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यौन शोषण के लिए निकट के संबंधी हैं अधिक जिम्मेदार
Updated Sat, 25 Aug 2018 12:40 AM IST
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खेतासराय। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व सिविल जज लोकेश वरुण ने कहा कि लोग अज्ञानता वश बहुत सी बुरी आदतें पाल लेते हैं। वे समझ पाते की यह अपराध है। बात-बात में गाली देना और जान से मारने की धमकी देना इसके उदाहरण हैं। वह सर्वोदय इंटर कालेज खुदौली में लीगल लिटरेसी क्लब के उदघाटन के बाद आयोजित जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कहा कि आधे से अधिक यौन उत्पीड़न के मामलों में निकट संबंधियों का हाथ होता है।
उन्होंने कहा कि बच्चे संकोचवश उनका विरोध नहीं करते। इन अपराधों को रोकने के लिए बालकों और किशोरों में विधिक जागरूकता जरूरी है। उपजिलाधिकारी शाहगंज राजेश कुमार वर्मा ने कहा कि विद्यालयों में शारीरिक दण्ड वर्जित है। छात्र सकरात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मेहनत करे तभी उन्हें सफलता मिलेगी। बाल संरक्षण अधिकारी चंदन राय ने कहा कि 18 वर्ष से कम आयु का जो भी है उसे कानून की नजर में बालक माना गया है। उसे जीने का अधिकार संरक्षण का अधिकार सहभागिता का अधिकार विकास का अधिकार का है। कानून के अनुसार उसे यह सभी अधिकार दिए गए हैं। समाज सेविका डा. अंजू सिंह ने विद्यालयों में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने और विधिक जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया। इसके पूर्व कार्यक्रम का आरम्भ सरस्वती वंदना स्वागत गीत द्वारा किया गया। प्रोजेक्टर के माध्यम से छात्रों को डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई। सलमान फ्रेंड्स ग्रुप ने बाल मजदूरी आकर्षक नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया । थीम सांग और एक्शन सांग पर खूब ताली बजी। प्रधानाचार्य अनिल कुमार उपाध्याय ने अतिथियों का माल्यार्पण और पुष्प गुच्छ प्रस्तुत कर स्वागत किया। संचालन लिटरेसी क्लब के नोडल अधिकारी डाक्टर कमलेंद्र तिरपाठी ने किया। उमादत्त मिश्र प्रबन्धक सर्वोदय इंटर कालेज ने आभार प्रकट किया। इस मौके पर वसुदेव तपेश्वरी कालेज की प्रिंसिपल सुनीता मिश्र, आदर्श भारती महाविद्यालय के प्राचार्य विनय सिंह, विभा पांडेय, सफिया खान, प्रीति सिंह, एनसीसी कैडेट राजेश यादव, विनोद पांडेय आदि मौजूद रहे।
उन्होंने कहा कि बच्चे संकोचवश उनका विरोध नहीं करते। इन अपराधों को रोकने के लिए बालकों और किशोरों में विधिक जागरूकता जरूरी है। उपजिलाधिकारी शाहगंज राजेश कुमार वर्मा ने कहा कि विद्यालयों में शारीरिक दण्ड वर्जित है। छात्र सकरात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मेहनत करे तभी उन्हें सफलता मिलेगी। बाल संरक्षण अधिकारी चंदन राय ने कहा कि 18 वर्ष से कम आयु का जो भी है उसे कानून की नजर में बालक माना गया है। उसे जीने का अधिकार संरक्षण का अधिकार सहभागिता का अधिकार विकास का अधिकार का है। कानून के अनुसार उसे यह सभी अधिकार दिए गए हैं। समाज सेविका डा. अंजू सिंह ने विद्यालयों में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने और विधिक जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया। इसके पूर्व कार्यक्रम का आरम्भ सरस्वती वंदना स्वागत गीत द्वारा किया गया। प्रोजेक्टर के माध्यम से छात्रों को डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई। सलमान फ्रेंड्स ग्रुप ने बाल मजदूरी आकर्षक नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया । थीम सांग और एक्शन सांग पर खूब ताली बजी। प्रधानाचार्य अनिल कुमार उपाध्याय ने अतिथियों का माल्यार्पण और पुष्प गुच्छ प्रस्तुत कर स्वागत किया। संचालन लिटरेसी क्लब के नोडल अधिकारी डाक्टर कमलेंद्र तिरपाठी ने किया। उमादत्त मिश्र प्रबन्धक सर्वोदय इंटर कालेज ने आभार प्रकट किया। इस मौके पर वसुदेव तपेश्वरी कालेज की प्रिंसिपल सुनीता मिश्र, आदर्श भारती महाविद्यालय के प्राचार्य विनय सिंह, विभा पांडेय, सफिया खान, प्रीति सिंह, एनसीसी कैडेट राजेश यादव, विनोद पांडेय आदि मौजूद रहे।
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