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निजामाबाद कोतवाल को कोर्ट ने लिया कस्टडी में
Updated Sat, 30 Jun 2018 12:24 AM IST
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जौनपुर। सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के एनडीपीएस एक्ट के मुकदमे में गवाही देने नहीं आने पर कोर्ट ने आजमगढ़ जिले के निजामाबाद के कोतवाल भास्कर चंद्र द्विवेदी को कस्टडी में ले लिया। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम ने उन्हें कस्टडी में लेने का आदेश दिया।
कोर्ट के आदेश पर कोतवाल को घंटे भर कटघरे में खड़ा रखा गया। उनके लिखित माफी मांगने व भविष्य में ऐसी गलती न करने पर कोर्ट ने उन्हें छोड़ा। तब उनका बयान दर्ज हुआ।
सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के कुत्तूपुर तिराहा पर 14 फरवरी 2009 की शाम चंद्र भास्कर द्विवेदी व अन्य पुलिसकर्मियों ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी अखिलेश व अन्य आरोपियों को 152 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार किया। एसआई परमहंस के बोलने पर चंद्र भास्कर ने फर्द लिखा था। मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इसी फर्द को साबित करने के लिए कोर्ट द्वारा बार-बार नोटिस वारंट भेजा जा रहा था। कोर्ट में गवाही देने के लिए कई तरीखों से उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जा रहा था फिर भी वह नहीं आए। उनका वेतन रोकने का कोर्ट ने आदेश दिया। वेतन रुका तब वह कोर्ट में हाजिर हुए जिस पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें कस्टडी में रखा।
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कोर्ट के आदेश पर कोतवाल को घंटे भर कटघरे में खड़ा रखा गया। उनके लिखित माफी मांगने व भविष्य में ऐसी गलती न करने पर कोर्ट ने उन्हें छोड़ा। तब उनका बयान दर्ज हुआ।
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सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के कुत्तूपुर तिराहा पर 14 फरवरी 2009 की शाम चंद्र भास्कर द्विवेदी व अन्य पुलिसकर्मियों ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी अखिलेश व अन्य आरोपियों को 152 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार किया। एसआई परमहंस के बोलने पर चंद्र भास्कर ने फर्द लिखा था। मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इसी फर्द को साबित करने के लिए कोर्ट द्वारा बार-बार नोटिस वारंट भेजा जा रहा था। कोर्ट में गवाही देने के लिए कई तरीखों से उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जा रहा था फिर भी वह नहीं आए। उनका वेतन रोकने का कोर्ट ने आदेश दिया। वेतन रुका तब वह कोर्ट में हाजिर हुए जिस पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें कस्टडी में रखा।
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