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नगर पालिका के पास जर्जर मकानों का नहीं है आकड़ा
Updated Wed, 05 Sep 2018 12:08 AM IST
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जौनपुर। शहर में जर्जर मकानों की संख्या कितनी है । इसका आंकड़ा नगर पालिका के पास नहीं है। जबकि शहर क्षेत्र के सभी मकानों में से लगभग 10 फीसदी मकान जर्जर हैं। बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में मकानों के गिरने का सिलसिला शुरु हो गया है। हालांकि शहर क्षेत्र में अभी तक एक भी मकान नहीं गिरा है। लेकिन अगर जर्जर मकान गिरे तो बड़ा हादसा होना तय है।
नगर पालिका प्रशासन पिछले तीन सालों से जर्जर मकानों का सर्वे पूरा नहीं कर सका है। जबकि एक माह से बारिश हो रहा है। नगर में स्थित जर्जर मकानों को गिरवाने की जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की है। लेकिन नगर पालिका प्रशासन इसके प्रति उदासीन बना हुआ है। उसके द्वारा इन जर्जर मकानों के प्रति कोई कार्यवाई नहीं की जा रही है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शहर क्षेत्र की कुल आबादी लगभग तीन लाख है। शहर क्षेत्र में लगभग कुल 50 हजार घर हैं। जिसमें तकरीबन पांच हजार मकान जर्जर हैं। यह जर्जर मकान लगभग हर मोहल्लों में हैं। जिसमें रुहट्टा में राजा साहब की कोठी के पास, ओलंदगंज में सद्भावनापुल चौराहा, मछरहट्टा गली में , ईशापुर मोड़, सुतहट्टी चौराहा, ताड़तला, मियांपुर प्राथमिक विद्यालय के पास आदि स्थानों पर जर्जर मकान है।लेकिन नगर पालिका द्वारा इन मकानों का चिंहाकन भी नहीं किया गया है। जबकि जिले में तीन माह से बारिश हो रही है। लेकिन दो दिनों से तो लगातार बारिश हो रही है। जिससे इन मकानों के ढ़ह जाने की संभावना है। अगर यह मकान ढ़हे तो जान माल का काफी नुकसान हो सकता है।
शहर क्षेत्र में जर्जर मकानों के सर्वे का कार्य कराया जा रहा है। इसके लिए कर्मचारियों को लगाया गया है। सर्वे के बाद जर्जर मकानों को गिराने के लिए मकान स्वामियों को नोटिस देने का कार्य किया जाएगा। शहर क्षेत्र में लगभग 50 हजार मकान होंगे। जिसमें से 15 फीसदी मकान जर्जर होंगे।-कृष्णचंद्र, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका
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नगर पालिका प्रशासन पिछले तीन सालों से जर्जर मकानों का सर्वे पूरा नहीं कर सका है। जबकि एक माह से बारिश हो रहा है। नगर में स्थित जर्जर मकानों को गिरवाने की जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की है। लेकिन नगर पालिका प्रशासन इसके प्रति उदासीन बना हुआ है। उसके द्वारा इन जर्जर मकानों के प्रति कोई कार्यवाई नहीं की जा रही है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शहर क्षेत्र की कुल आबादी लगभग तीन लाख है। शहर क्षेत्र में लगभग कुल 50 हजार घर हैं। जिसमें तकरीबन पांच हजार मकान जर्जर हैं। यह जर्जर मकान लगभग हर मोहल्लों में हैं। जिसमें रुहट्टा में राजा साहब की कोठी के पास, ओलंदगंज में सद्भावनापुल चौराहा, मछरहट्टा गली में , ईशापुर मोड़, सुतहट्टी चौराहा, ताड़तला, मियांपुर प्राथमिक विद्यालय के पास आदि स्थानों पर जर्जर मकान है।लेकिन नगर पालिका द्वारा इन मकानों का चिंहाकन भी नहीं किया गया है। जबकि जिले में तीन माह से बारिश हो रही है। लेकिन दो दिनों से तो लगातार बारिश हो रही है। जिससे इन मकानों के ढ़ह जाने की संभावना है। अगर यह मकान ढ़हे तो जान माल का काफी नुकसान हो सकता है।
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शहर क्षेत्र में जर्जर मकानों के सर्वे का कार्य कराया जा रहा है। इसके लिए कर्मचारियों को लगाया गया है। सर्वे के बाद जर्जर मकानों को गिराने के लिए मकान स्वामियों को नोटिस देने का कार्य किया जाएगा। शहर क्षेत्र में लगभग 50 हजार मकान होंगे। जिसमें से 15 फीसदी मकान जर्जर होंगे।-कृष्णचंद्र, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका
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