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करोड़पति बाबूओं की तैयार होगी कुंडली
Updated Tue, 03 Jul 2018 12:16 AM IST
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जौनपुर। अफसर बदलते रहते हैं लेकिन बाबू एक ही पटल पर वर्षों से जमे है। उनको ही विभाग की सारी जानकारी होती है, जिसका वे बेजा इस्तेमाल करते हैं। उन्होेंने पूरे विभाग को शिकंजे में ले रखा है। इसकी शिकायत सांसदों और विधायकों की बैठक में की गई थी। जिलाधिकारी ऐसे बाबुओं की सूची तैयार कर रहा है, जो वर्षों से एक ही जगह पर जमे हैं। जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी ने सभी विभागों से ऐसे लिपिकों की सूची तैयार करने को कहा है जो वर्षों से एक ही पटल पर जमे हैं। उन्होेंने
जिला विद्यालय निरीक्षक, बीएसए, सीएमओ, कलेक्ट्रेट, परिवहन, कृषि, लेखपाल, डीपीआरओ, डीएसओ, एफसीआई, पीडब्लूडी, आरईएस के लिपिकों के बारे में जानकारी मांगी है। पिछले दिनों पीडब्लूडी के डाक बंगले पर मंत्री, सांसद, विधायक और भाजपा के पदाधिकारियों ने अफसरों के संग बैठक की थी। तब कहा गया था कि विभिन्न विभागों में भ्रष्टाचार की शिकायत चौपाल में लोगों ने की है। कई विभागों में लिपिक मनमानी कर रहे हैं, चौपाल में इसकी शिकायतें आई हैं। एक ही पटल लंबे अर्से से जमे लिपिक विभाग को अपने हिसाब से चला रहे हैं। कहा गया था कि जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में 17 लिपिक तैनात है लेकिन पांच ही सारा काम देखते हैं। कुछ ऐसे ही हाल चिकित्सा विभाग का भी है। सीएमओ दफ्तर से तो एक लिपिक को डाक्टर से घूस लेते हुए भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने रंगेहाथ पकड़ा था। जलालपुर ट्रामा सेंटर में मनमाने तरीके से दस से अधिक नियुक्तियां की गई हैं। बीएसए कार्यालय के एक लिपिक के खाते में करोड़ों की रकम मिली थी।
एक ही पटल पर लंबे समय से जमे कुछ लिपिकों की शिकायतें जनप्रतिनिधियों से मिली है। इस मामले में गोपनीय तरीके से साक्ष्य एकत्रित कराए जा रहे हैं। संबंधित विभागों के अफसरों को भी ऐसे लिपिकों पर नजर रखने और सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है।-अरविंद मलप्पा बंगारी, डीएम
जिला विद्यालय निरीक्षक, बीएसए, सीएमओ, कलेक्ट्रेट, परिवहन, कृषि, लेखपाल, डीपीआरओ, डीएसओ, एफसीआई, पीडब्लूडी, आरईएस के लिपिकों के बारे में जानकारी मांगी है। पिछले दिनों पीडब्लूडी के डाक बंगले पर मंत्री, सांसद, विधायक और भाजपा के पदाधिकारियों ने अफसरों के संग बैठक की थी। तब कहा गया था कि विभिन्न विभागों में भ्रष्टाचार की शिकायत चौपाल में लोगों ने की है। कई विभागों में लिपिक मनमानी कर रहे हैं, चौपाल में इसकी शिकायतें आई हैं। एक ही पटल लंबे अर्से से जमे लिपिक विभाग को अपने हिसाब से चला रहे हैं। कहा गया था कि जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में 17 लिपिक तैनात है लेकिन पांच ही सारा काम देखते हैं। कुछ ऐसे ही हाल चिकित्सा विभाग का भी है। सीएमओ दफ्तर से तो एक लिपिक को डाक्टर से घूस लेते हुए भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने रंगेहाथ पकड़ा था। जलालपुर ट्रामा सेंटर में मनमाने तरीके से दस से अधिक नियुक्तियां की गई हैं। बीएसए कार्यालय के एक लिपिक के खाते में करोड़ों की रकम मिली थी।
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एक ही पटल पर लंबे समय से जमे कुछ लिपिकों की शिकायतें जनप्रतिनिधियों से मिली है। इस मामले में गोपनीय तरीके से साक्ष्य एकत्रित कराए जा रहे हैं। संबंधित विभागों के अफसरों को भी ऐसे लिपिकों पर नजर रखने और सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है।-अरविंद मलप्पा बंगारी, डीएम
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