{"_id":"5b030f544f1c1bd7408b6d4e","slug":"15269271834-jaunpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रमजान के महीने में बच्चे भी कर रहे कोरआन की तिलावत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रमजान के महीने में बच्चे भी कर रहे कोरआन की तिलावत
Updated Mon, 21 May 2018 11:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जौनपुर। रमजान के मुबारक महीने में बड़ों के साथ बच्चे भी कुरान शरीफ की तिलावत कर रहे हैं। मस्जिदों में भी खासी रौनक है। मुस्लिम क्षेत्रों में भी खासी चहल-पहल है। नगर के मुहल्ला मीरमस्त, पुरानी बाजार, नवाब यूसुफ रोड, बलुआ घाट, बेगमगंज, लाल दरवाजा, हमाम दरवाजा, बड़ी मस्जिद आदि इलाकों में सहरी के चलते तड़के ही रौनक दिखाई देती है।
सेवइयों, फैनी तथा खजूर की जमकर खरीदारी हो रही है। रोजा इफ्तार दावतों में हिन्दू, मुस्लिम मिलकर शिरकत कर रहे हैं। नगर के नवाब साहब हाता स्थित मदीना मस्जिद में मौलाना कयामुद्दीन, मौलाना मो. साद, मौलाना हसीन जौनपुरी के साथ बच्चे भी कुरान शरीफ की तिलावत कर रहे हैं। कुरान की तिलावत तो वैसे हर महीने में होती है लेकिन रमजान के महीने में इसकी अहमियत बढ़ जाती है। रमजानुल मुबारक महीने में कुरान नाजिल हुई थी। कुरान की तिलावत करने से रोजेदारों की भूख प्यास मिट जाती है। पता नहीं चलता और समय बीत जाता है। मस्जिदों और मदरसों में बच्चे कुरान पढ़ रहे हैं। इससे उन्हें सवाब के साथ तालीम भी मिल रही है।
इनसेट
हर मुसलमान पर रोजा फर्ज है। रोजा रखना इबादत है। घर-परिवार में सुकून के लिए सबको रोजा रखना चाहिए। रोजे के दौरान जितना ज्यादा इबादत करेंगे, उतना ही अल्लाह का करम होगा। जिंदगी में हम ईमान को कायम रखेंगे तो ही जन्नत नसीब होगी। इसलिए हमें ईमान को मजबूत करना है। - मौलाना कयामुद्दीन
विज्ञापन
इनसेट
रमाजन का महीना नेकियां कमाने का मौका देता है। इस महीने में जकात व फितरे का हुक्म आया है। जान और माल के नाम पर किया जाने वाला दान हमारी जिंदगी को बेहतरीन बनाता है। मैं कई वर्षों से रोजा रख रहा हूं। रोजा रखकर बड़ा सुकून मिलता है। - आशिफ मंसूरी
विज्ञापन
सेवइयों, फैनी तथा खजूर की जमकर खरीदारी हो रही है। रोजा इफ्तार दावतों में हिन्दू, मुस्लिम मिलकर शिरकत कर रहे हैं। नगर के नवाब साहब हाता स्थित मदीना मस्जिद में मौलाना कयामुद्दीन, मौलाना मो. साद, मौलाना हसीन जौनपुरी के साथ बच्चे भी कुरान शरीफ की तिलावत कर रहे हैं। कुरान की तिलावत तो वैसे हर महीने में होती है लेकिन रमजान के महीने में इसकी अहमियत बढ़ जाती है। रमजानुल मुबारक महीने में कुरान नाजिल हुई थी। कुरान की तिलावत करने से रोजेदारों की भूख प्यास मिट जाती है। पता नहीं चलता और समय बीत जाता है। मस्जिदों और मदरसों में बच्चे कुरान पढ़ रहे हैं। इससे उन्हें सवाब के साथ तालीम भी मिल रही है।
विज्ञापन
इनसेट
हर मुसलमान पर रोजा फर्ज है। रोजा रखना इबादत है। घर-परिवार में सुकून के लिए सबको रोजा रखना चाहिए। रोजे के दौरान जितना ज्यादा इबादत करेंगे, उतना ही अल्लाह का करम होगा। जिंदगी में हम ईमान को कायम रखेंगे तो ही जन्नत नसीब होगी। इसलिए हमें ईमान को मजबूत करना है। - मौलाना कयामुद्दीन
विज्ञापन
इनसेट
रमाजन का महीना नेकियां कमाने का मौका देता है। इस महीने में जकात व फितरे का हुक्म आया है। जान और माल के नाम पर किया जाने वाला दान हमारी जिंदगी को बेहतरीन बनाता है। मैं कई वर्षों से रोजा रख रहा हूं। रोजा रखकर बड़ा सुकून मिलता है। - आशिफ मंसूरी