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नगरपालिका के पास नहीं है कूड़ा निस्तारण की जगह
Updated Fri, 29 Jun 2018 12:32 AM IST
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जौनपुर। नगरपालिका परिषद जौनपुर के पास कूड़ा निस्तारण के लिए कोई समुचित स्थान नहीं है। सड़क किनारे कूंड़ा डंप किया जा रहा है। अफसर भी मानते हैं कि सड़कों के किनारे कूड़ा डंप करना उनकी मजबूरी है। प्रतिदिन 82 मिट्रिक टन कचरा उत्सर्जित करने वाले इस शहर में सड़कों के किनारे कई जगह कचरों का पहाड़ बनता जा रहा है। हालात यही रहे तो आने वाले समय में इसके गंभीर परिणाम जनता को भुगतना पड़ेगा।
शहर से निकलने वाला कचरा निस्तारण के लिए वर्ष 2008 में सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की बुनियाद रखी गई थी, जो 10 साल बाद भी पूरा नहीं हो सका। सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट चालू होने पर शहर को इस समस्या से निजात मिल जाती। शहर से कोई आठ किलोमीटर दूर कुल्हनामऊ गांव के पास सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की बुनियाद वर्ष 2008 में रखी गई थी। 12 करोड़ की लागत से बनने वाला प्लांट चालू होने पर प्रतिदिन 100 मीट्रिक टन से अधिक कचरे का निस्तारण हो सकता है लेकिन बुनियाद रखने के 10 साल बाद यह महत्वाकांक्षी परियोजना पूरी नहीं हो सकी। शुरुआत के दो से तीन साल तक यह परियोजना जमीन विवाद में फंसी रही। बाद में किसी तरह विवाद निबटा तो निर्माण कराने वाली गुड़गांव की फर्म ए-टू-जेड ने पुरानी दर पर काम करने से हाथ खड़े कर दिए। अब जाकर कार्यदायी संस्था सीएनडीएस ने दावा किया है कि बजट को लेकर फर्म से विवाद खत्म हो गया है। शीघ्र ही काम शुरू करा दिया जाएगा।
जौनपुर। सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट कचरों से निकलने वाले प्लास्टिक का भी निस्तारण हो जाएगा। इस प्लांट में प्लास्टिक की री साइकिलिंग की व्यवस्था होगी। सभी प्रकार के प्लास्टिक को गलाकर उसे किसी न किसी रूप में फिर से इस्तेमाल के लिए तैयार कर दिया जाएगा। इसके अलावा, गीले कचरे से उर्वरक तैयार होगी। इसका इस्तेमाल कृषि कार्य के लिए किया जाएगा।
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जौनपुर। नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी कृष्णचंद्र की माने तो 82 मीट्रिक टन कचरा पुराने 31 वार्डों से निकलता है। जबकि इस बार आठ नए वार्ड शहर में शामिल हो गए हैं। जहां अभी सफाई की व्यवस्था नहीं हो सकी है। 62 वर्ग किलोमीटर में फैले इस पूरे शहर में सफाई शुरू होने पर कूड़े की मात्रा बढ़ जाएगी। ऐसे में समस्या और भी गंभीर हो सकती है।
सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का निर्माण पुरानी दर पर ही कराने के लिए निर्माण कराने वाली फर्म तैयार हो गई है। काम भी शुरू हो गया है। जनवरी 2019 तक निर्माण पूरा करा लिया जाएगा। प्रोजेक्ट मैनेजर, सीएनडीएस
शहर के अंदर कहीं भी ऐसी खाली जगह नहीं है जहां कूड़ा निस्तारित किया जा सके। कुल्हनामऊ में बन रहा सालिड मैनेजमेंट प्लांट के तैयार होने पर इस समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। - कृष्ण चंद्र, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका परिषद जौनपुर
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शहर से निकलने वाला कचरा निस्तारण के लिए वर्ष 2008 में सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की बुनियाद रखी गई थी, जो 10 साल बाद भी पूरा नहीं हो सका। सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट चालू होने पर शहर को इस समस्या से निजात मिल जाती। शहर से कोई आठ किलोमीटर दूर कुल्हनामऊ गांव के पास सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की बुनियाद वर्ष 2008 में रखी गई थी। 12 करोड़ की लागत से बनने वाला प्लांट चालू होने पर प्रतिदिन 100 मीट्रिक टन से अधिक कचरे का निस्तारण हो सकता है लेकिन बुनियाद रखने के 10 साल बाद यह महत्वाकांक्षी परियोजना पूरी नहीं हो सकी। शुरुआत के दो से तीन साल तक यह परियोजना जमीन विवाद में फंसी रही। बाद में किसी तरह विवाद निबटा तो निर्माण कराने वाली गुड़गांव की फर्म ए-टू-जेड ने पुरानी दर पर काम करने से हाथ खड़े कर दिए। अब जाकर कार्यदायी संस्था सीएनडीएस ने दावा किया है कि बजट को लेकर फर्म से विवाद खत्म हो गया है। शीघ्र ही काम शुरू करा दिया जाएगा।
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जौनपुर। सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट कचरों से निकलने वाले प्लास्टिक का भी निस्तारण हो जाएगा। इस प्लांट में प्लास्टिक की री साइकिलिंग की व्यवस्था होगी। सभी प्रकार के प्लास्टिक को गलाकर उसे किसी न किसी रूप में फिर से इस्तेमाल के लिए तैयार कर दिया जाएगा। इसके अलावा, गीले कचरे से उर्वरक तैयार होगी। इसका इस्तेमाल कृषि कार्य के लिए किया जाएगा।
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जौनपुर। नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी कृष्णचंद्र की माने तो 82 मीट्रिक टन कचरा पुराने 31 वार्डों से निकलता है। जबकि इस बार आठ नए वार्ड शहर में शामिल हो गए हैं। जहां अभी सफाई की व्यवस्था नहीं हो सकी है। 62 वर्ग किलोमीटर में फैले इस पूरे शहर में सफाई शुरू होने पर कूड़े की मात्रा बढ़ जाएगी। ऐसे में समस्या और भी गंभीर हो सकती है।
सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का निर्माण पुरानी दर पर ही कराने के लिए निर्माण कराने वाली फर्म तैयार हो गई है। काम भी शुरू हो गया है। जनवरी 2019 तक निर्माण पूरा करा लिया जाएगा। प्रोजेक्ट मैनेजर, सीएनडीएस
शहर के अंदर कहीं भी ऐसी खाली जगह नहीं है जहां कूड़ा निस्तारित किया जा सके। कुल्हनामऊ में बन रहा सालिड मैनेजमेंट प्लांट के तैयार होने पर इस समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। - कृष्ण चंद्र, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका परिषद जौनपुर