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गर्मी की छुट्टी खत्म, स्कूलों में लौटी रौनक
Updated Tue, 03 Jul 2018 12:48 AM IST
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जौनपुर। गर्मी की छुट्टियां समाप्त होने के बाद सोमवार को खुले स्कूलों में रौनक छा गई। सुबह स्कूल खुलने व दोपहर को छुट्टी के बाद सड़कों पर भी काफी भीड़ रही। सुबह कुछ बच्चे टोलियों में स्कूल पहुंचे तो कुछ अपने अभिभावकों के साथ स्कूल पहुंचे।
महीने भर बाद स्कूल खुलते ही स्कूलों में भीड़भाड़ दिखी। सुबह से ही अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने की ड्यूटी पर तैनात रहे। बस स्टाप पर भी सुबह स्कूली बच्चों की भीड़ नजर आई। कई दिनों से सूने पड़े स्कूलों में छात्रों के आने के कारण चहल-पहल बढ़ गई और अलग ही रौनक नजर आई। स्कूलों में बच्चों ने गर्मी छुट्टी के दौरान बिताए गए दिनों की यादें अपने सहपाठियों के साथ साझा की। कोई नानी के घर से लौटा था तो कोई पहाड़ी क्षेत्रों का भ्रमण कर आया था। जहां का मौसम बहुत अच्छा होने के कारण गर्मी का कोई एहसास नहीं हुआ। कई बच्चे अपना होम वर्क पूरा नहीं होने पर परेशान भी नजर आए। उन्हें अध्यापकों द्वारा सजा दिए जाने का डर सता रहा था। दोपहर को उमस व गर्मी के कारण विद्यार्थियों के चेहरे मुरझाए हुए नजर आए।
सरकारी स्कूलों में अब तक नहीं पहुंची पूरी किताबें
जौनपुर। नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए तीन माह का समय गुजर चुका है, लेकिन अभी किसी भी सरकारी स्कूल में बच्चों को किताबें उपलब्ध नहीं हो सरी पुस्तकें न पहुचने के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को निशुल्क पुस्तकें मुहैया करवाई जानी है। नियमों के हिसाब से शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही पुस्तकें विद्यार्थियों के हाथों में पहुच जानी चाहिए ताकि वे समय पर अपनी पढ़ाई शुरू कर सकें। गर्मी की छुट्टिया समाप्त होने के बाद जब बच्चे विद्यालयों में पहुचे तो उनको उम्मीद थी कि पुस्तकें मिल जाएंगी। ले िन उनकी उम्मीद पूरी नहीं हो सकी। इससे शिक्षा विभाग की जागरूकता की पोल खुल गई है। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अरविंद शुक्ल ने बताया कि पुस्तकों को लेकर अधिकारियों से संपर्क भी किया गया है, लेकिन बार-बार आश्वासन ही मिले हैं।
महीने भर बाद स्कूल खुलते ही स्कूलों में भीड़भाड़ दिखी। सुबह से ही अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने की ड्यूटी पर तैनात रहे। बस स्टाप पर भी सुबह स्कूली बच्चों की भीड़ नजर आई। कई दिनों से सूने पड़े स्कूलों में छात्रों के आने के कारण चहल-पहल बढ़ गई और अलग ही रौनक नजर आई। स्कूलों में बच्चों ने गर्मी छुट्टी के दौरान बिताए गए दिनों की यादें अपने सहपाठियों के साथ साझा की। कोई नानी के घर से लौटा था तो कोई पहाड़ी क्षेत्रों का भ्रमण कर आया था। जहां का मौसम बहुत अच्छा होने के कारण गर्मी का कोई एहसास नहीं हुआ। कई बच्चे अपना होम वर्क पूरा नहीं होने पर परेशान भी नजर आए। उन्हें अध्यापकों द्वारा सजा दिए जाने का डर सता रहा था। दोपहर को उमस व गर्मी के कारण विद्यार्थियों के चेहरे मुरझाए हुए नजर आए।
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सरकारी स्कूलों में अब तक नहीं पहुंची पूरी किताबें
जौनपुर। नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए तीन माह का समय गुजर चुका है, लेकिन अभी किसी भी सरकारी स्कूल में बच्चों को किताबें उपलब्ध नहीं हो सरी पुस्तकें न पहुचने के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को निशुल्क पुस्तकें मुहैया करवाई जानी है। नियमों के हिसाब से शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही पुस्तकें विद्यार्थियों के हाथों में पहुच जानी चाहिए ताकि वे समय पर अपनी पढ़ाई शुरू कर सकें। गर्मी की छुट्टिया समाप्त होने के बाद जब बच्चे विद्यालयों में पहुचे तो उनको उम्मीद थी कि पुस्तकें मिल जाएंगी। ले िन उनकी उम्मीद पूरी नहीं हो सकी। इससे शिक्षा विभाग की जागरूकता की पोल खुल गई है। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अरविंद शुक्ल ने बताया कि पुस्तकों को लेकर अधिकारियों से संपर्क भी किया गया है, लेकिन बार-बार आश्वासन ही मिले हैं।
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