहर के नाम दरवाजा स्थित इमाम बारगाह शमीम आलम में खत्म हुआ।
कटघरा में उठे जुलूस की मजलिस जनाब मोहम्मद हसन साहब ने खेताब की। इस दौरान उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने इंसानियत के लिए कर्बला के मैदान में अपने 71 साथियों के साथ कुर्बानी पेश की। उस कुर्बानी में उनका 6 माह का बेटा भी था। मजलिस में मोहम्मद हसन साहब ने जैसे ही कर्बला का मसाएब बयान किया वहां मौजूद लोग सीने और सर पर हाथ मार कर रोने लगे। मजलिस खत्म होते ही शबीहे आलम बरामद हुआ और जुलूस अंजुमन कौसरिया रिजवी खान के हमराह शहर के ओलंदगंज, बेनीराम की गली शाही पुल चहारसू चौराहा पर पहुंचा। यहां पर शहर की तमाम अंजुमन जुलूस में शामिल हुई। जुलूस कल्लू खा के इमामबाड़े के पास पहुंचा और यहां पर एक तकरीर डॉक्टर कमर अब्बास ने खेताब की। उन्होंने भी कर्बला के भरपूर मसाइब को बयान किया और यहां से जुलूस हमाम दरवाजा स्थित शमीम आलम साहब के इमामबाड़े में खत्म हुआ। वही शहर के नसीर खान मोहल्ला स्थित जंगे शहीदे इमामबाड़े से ईरानियों का एक जुलूस बरामद हुआ। जुलूस में अलम, दुलदुल निकला। अंजुमन दुआएं फात्मा ने नौहा मातम किया। जुलूस शहर के सबसे पुराने इमामबाड़े हुसैनिया छतरीघाट पहुंच कर खत्म हुआ। यहां मोमनीन में तबर्रुक तकसीम किया गया। शहर के बलुआ घाट और पानदरीबा स्थित मीर घर से भी जुलूस 6 मोहर्रम के मौके पर उठा। वहीं कोरापट्टी स्थित इमामबाड़ा दालान से आलम, ताबूत, झूला अली असग़र और दुलदुल बरामद हुआ। जुलूस इमामिया खान पट्टी में खत्म हुआ।
कटघरा में उठे जुलूस की मजलिस जनाब मोहम्मद हसन साहब ने खेताब की। इस दौरान उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने इंसानियत के लिए कर्बला के मैदान में अपने 71 साथियों के साथ कुर्बानी पेश की। उस कुर्बानी में उनका 6 माह का बेटा भी था। मजलिस में मोहम्मद हसन साहब ने जैसे ही कर्बला का मसाएब बयान किया वहां मौजूद लोग सीने और सर पर हाथ मार कर रोने लगे। मजलिस खत्म होते ही शबीहे आलम बरामद हुआ और जुलूस अंजुमन कौसरिया रिजवी खान के हमराह शहर के ओलंदगंज, बेनीराम की गली शाही पुल चहारसू चौराहा पर पहुंचा। यहां पर शहर की तमाम अंजुमन जुलूस में शामिल हुई। जुलूस कल्लू खा के इमामबाड़े के पास पहुंचा और यहां पर एक तकरीर डॉक्टर कमर अब्बास ने खेताब की। उन्होंने भी कर्बला के भरपूर मसाइब को बयान किया और यहां से जुलूस हमाम दरवाजा स्थित शमीम आलम साहब के इमामबाड़े में खत्म हुआ। वही शहर के नसीर खान मोहल्ला स्थित जंगे शहीदे इमामबाड़े से ईरानियों का एक जुलूस बरामद हुआ। जुलूस में अलम, दुलदुल निकला। अंजुमन दुआएं फात्मा ने नौहा मातम किया। जुलूस शहर के सबसे पुराने इमामबाड़े हुसैनिया छतरीघाट पहुंच कर खत्म हुआ। यहां मोमनीन में तबर्रुक तकसीम किया गया। शहर के बलुआ घाट और पानदरीबा स्थित मीर घर से भी जुलूस 6 मोहर्रम के मौके पर उठा। वहीं कोरापट्टी स्थित इमामबाड़ा दालान से आलम, ताबूत, झूला अली असग़र और दुलदुल बरामद हुआ। जुलूस इमामिया खान पट्टी में खत्म हुआ।
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