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पूविवि बंटा तो आधे से कम हो जाएगी कालेजों की संख्या
Updated Sun, 15 Jul 2018 12:16 AM IST
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जौनपुर। मऊ और गाजीपुर जिलों के महाविद्यालयों को जन नायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय से संबद्ध करने की तैयारी है। ऐसा होने पर वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कॉलेजों की संख्या आधी रह जाएगी और आय कम होगी। कर्मचारी इस विभाजन के खिलाफ हैं और आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि विश्वविद्यालय से 11 जिलों के कॉलेज संबद्ध थे। पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पहले बंटवारा के समय इलाहाबाद, मऊ, जौनपुर, वाराणासी, चंदौली, मीर्जापुर, भदोही, आजमगढ़, गाजीपुर, बलिया, सोनभद्र के कालेज विश्वविद्यालय से जुड़े थे। 2009-10 में जब बंटवारा हुआ तो जौनपुर, गाजीपुर, मऊ और आजमगढ़ के कालेज ही रह गए। शेष कालेजों को महात्मा काशी विद्यापीठ से जोड़ दिया गया। वर्तमान में करीब 800 कॉलेज विश्वविद्यालय से जुड़े हैं। इस बार मऊ और गाजीपुर के कॉलेजों को चंद्रशेखर विश्वविद्यालय से जोड़ने की तैयारी है। बंटवारे के बाद गाजीपुर के 259 और मऊ 132 कालेज कटकर बलिया में चले जाएंगे। पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पास केवल जौनपुर के 159 और आजमगढ़ के 195 कालेज व इलाहाबाद के एक कालेज बचा रह जाएगा। वर्तमान में विश्वविद्यलाय में पांच लाख 36 हजार छात्र जुड़े हैं जो आधे रह जाएंगे। विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अमलदार यादव, मंत्री स्वतंत्र कुमार और प्रदेश कोषाध्यक्ष राजेश सिंह का कहना है कि कर्मचारी संगठन किसी भी कीमत पर विश्वविद्यालय का बंटवारा नहीं होने देगा। आगर विश्वविद्यालय बंटा तो विश्वविद्यालय की आर्थिक स्थिति डामाडोल हो जाएगी।
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कर्मचारी नेताओं का कहना है कि विश्वविद्यालय से 11 जिलों के कॉलेज संबद्ध थे। पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पहले बंटवारा के समय इलाहाबाद, मऊ, जौनपुर, वाराणासी, चंदौली, मीर्जापुर, भदोही, आजमगढ़, गाजीपुर, बलिया, सोनभद्र के कालेज विश्वविद्यालय से जुड़े थे। 2009-10 में जब बंटवारा हुआ तो जौनपुर, गाजीपुर, मऊ और आजमगढ़ के कालेज ही रह गए। शेष कालेजों को महात्मा काशी विद्यापीठ से जोड़ दिया गया। वर्तमान में करीब 800 कॉलेज विश्वविद्यालय से जुड़े हैं। इस बार मऊ और गाजीपुर के कॉलेजों को चंद्रशेखर विश्वविद्यालय से जोड़ने की तैयारी है। बंटवारे के बाद गाजीपुर के 259 और मऊ 132 कालेज कटकर बलिया में चले जाएंगे। पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पास केवल जौनपुर के 159 और आजमगढ़ के 195 कालेज व इलाहाबाद के एक कालेज बचा रह जाएगा। वर्तमान में विश्वविद्यलाय में पांच लाख 36 हजार छात्र जुड़े हैं जो आधे रह जाएंगे। विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अमलदार यादव, मंत्री स्वतंत्र कुमार और प्रदेश कोषाध्यक्ष राजेश सिंह का कहना है कि कर्मचारी संगठन किसी भी कीमत पर विश्वविद्यालय का बंटवारा नहीं होने देगा। आगर विश्वविद्यालय बंटा तो विश्वविद्यालय की आर्थिक स्थिति डामाडोल हो जाएगी।
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