{"_id":"5b2fe5f94f1c1bc96b8b7fcf","slug":"152986572220373-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सफाई की रैकिंग में गिरा ग्राफ, 373वां मिला स्थान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सफाई की रैकिंग में गिरा ग्राफ, 373वां मिला स्थान
Updated Mon, 25 Jun 2018 12:20 AM IST
विज्ञापन
नाली में कचरा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जौनपुर। स्वच्छता अभियान के शोर के बीच शहर की सफाई की व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। यह बात स्वच्छता सर्वेक्षण में उजागर हुई है। वर्ष 2017 में सफाई के मामले में जौनपुर को देश में 246वां स्थान मिला था। अबकी जिला 373वें स्थान पर पहुंच गया है।
नगर पालिका की नई कार्यकारिणी ने इस साल कार्यभार संभाला। स्थानीय विधायक गिरीशचंद्र यादव नगर विकास राज्यमंत्री बने। इन बातों से लोगों के मन में बुनियादी नागरिक सुविधाएं बेहतर होने की आस जगी थी। मगर स्वच्छता सर्वेक्षण की रिपोर्ट ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक हालात बद से बदतर हुए हैं, न कि बेहतर। शहर में कचरा प्रबंधन का कोई बंदोबस्त नहीं है। नगर पालिका जहां-तहां कूड़ा डंप करता है। गोमती के किनारे कूड़ा फेंका जाता है। शहर में 39 वार्ड है। नगर पालिका प्रशासन का दावा है कि इसमें 28 खुले में शौच मुक्त हो गए हैं। हकीकत यह है कि वहीं भी अभी खुले में शौच बंद नहीं हुआ है। शहर में सीवरेज सिस्टम ही नहीं है। शहर में तकरीबन 100 टन प्रतिदिन कूड़ा निकलता है, जिसके निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है।
पिछली बार शहर की स्वच्छता की परख 15 बिंदुओं पर की गई थी लेकिन अबकी 40 बिंदुओं पर जांच की गई। नदी के किनारे खुले में शौच, कूड़ा निस्तारण प्लांट की व्यवस्था नहीं होने से रैंक नीचे गिरी है। इसमें छुट्टा पशुओं के घूमने, जगह-जगह कूड़े फेंकना, शहरवासियों की सफाई के प्रति जागरूकता और मुहल्लों को ओडीएफ न कर पाने की वजह से रैंकिंग कम हुई है। शहर में सुबह दस बजे तक सफाई होती रहती है। सड़कों पर ही जगह-जगह कूड़ा पड़ा रहता है। न तो इसे उठाने की व्यवस्था समय से होती और न ही लोगों में जागरूकता ही पैदा किया जाता कि वे अपना कूड़ा सड़क पर न फेंके। डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने का अभियान भी फेल हो चुका है। कूड़े के निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। उसे इधर उधर फेंक दिया जाता है। कूड़े की वजह से गोमती नदी भी प्रदूषित हो गई है।
विज्ञापन
शहर के 28 वार्डों को ओडीएफ हो चुके हैं। सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की शुरूआत नहीं होने की वजह से रैंकिंग में कमी आई है। इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण 40 बिंदुओं पर हुआ है। प्रयास होगा कि अगली बार बेहतर प्रदर्शन हो और अच्छी रैंकिंग जौनपुर की आए।-कृष्ण चंद्र, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका
विज्ञापन
नगर पालिका की नई कार्यकारिणी ने इस साल कार्यभार संभाला। स्थानीय विधायक गिरीशचंद्र यादव नगर विकास राज्यमंत्री बने। इन बातों से लोगों के मन में बुनियादी नागरिक सुविधाएं बेहतर होने की आस जगी थी। मगर स्वच्छता सर्वेक्षण की रिपोर्ट ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक हालात बद से बदतर हुए हैं, न कि बेहतर। शहर में कचरा प्रबंधन का कोई बंदोबस्त नहीं है। नगर पालिका जहां-तहां कूड़ा डंप करता है। गोमती के किनारे कूड़ा फेंका जाता है। शहर में 39 वार्ड है। नगर पालिका प्रशासन का दावा है कि इसमें 28 खुले में शौच मुक्त हो गए हैं। हकीकत यह है कि वहीं भी अभी खुले में शौच बंद नहीं हुआ है। शहर में सीवरेज सिस्टम ही नहीं है। शहर में तकरीबन 100 टन प्रतिदिन कूड़ा निकलता है, जिसके निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है।
विज्ञापन
पिछली बार शहर की स्वच्छता की परख 15 बिंदुओं पर की गई थी लेकिन अबकी 40 बिंदुओं पर जांच की गई। नदी के किनारे खुले में शौच, कूड़ा निस्तारण प्लांट की व्यवस्था नहीं होने से रैंक नीचे गिरी है। इसमें छुट्टा पशुओं के घूमने, जगह-जगह कूड़े फेंकना, शहरवासियों की सफाई के प्रति जागरूकता और मुहल्लों को ओडीएफ न कर पाने की वजह से रैंकिंग कम हुई है। शहर में सुबह दस बजे तक सफाई होती रहती है। सड़कों पर ही जगह-जगह कूड़ा पड़ा रहता है। न तो इसे उठाने की व्यवस्था समय से होती और न ही लोगों में जागरूकता ही पैदा किया जाता कि वे अपना कूड़ा सड़क पर न फेंके। डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने का अभियान भी फेल हो चुका है। कूड़े के निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। उसे इधर उधर फेंक दिया जाता है। कूड़े की वजह से गोमती नदी भी प्रदूषित हो गई है।
विज्ञापन
शहर के 28 वार्डों को ओडीएफ हो चुके हैं। सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की शुरूआत नहीं होने की वजह से रैंकिंग में कमी आई है। इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण 40 बिंदुओं पर हुआ है। प्रयास होगा कि अगली बार बेहतर प्रदर्शन हो और अच्छी रैंकिंग जौनपुर की आए।-कृष्ण चंद्र, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका