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सड़क पर उतरे अधिवक्ता, प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर फूंका पुतला

Thu, 09 Aug 2018 01:33 AM IST
Updated Thu, 09 Aug 2018 01:33 AM IST
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सड़क पर उतरे अधिवक्ता, प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर फूंका पुतला

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जौनपुर। दीवानी न्यायालय के अधिवक्ताओं ने आंबेडकर तिराहे पर जिला प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और पुतला फूंका। आंदोलन में वादकारियों ने भी उनका साथ दिया। डेढ़ घंटे तक काफी संख्या में प्रदर्शन चला। अधिवक्ताओं का कहना था कि जिला प्रशासन ऑटो रिक्शा आंबेडकर तिराहे पर रोकने का बेजा आदेश दिया है। इससे वादकारियों और अधिक्ताओं को परेशानी हो रही है। न्यायालय के रास्ते में व्यवधान पहुंचाना अवमानना की श्रेणी में आता है। उन्होंने दो दिन का अल्टीमेटम दिया और समाधान नहीं होने पर हाईकोर्ट में अवमानना याचिका की चेतावनी दी।
एक दिन पूर्व हुए प्रस्ताव के अनुसरण में अध्यक्ष बृजनाथ पाठक, मंत्री बरसातू राम के नेतृत्व में भारी संख्या में अधिवक्ता बुधवार को सुबह 10 बजे अंबेडकर तिराहे पर इकट्ठा हो गए। पुलिस फोर्स की मौजूदगी में अधिवक्ताओं ने जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी व प्रदर्शन किया। 11:30 बजे के बाद अधिवक्ता परिसर में वापस लौट आए। इसके बाद बंदियों की गाड़ी कोर्ट में प्रवेश की। अध्यक्ष के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मिला। जिलाधिकारी ने शीघ्र ही समस्या के समाधान की बात कही। यह भी कहा कि बेतरतीब ढंग से ऑटो रिक्शा न्यायालय के गेट पर खड़ा होने के कारण आवागमन में काफी व्यवधान पैदा होता है। करीब 2 बजे अधिवक्ताओं ने साधारण सभा की बैठक किया जिसमें सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित हुआ कि यदि 2 दिन के भीतर जिला प्रशासन ऑटो रिक्शा के आवागमन पर रोक नहीं हटाता तो अधिवक्ता बैठक कर आंदोलन और तीव्र करने के लिए बाध्य होंगे।
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प्रसूता की मौत पर चिकित्सा अधीक्षक, एमओ पर वाद
जौनपुर। महाराजगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के दौरान गर्भवती महिला की मौत के मामले में सीजेएम ने चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गोपेश सिंह, चिकित्साधिकारी डॉक्टर देवेंद्र, दो नर्स व दो एएनएम पर वाद दर्ज किया है। कोर्ट ने मामले की जांच का आदेश थानाध्यक्ष महाराजगंज को दिया। जांच की बिंदुवार आख्या कोर्ट ने 28 अगस्त को तलब किया है।
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विनोद यादव निवासी शेषपुर, महाराजगंज ने कोर्ट में धारा 156(3) के तहत प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि 4 अप्रैल 2018 को उसकी गर्भवती पत्नी कमला के पेट में दर्द होने पर वह उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महाराजगंज ले गया। वहां डॉक्टर देवेंद्र ने स्वयं कमला को न देखकर नर्स व एएनएम से प्रसव कराने का निर्देश देकर उनके सुपुर्द कर दिया। उनके द्वारा लिखे गए पर्चे पर वादी ने दवा खरीद कर दिया। 25 सौ रुपए डिलीवरी की डॉक्टरी फीस की मांग की गई। उसे भी वादी ने अदा कर दिया। इसके बाद वे वादी की पत्नी को लेबर रूम में ले गईं और जमीन पर ही लिटाकर उपेक्षापूर्वक, अमानवीय तरीके से नर्स व एएनएम द्वारा रात में 9 बजे पत्नी कमला की डिलीवरी की गई। उपेक्षा पूर्वक डिलीवरी के कारण अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा जिससे कमला तड़पने लगी। इसकी जानकारी वादी ने चिकित्सा अधिकारी देवेंद्र व चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर गोपेश को दिया। इसके बावजूद भी समुचित इलाज पत्नी का नहीं किया गया जिसके कारण उसकी पत्नी की मृत्यु हो गई। जब वादी ने कहा कि आप लोगों की उपेक्षा से उसकी पत्नी की मृत्यु हो गई। तब डॉक्टरों ने उसे भद्दी-भद्दी गालियां व जान से मारने की धमकी दी। थाना महाराजगंज व पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। तब वादी ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कोर्ट में मुकदमा दायर किया।

राजेश सिंह हत्याकांड में जिलाधिकारी को अल्टीमेटम
जौनपुर। जफराबाद थाना क्षेत्र के जमैथा निवासी राजेश सिंह हत्याकांड में उन्नाव के गंगाघाट में तैनात कोतवाल दिनेश चंद्र मिश्र को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का पुलिस अधीक्षक को एवं उनका वेतन रोकने का आदेश जिलाधिकारी उन्नाव को एफटीसी प्रथम ने दिया है। कोर्ट ने जिलाधिकारी को अल्टीमेटम दिया कि यदि गवाह नियत तिथि पर पेश नहीं किया जाता और साक्ष्य का अवसर समाप्त करना पड़ता है तो उसके जिम्मेदार जिलाधिकारी होंगे।

कोर्ट ने कहा कि मुकदमे के दिन-प्रतिदिन निस्तारण का हाईकोर्ट का आदेश है। इसके बावजूद भी गवाह का वारंट व नोटिस के बाद भी कोर्ट में गवाब देने कोतवाल के न आने से मुकदमे में विलंब हो रहा है जो कि आपत्तिजनक है। बताते चलें कि 17 सितंबर 2014 को 8:45 बजे रात जमैथा गांव में कार से जाते समय राजेश सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना की प्राथमिकी राजेश के भाई दुर्गेश ने दर्ज कराया था। विवेचना में आरोपियों का नाम प्रकाश में आया। आरोपी आनंद की निशानदेही पर पुलिस ने आलाकत्ल पिस्टल भी बरामद किया था। चार्जशीट आने के बाद मुकदमा गवाही में चल रहा है।
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