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पूविवि शिक्षणेतर कर्मचारी संघ ने किया प्रदर्शन
Updated Thu, 03 May 2018 12:44 AM IST
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करंजाकला। राज्य वश्विविद्यालय कर्मचारी महासंघ के निर्देश पर बुधवार को वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने 12 सूत्रीय मांगों को लेकर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक गेट पर प्रदर्शन किया।
कर्मचारी संघ के प्रदेश मंत्री राजेश सिंह व कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अमलदार यादव ने कहा कि कर्मचारी हित के लिए लड़ाई लड़ी जाएगी। कर्मचारी नवीन अंश दाई पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए। विश्वविद्यालय में कार्यरत कर्मचारियों के सेवा निवृत्त के उपरांत अवकाश खाते में जमा अवकाश के बदले कर्मचारियों को 300 दिवसों का अवकाश नगदी करण का भुगतान किया जाए। राज्य विश्वविद्यालय के कर्मचारियों की अधिवर्षिता आयु 62 वर्ष किया जाए। समूह ग के रिक्त पदों को आयोग द्वारा भरे जाने की संबंध में निर्गत शासनादेश का अनुपालन किया जाए। राज्य कर्मचारियों की भांति विवि के कर्मचारियों को भी चिकित्सा प्रतिपूर्ति प्रदान किया जाए। तृतीय श्रेणी के लिपिक वर्ग के ढांचे को फिर से गठित किया जाए। कनिष्ठ सहायक, वरिष्ठ सहायक, प्रधान सहायक, प्रशासनिक अधिकारी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी का दर्जा दिया जाए। विश्वविद्यालय कार्य परिषद, प्रवेश समिति के साथ सभी समितियों में कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व निश्चित किया जाए। इस मौके पर डा. स्वतंत्र कुमार, अभय सिंह, कपिल त्यागी आदि मौजूद रहे।
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कर्मचारी संघ के प्रदेश मंत्री राजेश सिंह व कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अमलदार यादव ने कहा कि कर्मचारी हित के लिए लड़ाई लड़ी जाएगी। कर्मचारी नवीन अंश दाई पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए। विश्वविद्यालय में कार्यरत कर्मचारियों के सेवा निवृत्त के उपरांत अवकाश खाते में जमा अवकाश के बदले कर्मचारियों को 300 दिवसों का अवकाश नगदी करण का भुगतान किया जाए। राज्य विश्वविद्यालय के कर्मचारियों की अधिवर्षिता आयु 62 वर्ष किया जाए। समूह ग के रिक्त पदों को आयोग द्वारा भरे जाने की संबंध में निर्गत शासनादेश का अनुपालन किया जाए। राज्य कर्मचारियों की भांति विवि के कर्मचारियों को भी चिकित्सा प्रतिपूर्ति प्रदान किया जाए। तृतीय श्रेणी के लिपिक वर्ग के ढांचे को फिर से गठित किया जाए। कनिष्ठ सहायक, वरिष्ठ सहायक, प्रधान सहायक, प्रशासनिक अधिकारी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी का दर्जा दिया जाए। विश्वविद्यालय कार्य परिषद, प्रवेश समिति के साथ सभी समितियों में कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व निश्चित किया जाए। इस मौके पर डा. स्वतंत्र कुमार, अभय सिंह, कपिल त्यागी आदि मौजूद रहे।
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