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डाक्टर और इंजीनियर बनने की तरफ छात्रों का झुकाव
Updated Thu, 31 May 2018 12:47 AM IST
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जौनपुर। यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड परीक्षाओं का रिजल्ट घोषित हो चुका है। अधिकांश छात्रों ने डाक्टर, इंजीनियर बनने का सपना संजोये है तो कुछ छात्र प्रशासनिक सेवा में जाना चाहते हैं। बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर अंक पाने वाले अधिकांश छात्रों की स्नातक की पढ़ाई करने की बजाय उनका झुकाव तैयारी की तरफ अधिक हैं। रिजल्ट घोषित होने के बाद टापरों से हुई बातचीत के दौरान यह बात सामने आई की जो छात्र बेहतर अंक से पास हुए हैं वह रेगुलर पढ़ाई करने के अलावा तैयारी कर डाक्टर, इंजीनियर बनने के साथ प्रशासनिक सेवा की तरफ जाना चाहते हैं।
इंजीनियरिंग की तरफ छात्रों का झुकाव अधिक देखा जा रहा है। बेहतर अंक पाने वाले छात्र आईआईटी की तैयारी को विशेष प्राथमिकता दे रहे हैं। कुछ छात्र डाक्टर और इंजीनियर बनने के साथ प्रशासनिक सेवा की तैयारी करने की योजना बना चुके हैं। यूपी बोर्ड की परीक्षा में कुल 204418 छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे। इसमें हाईस्कूल के 110539 और इंटरमीडिएट परीक्षा में 93879 छात्र परीक्षा में बैठे थे। इसी प्रकार सीबीएसई की परीक्षा में 6936 छात्र शामिल हुए थे। इसमें हाईस्कूल के 4448 और इंटरमीडिएट के 2488 छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे। आईसीएसई की परीक्षा में 150 छात्र शामिल हुए थे। सीबीएसई के इंटरमीडिएट का रिजल्ट 85 फीसदी रहा। जबकि हाईस्कूल का रिजल्ट 90 फीसदी रहा। इसमें 25 से 30 फीसदी छात्र ऐसे हैं जो रेगुलर शिक्षा के बजाय तैयारी को प्राथमिकता दे रहे हैं। अधिकांश छात्रों ने तो बोर्ड परीक्षा खत्म होने के बाद ही कोचिंग संस्थानों में दाखिला करा लिया था।
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध जिले के वित्तपोषित कालेजों में दाखिला को लेकर अधिक दबाव है। सबसे बडे़ टीडी कालेज में करीब 3424 सीटों पर दाखिला होना है। इसी प्रकार राजा श्रीकृष्ण दत्त पीजी कालेज में 1320, कुटीर पीजी कालेज चक्के में 727, नागरिक पीजी कालेज जंघई में 2272, सल्नत बहादुर पीजी कालेज बदलापुर में 1006, श्रीगांधी स्मारक पीजी कालेज समोधपुर में 664, बयालसी डिग्री कालेज में 492, जीबी पंत पीजी कालेज प्रतापगंज में 635, राजकीय कालेज मुफ्तीगंज में 364, रामअवध गन्ना कृषक पीजी कालेज 420 और सहकारी पीजी कालेज मिहरावां में 325 सीटों पर दाखिला होना है।
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इंजीनियरिंग की तरफ छात्रों का झुकाव अधिक देखा जा रहा है। बेहतर अंक पाने वाले छात्र आईआईटी की तैयारी को विशेष प्राथमिकता दे रहे हैं। कुछ छात्र डाक्टर और इंजीनियर बनने के साथ प्रशासनिक सेवा की तैयारी करने की योजना बना चुके हैं। यूपी बोर्ड की परीक्षा में कुल 204418 छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे। इसमें हाईस्कूल के 110539 और इंटरमीडिएट परीक्षा में 93879 छात्र परीक्षा में बैठे थे। इसी प्रकार सीबीएसई की परीक्षा में 6936 छात्र शामिल हुए थे। इसमें हाईस्कूल के 4448 और इंटरमीडिएट के 2488 छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे। आईसीएसई की परीक्षा में 150 छात्र शामिल हुए थे। सीबीएसई के इंटरमीडिएट का रिजल्ट 85 फीसदी रहा। जबकि हाईस्कूल का रिजल्ट 90 फीसदी रहा। इसमें 25 से 30 फीसदी छात्र ऐसे हैं जो रेगुलर शिक्षा के बजाय तैयारी को प्राथमिकता दे रहे हैं। अधिकांश छात्रों ने तो बोर्ड परीक्षा खत्म होने के बाद ही कोचिंग संस्थानों में दाखिला करा लिया था।
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जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध जिले के वित्तपोषित कालेजों में दाखिला को लेकर अधिक दबाव है। सबसे बडे़ टीडी कालेज में करीब 3424 सीटों पर दाखिला होना है। इसी प्रकार राजा श्रीकृष्ण दत्त पीजी कालेज में 1320, कुटीर पीजी कालेज चक्के में 727, नागरिक पीजी कालेज जंघई में 2272, सल्नत बहादुर पीजी कालेज बदलापुर में 1006, श्रीगांधी स्मारक पीजी कालेज समोधपुर में 664, बयालसी डिग्री कालेज में 492, जीबी पंत पीजी कालेज प्रतापगंज में 635, राजकीय कालेज मुफ्तीगंज में 364, रामअवध गन्ना कृषक पीजी कालेज 420 और सहकारी पीजी कालेज मिहरावां में 325 सीटों पर दाखिला होना है।
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