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एक लाख 59 हजार 121 हेक्टेयर में होगी धान की खेती

Thu, 17 May 2018 12:24 AM IST
Updated Thu, 17 May 2018 12:24 AM IST
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एक लाख 59 हजार 121 हेक्टेयर में होगी धान की खेती
जौनपुर। अबकी जिले में दो लाख 29 हजार 217 हेक्टेयर में खरीफ की खेती करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें एक लाख 59 हजार 121 हेक्टेयर में धान की खेती की जाएगी। नर्सरी डालने के लिए कृषि विभाग ने 576 क्विंटल धान का बीज मंगाया है जबकि 800 क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अलावा सिर्फ 60 क्विंटल उड़द का भी बीज मंगाया गया। शेष बचे फसलों के बीजों को अभी तक नहीं मंगाया गया है।
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जिले में कुल छह लाख 55 हजार किसान हैं। तीन लाख 99 हजार 713 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि है। इससे कृषि विभाग द्वारा इस साल दो लाख 29 हजार 217 हेक्टेयर खेत में खरीफ की खेती होनी है। इसमें एक 59 हजार 121हेक्टेयर में धान, 47 हजार 130 हेक्टेयर में मक्का, तीन हजार 12 हेक्टेयर में ज्वार, चार हजार 947 हेक्टेयर में बाजरा, पांच हजार 678 हेक्टेयर में उर्द, नौ हेक्टेयर में मूंग, आठ हजार 745हेक्टेयर में अरहर और 575 हेक्टेयर में तिल की खेती करने का लक्ष्य रखा गया है। खेती करने का लक्ष्य पूरा हो सके। इसके लिए विभाग भी तैयारी कर चुका है। विभाग द्वारा कि प्राथमिकता के तौर पर धान व उर्द का बीज मंगा लिया गया है। जिसमें 800 कुंतल लक्ष्य के सापेक्ष 576 कुंतल धान का बीज और 10 कुंतल लक्ष्य के सापेक्ष 69 कुंतल उर्द का बीज विभाग द्वारा मंगाया गया है। जिसे सभी 21 राजकीय बीज भंडारों पर किसानों को वितरित करने के लिए भेज दिया गया है। वहीं मक्का, ज्वार, बाजरा, अरहर, मूंग व तिल का बीज नहीं मंगाया गया है।
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कैसे डाले धान की नर्सरी
जौनपुर। कृषि विज्ञान केंद्र बक्शा के वैज्ञानिक डा.संदीप कुमार ने बताया कि 20 मई तक धान की नर्सरी डालने का उचित समय है। किसान 40 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर खेत की दर से नर्सरी डाले। नर्सरी डालने से पहले पानी भरकर खेत की तीन -चार बार जुताई कर दें। अंतिम जुताई के दौरान किसान गोबर व थोड़ी मात्रा में डीएपी डालकर पाटा चलवा दें। नर्सरी में डालने के पहले 20 से 24 घंटे तक पानी में बीज को भीगों दें। बीज भीगोने के साथ ही पानी में उसमें स्ट्रेप्टोसाइक्लिन मिला दें। इस डेढ़ ग्राम स्ट्रेप्टोसाइक्लिन प10 लीटर पानी की दर से मिलाना है। इसमें 15 किग्रा बीज भीगों दे। बीज को निकालने के बाद उसे छाया में रख दें। बीज भरभरा होने के बाद उसमें कार्वेंडाजीम व मैंको जेब मिलाकर छिट दें। एक ग्राम कार्वेंडाजीम व मैंको जेब प्रति किग्रा बीज की दर से मिला दें।
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जिले में 576 कुंतल धान व 60 कुंतल उड़द का बीज मंगा कर सरकारी बीज गोदामों पर भेज दिया गया है। धान के बीज पर 1400 रुपये प्रति बोरी अनुदान है। किसान सरकारी बीज गोदामों से धान व उर्द का बीज प्राप्त कर सकते हैं।जिले में दो लाख 29 हजार 217 हेक्टेयर में खरीफ की खेती करने का लक्ष्य है। जिसमें एक लाख 59 हजार 121 हेक्टेयर में होगी धान की खेती करने का लक्ष्य है।- अमित कुमार चौबे, जिला कृषि अधिकारी
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