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मुकदमों की सुनवाई के दौरान एसडीएम व वकीलों में तीखी झड़प
Updated Tue, 05 Jun 2018 12:20 AM IST
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केराकत। एसडीएम कोर्ट में मुकदमों की सुनवाई के दौरान उस समय हंगामा हो गया जब वकीलों से झड़प होने पर एसडीएम बीच में ही कोर्ट छोड़कर चले गए। एसडीएम के रवैये से नाराज वकीलों ने कहा कि मंगलवार को मीटिंग कर आगे का निर्णय लेंगे।
सोमवार को केराकत तहसील में एसडीएम मंगलेश दूबे अपने कोर्ट में मुकदमों की सुनवाई कर रहे थे। उनके कोर्ट में 94 फाइल सुनवाई के लिये लगी थी जब 70वां नंबर चल रहा था। बीच में लगभग 30 से ज्यादा मुकदमों में पुकार में कोई हाजिर न होने से एसडीएम ने पुकार करवा कर अलग रख दिया था। वकीलों की मांग थी चूँकि वे पुकार के समय दूसरी अदालत नायब तहसीलदार बयालीसी के अदालत में व्यस्त थे। इसलिए पुन: पुकार कर सुनवाई कराई जाय। एसडीएम ने उन मुकदमों की सुनवाई से इंकार कर दिया। इसी बात पर अधिवक्ता भड़क गए और एसडीएम पर तानाशाही रवैये का आरोप लगाकर हंगामा करने लगे। हंगामे के दौरान एसडीएम बीच में ही कोर्ट छोड़ कर चले गए। उधर कोर्ट में बार- बेंच के बीच की यह झड़प देख वादी, प्रतिवादी हैरान रह गए। तहसील बार संघ के महामंत्री हरेंद्र यादव ने कहा कि एसडीएम व्यावहारिक दिक्कतें न देख मुकदमों को खारिज कर रहे थे जो तानाशाही भरा रवैया है। मंगलवार को अधिवक्ता बैठककर आगे का निर्णय लेंगे। वहीं एसडीएम मंगलेश दूबे का कहना है कि अधिवक्ता अपनी इच्छा अनुसार कोर्ट चलाना चाहते हैं जो संभव नहीं है।
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सोमवार को केराकत तहसील में एसडीएम मंगलेश दूबे अपने कोर्ट में मुकदमों की सुनवाई कर रहे थे। उनके कोर्ट में 94 फाइल सुनवाई के लिये लगी थी जब 70वां नंबर चल रहा था। बीच में लगभग 30 से ज्यादा मुकदमों में पुकार में कोई हाजिर न होने से एसडीएम ने पुकार करवा कर अलग रख दिया था। वकीलों की मांग थी चूँकि वे पुकार के समय दूसरी अदालत नायब तहसीलदार बयालीसी के अदालत में व्यस्त थे। इसलिए पुन: पुकार कर सुनवाई कराई जाय। एसडीएम ने उन मुकदमों की सुनवाई से इंकार कर दिया। इसी बात पर अधिवक्ता भड़क गए और एसडीएम पर तानाशाही रवैये का आरोप लगाकर हंगामा करने लगे। हंगामे के दौरान एसडीएम बीच में ही कोर्ट छोड़ कर चले गए। उधर कोर्ट में बार- बेंच के बीच की यह झड़प देख वादी, प्रतिवादी हैरान रह गए। तहसील बार संघ के महामंत्री हरेंद्र यादव ने कहा कि एसडीएम व्यावहारिक दिक्कतें न देख मुकदमों को खारिज कर रहे थे जो तानाशाही भरा रवैया है। मंगलवार को अधिवक्ता बैठककर आगे का निर्णय लेंगे। वहीं एसडीएम मंगलेश दूबे का कहना है कि अधिवक्ता अपनी इच्छा अनुसार कोर्ट चलाना चाहते हैं जो संभव नहीं है।
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