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झमाझम हुई बारिश, किसान हुए निहाल
Updated Wed, 04 Jul 2018 12:45 AM IST
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जौनपुर। एक सप्ताह के इंतजार के बाद मंगलवार को दोपहर करीब ढाई बजे झमाझम बारिश हुई। बारिश से जहां किसानों के चेहरे खिल गए वहीं गर्मी से भी लोगों को राहत मिली है। मौसम सुहाना हो गया। शहर के निचले इलाकों में जलभराव होने से लोगों को दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा।
बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी के चलते रबी की फसलों की बुवाई भी अगले दिन सुबह से शुरू हो जाएगी। जो किसान पिछले दिनों 26 जून को हुई हल्की बारिश के बाद ही मक्का, बाजरा आदि फसलों की बुवाई कर बारिश का इंतजार कर रहे थे उन्होंने भी राहत की सांस ली है। मानसून की पहली बारिश जिले में 26 जून को हुई थी। पहली बारिश के बाद एक दिन के लिए लोगों को गर्मी से राहत रही लेकिन अगले दिन से उमस बढ़ गई थी। अधिकतर किसान अभी तक खरीफ की फसलों की बुवाई नहीं कर सके थे। जहां तहां किसानों ने पहली बारिश के बाद ही बुवाई कर दी थी तो उन्हें भी इस बात की चिंता सता रही थी कि अगर दोबारा बारिश होने में देरी हुई तो बीज और जुताई का पैसा भी बर्बाद हो जाएगा। एक सप्ताह के बाद मंगलवार को दोपहर करीब ढाई बजे आसमान में काली घटना छा गई और देखते ही देखते झमाझम बारिश शुरू हो गई। शहर के मल्हनी, पड़ाव, मुल्ला टोला, मोहल्ला मीरमस्त, खासनपुर, ओलंदगंज, ताड़तला आदि इलाकों में देर तक पानी सड़कों पर जमा रहा। रुहट्टा, मछलीशहर पड़ाव, परमानतपुर में भी नाली जाम होने के चलते काफी देर तक सड़क पर पानी भरा रहा। जिससे आवागमन में परेशानी हुई। नगर पालिका प्रशासन ने मानसून आने से पहले ही नालों और नालियों की सफाई कराने का दावा किया था लेकिन बारिश ने नगरपालिका के दावे की भी पोल खोल दी। जिले के बक्शा, नौपेड़वा, सिकरारा, सुजानगंज, मुंगराबादशापुर, मछलीशहर, बरईपार आदि इलाकों में भी झमाझम बारिश होने की खबर है। बक्शा विकास खंड के उत्तरपट्टी गांव के किसान पंधारी यादव का कहना है कि रबी की बुवाई अब पिछड़ रही थी जिससे किसान दिन रात आसमान की तरफ टकटकी लगाए थे। अब मक्का, ज्वार, मूंग, तिल आदि की बुवाई किसान कर सकेंगे।
बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी के चलते रबी की फसलों की बुवाई भी अगले दिन सुबह से शुरू हो जाएगी। जो किसान पिछले दिनों 26 जून को हुई हल्की बारिश के बाद ही मक्का, बाजरा आदि फसलों की बुवाई कर बारिश का इंतजार कर रहे थे उन्होंने भी राहत की सांस ली है। मानसून की पहली बारिश जिले में 26 जून को हुई थी। पहली बारिश के बाद एक दिन के लिए लोगों को गर्मी से राहत रही लेकिन अगले दिन से उमस बढ़ गई थी। अधिकतर किसान अभी तक खरीफ की फसलों की बुवाई नहीं कर सके थे। जहां तहां किसानों ने पहली बारिश के बाद ही बुवाई कर दी थी तो उन्हें भी इस बात की चिंता सता रही थी कि अगर दोबारा बारिश होने में देरी हुई तो बीज और जुताई का पैसा भी बर्बाद हो जाएगा। एक सप्ताह के बाद मंगलवार को दोपहर करीब ढाई बजे आसमान में काली घटना छा गई और देखते ही देखते झमाझम बारिश शुरू हो गई। शहर के मल्हनी, पड़ाव, मुल्ला टोला, मोहल्ला मीरमस्त, खासनपुर, ओलंदगंज, ताड़तला आदि इलाकों में देर तक पानी सड़कों पर जमा रहा। रुहट्टा, मछलीशहर पड़ाव, परमानतपुर में भी नाली जाम होने के चलते काफी देर तक सड़क पर पानी भरा रहा। जिससे आवागमन में परेशानी हुई। नगर पालिका प्रशासन ने मानसून आने से पहले ही नालों और नालियों की सफाई कराने का दावा किया था लेकिन बारिश ने नगरपालिका के दावे की भी पोल खोल दी। जिले के बक्शा, नौपेड़वा, सिकरारा, सुजानगंज, मुंगराबादशापुर, मछलीशहर, बरईपार आदि इलाकों में भी झमाझम बारिश होने की खबर है। बक्शा विकास खंड के उत्तरपट्टी गांव के किसान पंधारी यादव का कहना है कि रबी की बुवाई अब पिछड़ रही थी जिससे किसान दिन रात आसमान की तरफ टकटकी लगाए थे। अब मक्का, ज्वार, मूंग, तिल आदि की बुवाई किसान कर सकेंगे।
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