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फेलोशिप व शोध आवेदन की जांच करेगा विवि
Updated Mon, 23 Jul 2018 12:00 AM IST
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करंजाकला। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने शोध करने वालों को राहत दी है। कॉलेजों के अधिकारों में कटौती करते हुए छात्रवृत्ति की राह आसान कर दिया है। सत्यापन की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंप दिया है। यूजीसी नई दिल्ली एवं जेआरएफ एसआरएफ प्रभारी अनुसचिव सुनीति गुलाटी ने पूर्वांचल विश्वविद्यालय को इस आशय का पत्र भेजा है।
पत्र में कहा गया है कि इसके पहले विवि के पीएचडी शोधार्थीयों को फेलोशिप के किए गए आवेदन का सत्यापन कराने के लिये कालेजों पर जिम्मेदारी सौपी थी। जिसे लेकर छात्रों को काफी परेशानी उठानी पड़ती थी। विवि से लेकर कालेज प्रशासन की लापरवाही के कारण काफी संख्या में जेआरएफ ( जूनियर शोध फेलोशिप) से छात्रों को वंचित होना पड़ता था। यूजीसी से पीएचडी के शोधार्थीयों को पचीस से तीस हजार रुपया शोध वृत्ति के रूप में मिलते थे। इसके लिए विवि अनुदान आयोग ने विश्वविद्यालय की आईडी और पासवर्ड के जरिए जारी करते हुए कहा है कि आवश्यक प्रपत्र भरकर विवि में जमा कराएं। इसके सत्यापन की प्रक्रिया अब विवि करेगा। यूजीसी की इस पहल से अब कोई भी शोधार्थी फेलोशिप से वंचित नहीं होगा। साथ-साथ उनको हाउस रेंट अलाउंस भी दिया जाएगा।
पत्र में कहा गया है कि इसके पहले विवि के पीएचडी शोधार्थीयों को फेलोशिप के किए गए आवेदन का सत्यापन कराने के लिये कालेजों पर जिम्मेदारी सौपी थी। जिसे लेकर छात्रों को काफी परेशानी उठानी पड़ती थी। विवि से लेकर कालेज प्रशासन की लापरवाही के कारण काफी संख्या में जेआरएफ ( जूनियर शोध फेलोशिप) से छात्रों को वंचित होना पड़ता था। यूजीसी से पीएचडी के शोधार्थीयों को पचीस से तीस हजार रुपया शोध वृत्ति के रूप में मिलते थे। इसके लिए विवि अनुदान आयोग ने विश्वविद्यालय की आईडी और पासवर्ड के जरिए जारी करते हुए कहा है कि आवश्यक प्रपत्र भरकर विवि में जमा कराएं। इसके सत्यापन की प्रक्रिया अब विवि करेगा। यूजीसी की इस पहल से अब कोई भी शोधार्थी फेलोशिप से वंचित नहीं होगा। साथ-साथ उनको हाउस रेंट अलाउंस भी दिया जाएगा।
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