फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   नदी को बना दिया कूड़ा डम्पिंग जोन

नदी को बना दिया कूड़ा डम्पिंग जोन

Sun, 24 Jun 2018 12:08 AM IST
Updated Sun, 24 Jun 2018 12:08 AM IST
विज्ञापन
नदी को बना दिया कूड़ा डम्पिंग जोन
जौनपुर। आदि गंगा गोमती नदी के किनारे नगर पालिका और लोगों द्वारा घरों का गंदा कूड़ा गिराया जा रहा है। कूड़ा की वजह से नदी के किनारे कूड़ा डंपिंग जोन बन गए हैं। नदी की सफाई तो दूर नगर पालिका कूड़े को भी शहर के बाहर नहीं गिरा रही है। जिसकी वजह से नदी का अस्तित्व संकट में है।
विज्ञापन

हजारों वर्षों से गोमती अपने साथ बालू, मृदा आदि लेकर आती है। बरसात में इसका डिस्चार्ज 100 प्रतिशत बढ़ जाता है। तब अपना भार बाढ़ के डूबे क्षेत्र में छोड़ती हुई नदी आगे बढ़ जाती है। बालू और कंकड़ की इस प्रकार जमा की गई परतें समयोपरांत भूजल का अगाध स्रोत बनती थीं। अफसोस लोगों ने गोमती की कद्र करना छोड़ दिया। उसे मात्र कचरा धोने वाले नाले के समान बना दिया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि नदी में भौतिक, रासायनिक व जैविक प्रक्रियाएं निरतंर चलती रहती है। जो परिस्थितियां सामंजस्य बनाकर रखती हैं। जब उनके मानक का हस्तक्षेप होने लगता है तो संतुलन डगमगा जाता है और नदी अस्वस्थ हो जाती है। सरकार और उसके मंत्रियों से तो गोमती की सफाई का कोई उम्मीद नहीं किया जा सकता लेकिन सरकार के मंत्री कूड़ा गिराने से नगर पालिका को रोक सकते और सीवेज ट्रीटमेंट प्लान लगवा सकते हैं। यही नहीं गोमती के जल को को अशुद्घ होने से बचाने के लिए भी उनके द्वारा प्रयास किया जा सकता है लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है। स्थिति यह है कि जिस गऊ घाट से शहर में जलापूर्ति के लिए गोमती का पानी लिया जाता है। वहीं एक बड़ा गंदा नाला नदी में आकर मिल रहा है। इस घाट पर पानी में आक्सीजन यानी बीओडी का स्तर काफी खराब हो गया है। प्रदूषण चरम पर है। इसका सबसे बड़ा कारण नालों का गिरना है। शहर में तकरीबन 100 टन कूड़ा हर रोज निकलता है। पहले तो यह कूड़ा नदी के किनारे ही फेंक दिया जाता था। इधर इसे आसपास नगर पालिका द्वारा तो फेंका जा रहा है लेकिन लोग अपने घरों का कूड़ा नदी में ही फेंक रहे हैं। जिसकी वजह से नदी कराह रही है और नदी की जीवंतता घट रही है। स्वच्छ गोमती अभियान के अध्यक्ष गौतम गुप्ता का कहना है कि नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए किसी तरह का कोई प्रयास जनप्रतिनिधियों के द्वारा नहीं किया जाना चिंता का विषय है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed