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संतों ने अपनी कल्याणकारी संदेश में मानव को किया चेतन
Updated Wed, 05 Sep 2018 12:13 AM IST
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जौनपुर। संत अब्दुल गफ्फार खान ने कहा कि सत्य को जीवन का आधार बनाने से ही कल्याण हो सकता है। दुनिया की वस्तुएं सुख का कारण नहीं हैं क्योंकि वे शाश्वत सत्य नहीं हैं। सत्य केवल परम अस्तित्व परमात्मा है। मड़ियाहूं पड़ाव स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन व मड़ियाहूं दिलावरपुर में स्थित निरंकारी सत्संग समारोह में उन्होंने ये बातें कहीं।
उन्होंने कहा कि उपस्थित संत समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि हर युग, हर दौर में संतों ने अपनी कल्याणकारी संदेश में मानव मात्र को चेतन किया है कि लोभ को त्याग और सत्य परमात्मा को हृदय में बसाएं। उन्होंने निरंकारी सद्गुरु माता सुदीक्षा सविंदर हरदेव सिंह महराज के संदेशों को उजागर करते हुए कहा कि निरंकार कण-कण में व्याप्त ऐसी चेतन सत्ता है जो हमारे सबसे अधिक निकट है और उपयोगी है। यह विश्व इस चेतन तत्व से उत्पन्न होता है इसी के द्वारा पालन है और इसी में विलीन होता रहता है। इस चेतन तत्व का ज्ञान केवल सद्गुरु द्वारा ही संभव है जो प्रभु को जानता है वह प्रभु स्वरूप हो जाता है और जीवन मुक्ति प्राप्त कर सकता है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्यामलाल साहू, संयोजक राजेश प्रजापति, राधेश्याम , लाल प्रकाश, रामधेश्याम द्विवेदी, मो. सकील, राजकुमार मिश्रा, अमलेश यादव आदि मौजूद थे। संचालन जय प्रकाश ने किया।
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उन्होंने कहा कि उपस्थित संत समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि हर युग, हर दौर में संतों ने अपनी कल्याणकारी संदेश में मानव मात्र को चेतन किया है कि लोभ को त्याग और सत्य परमात्मा को हृदय में बसाएं। उन्होंने निरंकारी सद्गुरु माता सुदीक्षा सविंदर हरदेव सिंह महराज के संदेशों को उजागर करते हुए कहा कि निरंकार कण-कण में व्याप्त ऐसी चेतन सत्ता है जो हमारे सबसे अधिक निकट है और उपयोगी है। यह विश्व इस चेतन तत्व से उत्पन्न होता है इसी के द्वारा पालन है और इसी में विलीन होता रहता है। इस चेतन तत्व का ज्ञान केवल सद्गुरु द्वारा ही संभव है जो प्रभु को जानता है वह प्रभु स्वरूप हो जाता है और जीवन मुक्ति प्राप्त कर सकता है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्यामलाल साहू, संयोजक राजेश प्रजापति, राधेश्याम , लाल प्रकाश, रामधेश्याम द्विवेदी, मो. सकील, राजकुमार मिश्रा, अमलेश यादव आदि मौजूद थे। संचालन जय प्रकाश ने किया।
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