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बजट के बावजूद पैसे नहीं खर्च करने पर बैठाई जांच
Updated Sat, 07 Jul 2018 12:08 AM IST
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जौनपुर। डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी ने शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया और स्वास्थ्य विभाग की प्रगति पीछे होने का सीएमओ से कारण पूछा। उन्होंने कहा कि संक्रामक रोगों के उपचार के लिए बजट खर्च नहीं करने पर जांच बैठा दी और कोषाधिकारी से जांचकर रिपोर्ट मांगा। लिपिकों के कार्य विभाजन नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जताया। उधर जिला अस्पताल में मरीजों को दवा नहीं मिलने के बारे में पूछा और कर्मचारियों को वर्दी में मौजूद रहने के निर्देश दिए।
शुक्रवार की दोपहर में डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी अचानक सीएमओ कार्यालय पहुंचे तो अफरा तफरी मच गई। उन्होंने लिपिकों के बारे में जानकारी लिया। पूछा कि कौन लिपिक कितने दिनों से तैनात है और उनके पास कौन-कौन सा पटल है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के संबद्घ लिपिकों के बारे में भी जानकारी ली। सीएमओ डा. रामजी पांडेय ने बताया कि उन्हें रिलीफ किया जा रहा है। डीएम ने संक्रामक रोगों के उपचार और स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति के बारे में पूछताछ किया और कहा कि क्या कारण है कि जिला प्रदेश की मार्किंग में पीछे है। सीएमओ से दो दिन के अंदर लिपिकों का पूरा विवरण उन्होंने मांगा। इसके बाद जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। जहां डायलिसिस वार्ड भी देखा और मरीजों से उनकी समस्या की जानकारी ली। दवा के बारे में सीएमएस डा. एसके पांडेय ने बताया कि वेंडर को आर्डर भेज दिया गया है। जो दवाएं जिला अस्पताल में नहीं है। जल्द ही आ जाएंगी। डीएम ने दवाओं की कमी का विवरण मांगा। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल में पिछली बार निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट ड्रेस में नहीं थे। इस बार सुधार तो हुआ है लेकिन कुछ वार्ड ब्वाय वार्डों में ड्रेस में नहीं दिखे हैं। अस्पताल में सभी कर्मचारी ड्रेस में आएं ताकि मरीजों को पता हो कि वह कर्मचारी हैं।
सीएमओ कार्यालय में लिपिकों का विवरण मांगा गया है। बजट नहीं खर्च करने पर कोषाधिकारी को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। जिला अस्पताल में इस बार मरीजों के बेडशीट अच्छे पाए गए। दवाओं के संबंध में सीएमएस ने बताया कि वेंडर को आर्डर दे दिया गया है। जल्द ही फिर जिला अस्पताल की आकस्मिक चेकिंग की जाएगी।
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अरविंद मलप्पा बंगारी
डीएम
शुक्रवार की दोपहर में डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी अचानक सीएमओ कार्यालय पहुंचे तो अफरा तफरी मच गई। उन्होंने लिपिकों के बारे में जानकारी लिया। पूछा कि कौन लिपिक कितने दिनों से तैनात है और उनके पास कौन-कौन सा पटल है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के संबद्घ लिपिकों के बारे में भी जानकारी ली। सीएमओ डा. रामजी पांडेय ने बताया कि उन्हें रिलीफ किया जा रहा है। डीएम ने संक्रामक रोगों के उपचार और स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति के बारे में पूछताछ किया और कहा कि क्या कारण है कि जिला प्रदेश की मार्किंग में पीछे है। सीएमओ से दो दिन के अंदर लिपिकों का पूरा विवरण उन्होंने मांगा। इसके बाद जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। जहां डायलिसिस वार्ड भी देखा और मरीजों से उनकी समस्या की जानकारी ली। दवा के बारे में सीएमएस डा. एसके पांडेय ने बताया कि वेंडर को आर्डर भेज दिया गया है। जो दवाएं जिला अस्पताल में नहीं है। जल्द ही आ जाएंगी। डीएम ने दवाओं की कमी का विवरण मांगा। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल में पिछली बार निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट ड्रेस में नहीं थे। इस बार सुधार तो हुआ है लेकिन कुछ वार्ड ब्वाय वार्डों में ड्रेस में नहीं दिखे हैं। अस्पताल में सभी कर्मचारी ड्रेस में आएं ताकि मरीजों को पता हो कि वह कर्मचारी हैं।
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सीएमओ कार्यालय में लिपिकों का विवरण मांगा गया है। बजट नहीं खर्च करने पर कोषाधिकारी को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। जिला अस्पताल में इस बार मरीजों के बेडशीट अच्छे पाए गए। दवाओं के संबंध में सीएमएस ने बताया कि वेंडर को आर्डर दे दिया गया है। जल्द ही फिर जिला अस्पताल की आकस्मिक चेकिंग की जाएगी।
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अरविंद मलप्पा बंगारी
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