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अभिनेता जॉन अब्राहम समेत पांच के खिलाफ परिवाद दर्ज
Updated Tue, 17 Jul 2018 12:20 AM IST
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जौनपुर। फिल्म सत्यमेव जयते के ट्रेलर में मोहर्रम के जुलूस के मातम के दौरान हत्या का सीन दिखाये जाने के विरोध में शहंशाह हुसैन ने एसीजेएम द्वितीय कोर्ट में अभिनेता जॉन अब्राहम, फिल्म निर्देशक और तीन निर्माताओं के खिलाफ परिवार दायर किया है। उन्होंने कहा कि इससे परिवादी व शिया समुदाय की भावनाएं आहत हुईं हैं।
परिवादी शहंशाह हुसैन निवासी पुरानी बाजार ने कोर्ट में सत्यमेव जयते फिल्म के अभिनेता जॉन अब्राहम, निर्देशक मिलाप मिलन जावेरी व तीन निर्माताओं के खिलाफ परिवाद दायर किया है। उनका कहना है कि 28 जून को सत्यमेव जयते फिल्म का ट्रेलर रिलीज हुआ। इसमें अभिनेता जॉन अब्राहम को मोहर्रम के जुलूस में मातम करने के दौरान हत्या करते दिखाया गया है। सोशल मीडिया पर 2 व 3 जुलाई को फिल्म का ट्रेलर परिवादी व गवाहों ने घर पर देखा, पढ़ा और सुना। इससे शिया समुदाय के परिवादी व अन्य की धार्मिक भावना आहत हुई हैं। परिवादी के अधिवक्ता हिमांशु श्रीवास्तव ने तर्क दिया कि फिल्म भ्रष्टाचार पर आधारित है। इसमें मोहर्रम का जुलूस और मातम के दौरान अभिनेता द्वारा हत्या के सीन की जरूरत ही नहीं हैं। इसके बगैर भी फिल्म पूरी हो जाती। ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में जानबूझकर विवादित दृश्य फिल्म में डाला गया है। ऐसे दृश्यों से अराजकता एवं लोक शान्ति भंग होने की आशंका है। कोर्ट से आरोपियों को तलब कर दंडित करने की मांग की गई है। न्यायालय ने मामले को बतौर परिवाद दर्ज कर परिवादी व गवाहों को बयान के लिए तलब किया है।
परिवादी शहंशाह हुसैन निवासी पुरानी बाजार ने कोर्ट में सत्यमेव जयते फिल्म के अभिनेता जॉन अब्राहम, निर्देशक मिलाप मिलन जावेरी व तीन निर्माताओं के खिलाफ परिवाद दायर किया है। उनका कहना है कि 28 जून को सत्यमेव जयते फिल्म का ट्रेलर रिलीज हुआ। इसमें अभिनेता जॉन अब्राहम को मोहर्रम के जुलूस में मातम करने के दौरान हत्या करते दिखाया गया है। सोशल मीडिया पर 2 व 3 जुलाई को फिल्म का ट्रेलर परिवादी व गवाहों ने घर पर देखा, पढ़ा और सुना। इससे शिया समुदाय के परिवादी व अन्य की धार्मिक भावना आहत हुई हैं। परिवादी के अधिवक्ता हिमांशु श्रीवास्तव ने तर्क दिया कि फिल्म भ्रष्टाचार पर आधारित है। इसमें मोहर्रम का जुलूस और मातम के दौरान अभिनेता द्वारा हत्या के सीन की जरूरत ही नहीं हैं। इसके बगैर भी फिल्म पूरी हो जाती। ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में जानबूझकर विवादित दृश्य फिल्म में डाला गया है। ऐसे दृश्यों से अराजकता एवं लोक शान्ति भंग होने की आशंका है। कोर्ट से आरोपियों को तलब कर दंडित करने की मांग की गई है। न्यायालय ने मामले को बतौर परिवाद दर्ज कर परिवादी व गवाहों को बयान के लिए तलब किया है।
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