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दूसरी काउंसिलिंग में बढ़ा दी गई थी ओबीसी की सीटें

Thu, 19 Jul 2018 12:44 AM IST
Updated Thu, 19 Jul 2018 12:44 AM IST
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दूसरी काउंसिलिंग में बढ़ा दी गई थी ओबीसी की सीटें

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जौनपुर। वर्ष 2016 में जिले के प्राथमिक विद्यालयों में हुई उर्दू शिक्षकों की भर्ती के दौरान पहली काउंसिलिंग में ही ओबीसी की सीटें भर गई थी बावजूद इसके दूसरी काउंसिंगल में ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को लाभ दिलाने के लिए सीटें बढ़ा दी गई थी। आरटीआई के तहत करीब ढाई साल बाद बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गई सूचना से खामियां उजागर होने पर शिकायतकर्ताओं ने जिलाधिकारी को शिकायतों का पुलिंदा सौंपा है।

उर्दू शिक्षकों की भर्ती में धांधली के चलते नौकरी पाने से वंचित रह गए लोगों को अभी भी उम्मीद है कि उनकी शिकायतों पर ईमानदारी से जांच हो तो फर्जी तरीके से नौकरी पाने वाले लोग बाहर होंगें और उन्हें सेवा का मौका मिलेगा। सिंगरामऊ के मो. फारुख अहमद की ओर से जिलाधिकारी को सौंपे गए शिकायती पत्र में इस बात का उल्लेख है कि वर्ष 2016 में उर्दू शिक्षकों की भर्ती के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से जो विज्ञापन कराया गया था उसमें ओबीसी की कुल 16 सीटें निर्धारित थी। इसी 16 सीटों में एक ओबीसी विकलांग और एक सीट ओबी भूतपूर्व सैनिक के लिए आरक्षित की गई थी। 26 फरवरी 2016 को कराई गई पहली काउंसिलिंग में विशेष आरक्षण की दो सीटों को छोड़कर ओबीसी की सभी 14 सीटें भर गई थीं। बावजूद इसके पांच मार्च 2016 को जब दूसरी काउंसिलिंग के लिए दो मार्च 2016 को विज्ञापन कराया गया तो उसमें ओबीसी की छह सीटों पर भर्ती के लिए विज्ञापन करा दिया गया। इतना ही नहीं भर्ती में हेराफेरी के लिए बीएसए कार्यालय की ओर से बुने गए जाल के बारे में किसी को भनक न लगे इसके लिए एक विज्ञापन के बाद संशोधित विज्ञापन भी कराया गया था। डीएम को सौंपे गए पत्रक में मिसाल के तौर पर बताया गया है कि पहली काउंसिलिंग में सामान्य वर्ग की कटआफ मेरिट 54.8 थी जिसे संशोधित विज्ञापन के जरिए बताया गया कि सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों की कटआफ मेरिट 54.8 की जगह 54.24 है। इसी संशोधन के कारण कई लोग काउंसिलिंग के बाद भी नौकरी पाने से वंचित रह गए जो अपने हक के लिए जिले के उच्च अधिकारियों के यहां से लेकर हाईकोर्ट तक लड़ाई लड़ रहे हैं। इस संबंध में बीएसए डा. राजेंद्र सिंह का कहना है कि अभी तक की जांच में जो नियुक्ति में जो गड़बड़ी सामने आई है उसके आधार पर संबंधित पांच शिक्षकों को निलंबित किया जा चुका है। जो मामले कोर्ट में लंबित हैं उसमें कोई दखल नहीं दी जा सकती।
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