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सेक्रेटरी व ग्राम प्रधान ने नहीं दिए अभिलेख.
Updated Tue, 11 Sep 2018 11:48 PM IST
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सुरेरी। रामपुर ब्लाक के भदखिन गांव में ग्रामीणों की शिकायत पर मंगलवार को जांच करने पहुंचे अधिकारी अभिलेख के इंतजार में दिनभर बैठे रहे लेकिन प्रधान व सचिव ने दस्तावेज दिए ही नहीं। जांच अधिकारी को बिना जांच किए ही वापस बैरंग लौटना पड़ा।
भदखिन गांव के संतोष मिश्रा की शिकायत पर गांव के विकास कार्यों की हकीकत की जांच की जा रही है। रामपुर विकासखंड के एडीओ एजी श्रवण कुमार उपाध्याय मंगलवार को ग्यारहवें दिन गांव में जांच करने पहुंचे। जांच अधिकारी ने पग्राम प्रधान व सेक्रेटरी पहले से ही जरूरी अभिलेख उपलब्ध को पत्र लिखा था। जांच करने के लिए ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी द्वारा जांच अधिकारी को आवास व शौचालय से संबंधित हस्तलिखित साक्ष्य उपलब्ध कराया गया था और बाकी जांच के लिए जल्दी ही अभिलेख उपलब्ध करा देने की भी बात कही गई थी। लेकिन जांच अधिकारी द्वारा बार-बार पत्र लिखे जाने के बाद भी जांच अधिकारी को ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी द्वारा कोई अभिलेख उपलब्ध नहीं कराया जा सका। अभिलेख उपलब्ध कराना तो दूर अब तो वर्तमान सेक्रेटरी सिंहासन द्वारा महीनों पूर्व चार्ज लेने के बाद भी अभी तक खुद भी कोई अभिलेख चार्ज में ना पाने की दुहाई देने लगे। जांच अधिकारी ने सेक्रेटरी से पूछा कि जब आपके पास अभी तक कोई अभिलेख चार्ज में नहीं दिया गया है तो आप स्वत: हस्तलिखित सूची कैसे मुझे उपलब्ध करा दिया, जो गंभीर बात है।जिसका सेक्रेटरी द्वारा कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। जांच अधिकारी ने पूर्व में सेक्रेटेरी रहे ज्ञानचंद को भी अभिलेख उपलब्ध कराने को लिखित सूचना दिए। लेकिन आज तक न तो प्रधान और न ही वर्तमान व पूर्व सेक्रेटरी द्वारा ही कोई अभिलेख उपलब्ध कराया जा सका। जिसकी वजह से गांव में घंटों इंतजार के बाद जांच अधिकारी कोअभिलेख के अभाव में बिना जांच किए बैरंग वापस जाना पड़ा। जिसकी सूचना जांच अधिकारी द्वारा उच्च अधिकारी को भी दी गई। जांच अधिकारी द्वारा साक्ष्य उपलब्ध कराने के लिए ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी को दो दो बार पत्र जारी किया जा चुका है।
बार-बार सूचना देने के बाद भी ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी द्वारा अपनी अपनी धांधली को छिपाने व दबंगई का परिचय देते हुए कोई अभिलेख उपलब्ध नहीं कराया गया। जिसकी वजह से आज जांच नहीं हो कर पाए। -श्रवण कुमार उपाध्याय,एडीओ एजी रामपुर/जांच अधिकारी
भदखिन गांव के संतोष मिश्रा की शिकायत पर गांव के विकास कार्यों की हकीकत की जांच की जा रही है। रामपुर विकासखंड के एडीओ एजी श्रवण कुमार उपाध्याय मंगलवार को ग्यारहवें दिन गांव में जांच करने पहुंचे। जांच अधिकारी ने पग्राम प्रधान व सेक्रेटरी पहले से ही जरूरी अभिलेख उपलब्ध को पत्र लिखा था। जांच करने के लिए ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी द्वारा जांच अधिकारी को आवास व शौचालय से संबंधित हस्तलिखित साक्ष्य उपलब्ध कराया गया था और बाकी जांच के लिए जल्दी ही अभिलेख उपलब्ध करा देने की भी बात कही गई थी। लेकिन जांच अधिकारी द्वारा बार-बार पत्र लिखे जाने के बाद भी जांच अधिकारी को ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी द्वारा कोई अभिलेख उपलब्ध नहीं कराया जा सका। अभिलेख उपलब्ध कराना तो दूर अब तो वर्तमान सेक्रेटरी सिंहासन द्वारा महीनों पूर्व चार्ज लेने के बाद भी अभी तक खुद भी कोई अभिलेख चार्ज में ना पाने की दुहाई देने लगे। जांच अधिकारी ने सेक्रेटरी से पूछा कि जब आपके पास अभी तक कोई अभिलेख चार्ज में नहीं दिया गया है तो आप स्वत: हस्तलिखित सूची कैसे मुझे उपलब्ध करा दिया, जो गंभीर बात है।जिसका सेक्रेटरी द्वारा कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। जांच अधिकारी ने पूर्व में सेक्रेटेरी रहे ज्ञानचंद को भी अभिलेख उपलब्ध कराने को लिखित सूचना दिए। लेकिन आज तक न तो प्रधान और न ही वर्तमान व पूर्व सेक्रेटरी द्वारा ही कोई अभिलेख उपलब्ध कराया जा सका। जिसकी वजह से गांव में घंटों इंतजार के बाद जांच अधिकारी कोअभिलेख के अभाव में बिना जांच किए बैरंग वापस जाना पड़ा। जिसकी सूचना जांच अधिकारी द्वारा उच्च अधिकारी को भी दी गई। जांच अधिकारी द्वारा साक्ष्य उपलब्ध कराने के लिए ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी को दो दो बार पत्र जारी किया जा चुका है।
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बार-बार सूचना देने के बाद भी ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी द्वारा अपनी अपनी धांधली को छिपाने व दबंगई का परिचय देते हुए कोई अभिलेख उपलब्ध नहीं कराया गया। जिसकी वजह से आज जांच नहीं हो कर पाए। -श्रवण कुमार उपाध्याय,एडीओ एजी रामपुर/जांच अधिकारी
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