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कचरे से कंपोस्ट खाद बनाएगा नगर पालिका
Updated Mon, 23 Jul 2018 12:00 AM IST
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जौनपुर। नगर पालिका कचरे के निस्तारण की समस्या से परेशान है। पालिका के कर्मचारी जहां-तहां कूड़ा डंप कर देते हैं और उसमें आग लगा दी जाती है। अब इस समस्या से निजात मिल जाएगी। नगर पालिका कचरे से कंपोस्ट तैयार कने जा रहा है। ऐसे में घरों से निकलने वाला गीला कचरा अब सड़कों के किनारे डंप नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी की पहल पर नगर पालिका प्रशासन ने इसे प्रायोगिक तौर पर शुरू किया है। प्रयोग सफल होने पर उसे बड़े पैमाने पर लागू किया जाएगा।
जिलाधिकारी की पहल पर नगर पालिका ने कचरा प्रबंधन की नई योजना बनाई है। इसके तहत गीले कचरे से कंपोस्ट तैयार किया जाएगा, जिससे किसानों को मुहैया कराया जाएगा। इसके लिए कुल्हनामऊ के पास जेसीबी मशीन से बड़ा गड्ढा तैयार कर लिया गया है। सब्जी मंडी और फल मंडी से निकलने वाला कचरे में सो जो चारे के लायक होगा उसे गोशाला भेजा जाएगा और जो बेकार होगा उसे कंपोस्ट के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। घरों से भी सूखा और गीला कचरा अलग-अलग करके लिया जाएगा। फल और सब्जियों के छिलकों को मवेशियों के खाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। ऐसे कचरे को प्यारेपुर गांव में नगरपालिका की ओर से बनवाए गए गोशाला में भेजा जाएगा। इसके अलावा जो गीला कचरा बचेगा उससे कम्पोस्ट तैयार की जाएगी और उसे मामूली कीमत पर किसानों को मुहैया कराया जाएगा। इससे जहां नगरपालिका की आमदनी बढ़ेगी वहीं कृषि को भी लाभ होगा और सड़कों के किनारे कचरा जमा होने की समस्या भी कम हो जाएगी। ईओ नगर पालिका कृष्ण चंद्र ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर कचरा प्रबंधन के लिए नगर पालिका नया प्रयोग करने जा रहा है। कम्पोस्ट बनाने में कृषि वैज्ञानिकों की भी मदद ली जा रही है। पहले सब्जी मंडी और ओलंदगंज से गीला कचरा अलग किया जाएगा। इन दोनों प्रमुख इलाकों से करीब दो ट्राली गीला कचरा रोज निकलता है। जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी ने बताया कि जौनपुर नगर पालिका ने नया प्रयोग शुरू किया है। इसके सफल होने पर नगर पंचायतों में भी लागू कर दिया जाएगा।
शहर से रोज निकलता है 90 मिट्रिक टन कचरा
जौनपुर। शहर में प्रतिदिन 90 मिट्रिक टन कचरा निकलता है लेकिन कचरा निस्तारण का कोई इंतेजाम नहीं है। कचरा प्रबंधन के लिए कुल्हनामऊ में सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए वर्ष 2008 में काम शुरू हुआ जो अभी तक पूरा नहीं हो सका है। सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का निर्माण कराने वाली कंपनी ए टू जेड का दावा है कि इस साल दिसंबर तक इस प्लांट को चाली कर दिया जाएगा।
जिलाधिकारी की पहल पर नगर पालिका ने कचरा प्रबंधन की नई योजना बनाई है। इसके तहत गीले कचरे से कंपोस्ट तैयार किया जाएगा, जिससे किसानों को मुहैया कराया जाएगा। इसके लिए कुल्हनामऊ के पास जेसीबी मशीन से बड़ा गड्ढा तैयार कर लिया गया है। सब्जी मंडी और फल मंडी से निकलने वाला कचरे में सो जो चारे के लायक होगा उसे गोशाला भेजा जाएगा और जो बेकार होगा उसे कंपोस्ट के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। घरों से भी सूखा और गीला कचरा अलग-अलग करके लिया जाएगा। फल और सब्जियों के छिलकों को मवेशियों के खाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। ऐसे कचरे को प्यारेपुर गांव में नगरपालिका की ओर से बनवाए गए गोशाला में भेजा जाएगा। इसके अलावा जो गीला कचरा बचेगा उससे कम्पोस्ट तैयार की जाएगी और उसे मामूली कीमत पर किसानों को मुहैया कराया जाएगा। इससे जहां नगरपालिका की आमदनी बढ़ेगी वहीं कृषि को भी लाभ होगा और सड़कों के किनारे कचरा जमा होने की समस्या भी कम हो जाएगी। ईओ नगर पालिका कृष्ण चंद्र ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर कचरा प्रबंधन के लिए नगर पालिका नया प्रयोग करने जा रहा है। कम्पोस्ट बनाने में कृषि वैज्ञानिकों की भी मदद ली जा रही है। पहले सब्जी मंडी और ओलंदगंज से गीला कचरा अलग किया जाएगा। इन दोनों प्रमुख इलाकों से करीब दो ट्राली गीला कचरा रोज निकलता है। जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी ने बताया कि जौनपुर नगर पालिका ने नया प्रयोग शुरू किया है। इसके सफल होने पर नगर पंचायतों में भी लागू कर दिया जाएगा।
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शहर से रोज निकलता है 90 मिट्रिक टन कचरा
जौनपुर। शहर में प्रतिदिन 90 मिट्रिक टन कचरा निकलता है लेकिन कचरा निस्तारण का कोई इंतेजाम नहीं है। कचरा प्रबंधन के लिए कुल्हनामऊ में सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए वर्ष 2008 में काम शुरू हुआ जो अभी तक पूरा नहीं हो सका है। सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का निर्माण कराने वाली कंपनी ए टू जेड का दावा है कि इस साल दिसंबर तक इस प्लांट को चाली कर दिया जाएगा।
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