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दस सालों से नहीं हुआ नगर पालिका में ठेकेदारों का रजिस्ट्रेशन
Updated Sat, 09 Jun 2018 12:20 AM IST
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जौनपुर। नगर पालिका परिषद पर 17 ठेकेदारों का कब्जा है। हर काम इन्हीं के जरिए कराया जा रहा है। पिछले एक दशक से किसी नए ठेकेदार की इंट्री नगर पालिका में नहीं हो पाई और न ही पुराने ठेकेदारों के पंजीकरण का नवीनीकरण किया जा रहा है।
नगर पालिका में प्रतिवर्ष करोड़ों का ठेका होता है। इस ठेके को कुछ सीमित ठेकेदार ही नगर पालिका परिषद के अधिकारियों और बोर्ड के लोगों की मिलीभगत से ले लेते हैं। देखा जाए तो कुछ खास लोगों का पूरी ठेकेदारी प्रथा पर कब्जा है। इस कब्जे को बेदखल भाजपा सरकार के एक वर्ष कार्यकाल बीतने के बाद भी नहीं हो सका है। मैनेज टेंडर यहां की परंपरा बन गई है। यह परंपरा टूट नहीं रही है। वैसे तकरीबन एक साल पहले नए ठेकेदारों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हुई थी लेकिन बोर्ड में इसका प्रस्ताव लाकर रोक दिया गया। जिससे नए ठेकेदारों की इंट्री नहीं हो पाई है। पूर्व अध्यक्ष दिनेश टंडन का कहना है कि कुछ नियम और शर्तें हैं जिसकी वजह से नए ठेकेदारों का रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाता है। उधर अधिशासी अधिकारी कृष्ण चंद्र का कहना है कि कितने वर्ष से रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों आवेदन रजिस्ट्रेशन के पड़े हैं। इस पर बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव लाकर निर्णय लिया जाएगा।
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नगर पालिका में प्रतिवर्ष करोड़ों का ठेका होता है। इस ठेके को कुछ सीमित ठेकेदार ही नगर पालिका परिषद के अधिकारियों और बोर्ड के लोगों की मिलीभगत से ले लेते हैं। देखा जाए तो कुछ खास लोगों का पूरी ठेकेदारी प्रथा पर कब्जा है। इस कब्जे को बेदखल भाजपा सरकार के एक वर्ष कार्यकाल बीतने के बाद भी नहीं हो सका है। मैनेज टेंडर यहां की परंपरा बन गई है। यह परंपरा टूट नहीं रही है। वैसे तकरीबन एक साल पहले नए ठेकेदारों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हुई थी लेकिन बोर्ड में इसका प्रस्ताव लाकर रोक दिया गया। जिससे नए ठेकेदारों की इंट्री नहीं हो पाई है। पूर्व अध्यक्ष दिनेश टंडन का कहना है कि कुछ नियम और शर्तें हैं जिसकी वजह से नए ठेकेदारों का रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाता है। उधर अधिशासी अधिकारी कृष्ण चंद्र का कहना है कि कितने वर्ष से रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों आवेदन रजिस्ट्रेशन के पड़े हैं। इस पर बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव लाकर निर्णय लिया जाएगा।
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