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आवास में धांधली की शिकायत पर शासन ने बैठाई जांच
Updated Sat, 15 Sep 2018 11:53 PM IST
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सुईथाकला। प्रधानमंत्री आवास में बड़े पैमाने पर धांधली करने तथा कई अन्य आरोपों में सुइथाकलां में खंड विकास अधिकारी रहे सुभाष चंद सरोज के खिलाफ शासन ने जांच बैठा दी है। मामले की जांच के लिए राज्यपाल ने अनुमोदन किया है। जांच बैठाए जाने से ब्लाक के अधिकारियों में हडकंप मचा है।
सुभाष चंद सरोज ने अगस्त 2014 से जुलाई 2016 तक तथा अप्रैल 2017 से अक्टूबर 2017 तक दो बार सुइथाकलां में खंड विकास अधिकारी रह चुके हैं। इनके कार्याकाल के दौरान प्रधानमंत्री आवस योजना समेत अन्य योजनाओं में कर्मचारियों की मिली भगत से अधिकतर ग्राम पंचायतों में घोटाला हुआ है। इनके ऊपर भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा आरोप प्रधानमंत्री आवास में धांधली का लगा है। दर्जनों गांवों में अपात्रों को आवास दिलाने का आरोप लगाया गया है। अपात्रों से इसके बदले में बड़े पैमाने पर वसूली भी की गई है। सबसे चर्चित मामला शाहमऊ गांव का रहा। यहां सहायक लेखाकार, एडीओ आइएसबी सहित ग्राम प्रधान से 16 लाख से ज्यादा की रिकवरी हुई।
शासन द्वारा उनके खिलाफ जांच शुरू की गई है। इस कार्यवाही से कुछ कर्मचारियों और दर्जनों ग्राम प्रधान भी सकते में हैं। मामले की जांच कमिश्नर (मंडल मिर्जापुर) कर रहे हैं। दो माह के भीतर जांच रिपोर्ट की हार्ड कापी और फोटो व बीडीओ को लिखित बयान देने का निर्देश दिया है।
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सुभाष चंद सरोज ने अगस्त 2014 से जुलाई 2016 तक तथा अप्रैल 2017 से अक्टूबर 2017 तक दो बार सुइथाकलां में खंड विकास अधिकारी रह चुके हैं। इनके कार्याकाल के दौरान प्रधानमंत्री आवस योजना समेत अन्य योजनाओं में कर्मचारियों की मिली भगत से अधिकतर ग्राम पंचायतों में घोटाला हुआ है। इनके ऊपर भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा आरोप प्रधानमंत्री आवास में धांधली का लगा है। दर्जनों गांवों में अपात्रों को आवास दिलाने का आरोप लगाया गया है। अपात्रों से इसके बदले में बड़े पैमाने पर वसूली भी की गई है। सबसे चर्चित मामला शाहमऊ गांव का रहा। यहां सहायक लेखाकार, एडीओ आइएसबी सहित ग्राम प्रधान से 16 लाख से ज्यादा की रिकवरी हुई।
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शासन द्वारा उनके खिलाफ जांच शुरू की गई है। इस कार्यवाही से कुछ कर्मचारियों और दर्जनों ग्राम प्रधान भी सकते में हैं। मामले की जांच कमिश्नर (मंडल मिर्जापुर) कर रहे हैं। दो माह के भीतर जांच रिपोर्ट की हार्ड कापी और फोटो व बीडीओ को लिखित बयान देने का निर्देश दिया है।
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