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बंदी की पिटाई प्रकरण में हाजिर हुए जेल अधीक्षक
Updated Sun, 05 Aug 2018 12:29 AM IST
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जौनपुर। बक्शा थाना क्षेत्र की नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले में जेल में बंद आरोपी राजमन को गिरफ्तारी के समय पुलिस द्वारा पिटाई करने का हवाला देते हुए उसके अधिवक्ता ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। कोर्ट द्वारा जेल अधीक्षक को तलब किया गया। डॉक्टरों द्वारा बंदी के किए गए मेडिकल की रिपोर्ट लेकर जेल अधीक्षक शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत में उपस्थित हुए। डॉक्टरों की रिपोर्ट के अनुसार बंदी को कोई चोट नहीं है। केवल दर्द की शिकायत है जबकि उसके परिजनों का आरोप है कि उसे गंभीर चोटें पहुंचाई गई है। चोटों के फोटोग्राफ्स का हवाला दिया गया है।
विदित हो कि बक्शा थाना क्षेत्र निवासी नाबालिग के अपहरण के मामले में आरोपी राजमन को पुलिस ने 25 जुलाई को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा। बंदी के परिजनों का आरोप है कि राजमन को गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने बुरी तरह से मारा पीटा उसे पहुंचाई गई चोटों के फोटोग्राफ्स इस बात का सबूत हैं। बंदी के अधिवक्ता ने उसका पुन: मेडिकल कराने के संबंध में कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया लेकिन जेल से रिपोर्ट न भेजकर बंदी को ही न्यायालय भेज दिया गया। उसे गंभीर चोटें आई थी। बंदी राजमन के परिजनों का कहना है कि मेडिकल बोर्ड गठित करके उसका दोबारा डॉक्टरी मोआयना कराया जाए। इससे पुलिस उत्पीड़न और की गई ज्यादती का स्वत: खुलासा हो जाएगा। हालांकि फोटोग्राफ में बंदी राजमन के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मौजूद हैं।
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विदित हो कि बक्शा थाना क्षेत्र निवासी नाबालिग के अपहरण के मामले में आरोपी राजमन को पुलिस ने 25 जुलाई को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा। बंदी के परिजनों का आरोप है कि राजमन को गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने बुरी तरह से मारा पीटा उसे पहुंचाई गई चोटों के फोटोग्राफ्स इस बात का सबूत हैं। बंदी के अधिवक्ता ने उसका पुन: मेडिकल कराने के संबंध में कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया लेकिन जेल से रिपोर्ट न भेजकर बंदी को ही न्यायालय भेज दिया गया। उसे गंभीर चोटें आई थी। बंदी राजमन के परिजनों का कहना है कि मेडिकल बोर्ड गठित करके उसका दोबारा डॉक्टरी मोआयना कराया जाए। इससे पुलिस उत्पीड़न और की गई ज्यादती का स्वत: खुलासा हो जाएगा। हालांकि फोटोग्राफ में बंदी राजमन के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मौजूद हैं।
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