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आला अफसर की नौटंकी देख विभोर हुए लोग
Updated Tue, 10 Jul 2018 12:16 AM IST
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जौनपुर। ‘आला अफसर’ नौटंकी के जरिए कलाकारों ने भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी व्यवस्था का बखूबी पर्दाफाश किया। इसकी प्रस्तुति संस्कार भारती की ओर से टीडी कॉलेज में आयोजित ‘समूहन ग्राम्यमान नाट्य समारोह’ के दूसरी निशा में सोमवार को की गई।
चित्तपुर कस्बे के चेयरमैन, हाकिम, पोस्टमास्टर, हेडमास्टर, दरोगा सब भ्रष्ट हैं। खबर आती है कि इनके खिलाफ खुफिया जांच शुरू हो गई है और जांच अधिकारी आला अफसर हैं। चारों तरफ आशंका का वातावरण बन जाता है। ऐसे में ही एक नौजवान होटल में आकर रुकता है। सब उसे ही आला अफसर समझ लेते हैं और उसकी खूब आवभगत करते हैं। युवक भी उनकी सेवा का आदर करता है और उनकी गलतफहमी का फायदा उठाकर रुपये भी ऐंठने से नहीं चूकता। यहां तक की चेयरमैन की बीवी और बेटी दोनों से इश्क लड़ाता है। गांव के गरीबों से भी रिश्वत लेता है। अच्छा खासा माल इकट्ठा करके चंपत हो जाता है। लोग ठगे तब रह जाते हैं असली अफसर के आने की सच्ची सूचना मिलती है। मुद्राराक्षस लिखित आला अफसर को निर्देशक आतमजीत सिंह ने नौटंकी शैली में प्रस्तुत कर दर्शकों से प्रभावी संवाद कायम किया। भूमिकाएं अजय मुखर्जी, अभिलाष नारायण, अर्चना केसरवानी, प्रतिभा श्रीवास्तव, कविता यादव, गौरव त्रिपाठी, आशुतोष त्रिपाठी, अक्षत अग्रवाल, नवीन सोनकर, रजत कुशवाहा, अवधेश कुमार पटेल ने अपने किरदार के साथ न्याय किया। मास्टर फूलचंद ने नक्कारा, उदय चंद्र परदेशी ने हारमोनियम पर कलाकारों का साथ दिया। संयोजक पर प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, वेशभूषा संजय चौधरी की थी।
विशिष्ट अतिथि दिनेश टण्डन पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष और डा. अरूण कुमार रहे। संस्कार भारती के काशी प्रांत के महामंत्री सुजीत कुमार तथा राजकमल, अंकुर मिश्र ने स्वागत किया। समापन पर समूहन कला संस्थान के निदेशक राजकुमार शाह ने संस्कार भारती ओर स्थानीय लोगों ने सहयोग किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक सुरेन्द्र प्रताप सिंह, अमित कुमार गुप्ता, विनीत सेठ, रवीन्द्रनाथ, कमलेश, अवधेश श्रीवास्तव, डा. ज्योति दास, अमित श्रीवास्तव, राजकिशोर, ऋषि श्रीवस्तव, अमित और विवेक मिश्र उपस्थित रहे।
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चित्तपुर कस्बे के चेयरमैन, हाकिम, पोस्टमास्टर, हेडमास्टर, दरोगा सब भ्रष्ट हैं। खबर आती है कि इनके खिलाफ खुफिया जांच शुरू हो गई है और जांच अधिकारी आला अफसर हैं। चारों तरफ आशंका का वातावरण बन जाता है। ऐसे में ही एक नौजवान होटल में आकर रुकता है। सब उसे ही आला अफसर समझ लेते हैं और उसकी खूब आवभगत करते हैं। युवक भी उनकी सेवा का आदर करता है और उनकी गलतफहमी का फायदा उठाकर रुपये भी ऐंठने से नहीं चूकता। यहां तक की चेयरमैन की बीवी और बेटी दोनों से इश्क लड़ाता है। गांव के गरीबों से भी रिश्वत लेता है। अच्छा खासा माल इकट्ठा करके चंपत हो जाता है। लोग ठगे तब रह जाते हैं असली अफसर के आने की सच्ची सूचना मिलती है। मुद्राराक्षस लिखित आला अफसर को निर्देशक आतमजीत सिंह ने नौटंकी शैली में प्रस्तुत कर दर्शकों से प्रभावी संवाद कायम किया। भूमिकाएं अजय मुखर्जी, अभिलाष नारायण, अर्चना केसरवानी, प्रतिभा श्रीवास्तव, कविता यादव, गौरव त्रिपाठी, आशुतोष त्रिपाठी, अक्षत अग्रवाल, नवीन सोनकर, रजत कुशवाहा, अवधेश कुमार पटेल ने अपने किरदार के साथ न्याय किया। मास्टर फूलचंद ने नक्कारा, उदय चंद्र परदेशी ने हारमोनियम पर कलाकारों का साथ दिया। संयोजक पर प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, वेशभूषा संजय चौधरी की थी।
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विशिष्ट अतिथि दिनेश टण्डन पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष और डा. अरूण कुमार रहे। संस्कार भारती के काशी प्रांत के महामंत्री सुजीत कुमार तथा राजकमल, अंकुर मिश्र ने स्वागत किया। समापन पर समूहन कला संस्थान के निदेशक राजकुमार शाह ने संस्कार भारती ओर स्थानीय लोगों ने सहयोग किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक सुरेन्द्र प्रताप सिंह, अमित कुमार गुप्ता, विनीत सेठ, रवीन्द्रनाथ, कमलेश, अवधेश श्रीवास्तव, डा. ज्योति दास, अमित श्रीवास्तव, राजकिशोर, ऋषि श्रीवस्तव, अमित और विवेक मिश्र उपस्थित रहे।
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